छह महीने की सड़क, पहली बारिश में ढेर, घटिया निर्माण की बहती कहानी राजस्थान के झुंझुनूं से आया सामने
Rajasthan Jhunjhunu road collapse: राजस्थान में विकास की नई इबारत लिखने के दावे भले ही सरकार बार-बार करती हो, लेकिन हकीकत ज़मीन पर कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। झुंझुनूं जिले में एक नवनिर्मित राज्य राजमार्ग उद्घाटन की प्रतीक्षा में था, लेकिन उससे पहले ही वो पानी के तेज बहाव में बह गया। यह सड़क महज़ छह महीने पहले बनी थी, ताकि बाघुली और जहाज जैसे ग्रामीण इलाकों को नेशनल हाईवे-52 से जोड़ा जा सके। लेकिन रविवार को हुई मात्र 86 मिमी बारिश ने इस 'विकास' की पोल खोल दी।
जिस सड़क पर जनता की गाढ़ी कमाई के करोड़ों रुपये खर्च हुए, वह कुछ घंटों की बारिश और कातली नदी के बहाव को भी नहीं झेल सकी। सवाल उठता है कि क्या ये सड़क विकास की मिसाल थी, या भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण सामग्री का नमूना? क्या इसे जल्दबाज़ी में केवल कागजों पर मजबूत दिखाने के लिए तैयार किया गया था?

क्या है मामला?
झुंझुनू जिले में तेज बारिश के बाद कातली नदी का उफान इतना बढ़ गया कि उसकी धारा ने एक नवनिर्मित राज्य राजमार्ग को ही बहा दिया। यह हादसा उदयपुरवाटी क्षेत्र के बाघुली गांव के पास हुआ, जहां कातली नदी का बहाव तेज हो गया और वह सड़क से टकराकर उसका एक बड़ा हिस्सा अपने साथ बहा ले गई। इस सड़क का निर्माण महज़ छह महीने पहले ही हुआ था और इसका उद्घाटन अभी तक नहीं हुआ था।
कातली एक मौसमी नदी है, जो सीकर, झुंझुनूं और चूरू जिलों से होकर गुजरती है। हाल के वर्षों में इस नदी पर अतिक्रमण और अवैध खनन तेजी से बढ़ा है, जिससे नदी का प्राकृतिक प्रवाह बाधित हो गया है। हालांकि राज्य प्रशासन ने अवैध बालू-बजरी खनन और अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान भी चलाया था, लेकिन यह स्पष्ट है कि प्रयास पर्याप्त नहीं रहे।
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86 मिमी बारिश में ही तबाही
रविवार को हुई करीब 86 मिमी बारिश के बाद कातली नदी में जलस्तर अचानक बढ़ा और बहाव इतना तेज हो गया कि सड़क का हिस्सा ही बह गया। इस घटना के बाद बाघुली और जहाज गांव के लोग बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे। उन्होंने इसका वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया, जो बाद में वायरल हो गया। एक वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि सड़क धंसने के साथ ही एक बिजली का खंभा भी पानी में समा गया।
6 महीने हुआ था निर्माण
इस राज्य राजमार्ग का निर्माण छह महीने पहले ही हुआ था ताकि बाघुली और जहाज गांवों को नेशनल हाईवे 52 से जोड़ा जा सके, जो झुंझुनूं और सीकर की ओर जाता है। इस घटना ने सड़क निर्माण में उपयोग किए गए सामग्री की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) की एक टीम जल्द ही मौके का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंप सकती है।
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