Rajasthan Blood Game: इंसान बना हैवान, 25 कुत्तों का कत्लेआम! सड़कों पर बंदूक लिए कौन बना मौत का दूसरा नाम?
Rajasthan Blood Game: राजस्थान के झुंझुनू जिले के कुमावास गांव में इंसानियत को शर्मसार करने वाली घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया है। यहां एक शख्स बेजुबानों के खून का प्यासा हो गया। सड़कों पर बंदूक थामकर घुमंतू बना, एक के बाद एक 25 से ज्यादा आवारा कुत्तों को गोलियों से भून डाला।
घटना नवलगढ़ थाना क्षेत्र में हुई इस खौफनाक वारदात का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें सड़कों पर खून से सने कुत्तों के शव बिखरे पड़े हैं। यह दिल दहलाने वाला मंजर देखकर पशु प्रेमियों में गुस्सा फूट पड़ा है, और लोग सड़कों पर उतरकर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। आखिर कौन है यह जल्लाद, जो बेगुनाह जानवरों की जान ले रहा है? आइए, इस सनसनीखेज क्राइम की पूरी कहानी जानते हैं....

क्या है पूरा मामला?
2 और 3 अगस्त को कुमावास गांव में एक शख्स बाइक पर सवार होकर बंदूक लिए सड़कों पर घूमता रहा और जैसे ही कोई कुत्ता नजर आया, उसने ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। वायरल वीडियो में साफ दिखता है कि कुत्ते डर से भाग रहे हैं, लेकिन यह शख्स बेरहमी से उनका पीछा कर गोली मार रहा है। खून से लथपथ कुत्तों के शव गांव की गलियों में बिखर गए, जिसने स्थानीय लोगों और पशु प्रेमियों को सदमे में डाल दिया।
Who Is Shyochand Bavariya: कौन है कुत्तों का हत्यारा श्योचंद बावरिया?
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई शुरू की। वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि के बाद, जांच में सामने आया कि इस कत्लेआम का मुख्य आरोपी श्योचंद बावरिया, डुमरा गांव का निवासी है। 5 अगस्त को पुलिस ने उसके खिलाफ BNS धारा 325 (जानवरों को मारने या नुकसान पहुंचाने का अपराध) और आर्म्स एक्ट धारा 27 (अवैध हथियार इस्तेमाल) के तहत मामला दर्ज किया। झुंझुनू SP बृजेश ज्योति उपाध्याय ने कहा, 'हमने वीडियो का संज्ञान लिया और तुरंत जांच शुरू की। विशेष टीम गांव में भेजी गई है।'
आरोपी का बहाना और साजिश का शक
श्योचंद बावरिया ने दावा किया कि कुत्तों ने उसकी बकरियों को मार डाला, जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। लेकिन हमीरी कलां की पूर्व सरपंच सरोज झांझड़िया ने इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने SP से मुलाकात कर शिकायत दर्ज की और कहा, 'कुत्तों ने न तो किसी को नुकसान पहुंचाया, न ही कोई बकरी मारी। यह मुआवजे की मांग के लिए गढ़ी गई कहानी है।'
सरोज ने वीडियो सबूत के तौर पर पेश किया, जिसमें श्योचंद और उसके 5-7 साथियों को इस क्रूरता को अंजाम देते देखा गया। उन्होंने इसे सुनियोजित साजिश बताया, क्योंकि यह समूह 5 महीने पहले भी गांव में इसी तरह की हरकत कर चुका था।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
झुंझुनू पुलिस ने हेड कांस्टेबल शुभकरण के नेतृत्व में जांच शुरू की। SP बृजेश ज्योति उपाध्याय ने कहा, 'हम इस मामले को गंभीरता से ले रहे हैं। श्योचंद के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, और अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है।' पुलिस यह भी जांच रही है कि श्योचंद ने हथियार कहां से लिया और क्या यह लाइसेंसी था। गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है, लेकिन अभी तक श्योचंद फरार बताया जा रहा है।
कानूनी धाराएं और सजा क्या?
भारत में जानवरों के खिलाफ क्रूरता गंभीर अपराध है। BNS धारा 325 के तहत जानवर को मारने या नुकसान पहुंचाने की सजा 5 साल तक की जेल और जुर्माना हो सकता है। आर्म्स एक्ट धारा 27 के तहत अवैध हथियार इस्तेमाल की सजा 7 साल तक की कैद और जुर्माना है। प्रिवेंशन ऑफ क्रुएल्टी टू एनिमल्स एक्ट 1960 की धारा 11(1) के तहत भी कार्रवाई हो सकती है। कार्यकर्ता मांग कर रहे हैं कि श्योचंद और उसके साथियों पर सभी लागू धाराएं लगाई जाएं।
आगे क्या?
यह घटना न केवल पशु क्रूरता का मामला है, बल्कि समाज में बढ़ते मानव-पशु टकराव और हथियारों के दुरुपयोग को भी उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि आवारा कुत्तों की आबादी नियंत्रण और स्टरलाइजेशन प्रोग्राम की कमी इस तरह की घटनाओं को बढ़ावा दे रही है। श्योचंद बावरिया की गिरफ्तारी और इस मामले में कड़ी सजा से ही पशु प्रेमियों को न्याय की उम्मीद है। क्या यह जल्लाद सलाखों के पीछे जाएगा, या यह मामला भी ठंडे बस्ते में चला जाएगा?
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