Dog Bali: महिला ने कुत्ते का गला घोंटा, फिर रेता, 4 दिन फ्लैट में लाश संग क्या-क्या हुआ? चौंकाने वाली है वजह
Dog Bali in Bengaluru: बेंगलुरु के महादेवपुरा इलाके से एक सनसनीखेज और खौफनाक मामला सामने आया है, जहां एक महिला ने अपने पालतू लैब्राडोर डॉग की क्रूरता से हत्या कर दी और उसके सड़े-गले शव को कई दिनों तक अपने अपार्टमेंट में छिपाए रखा।
पुलिस को शक है कि यह जघन्य अपराध किसी 'तांत्रिक अनुष्ठान' का हिस्सा हो सकता है। इस घटना ने स्थानीय निवासियों और पशु प्रेमियों में गुस्से और सदमे की लहर पैदा कर दी है।

Dog Murder: गला रेतकर की हत्या
आरोपी, पश्चिम बंगाल की रहने वाली त्रिपर्णा पाइक ने चार दिन पहले अपने लैब्राडोर कुत्ते का गला रेतकर उसे मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद उसने शव को कपड़े में लपेटकर अपने फ्लैट में छिपा दिया। उसने अपार्टमेंट के सभी दरवाजे-खिड़कियां सील कर दीं और खुद वहां से फरार हो गई। आसपास के निवासियों को जब फ्लैट से असहनीय बदबू आने की शिकायत हुई, तब बृहत बेंगलुरु महानगर पालिका (बीबीएमपी) के अधिकारियों ने जांच शुरू की।
बदबू ने खोला राज, पुलिस ने तोड़ा ताला
जब बीबीएमपी अधिकारी त्रिपर्णा के फ्लैट में पहुंचे, तो उसने दरवाजा खोलने से इनकार कर दिया और आत्महत्या की धमकी दी। इसके बाद महादेवपुरा पुलिस ने हस्तक्षेप किया और ताला तोड़कर फ्लैट में प्रवेश किया। अंदर का दृश्य रोंगटे खड़े करने वाला था-एक लैब्राडोर का सड़ा-गला शव, जिसका गला कटा हुआ था, और दो अन्य कुत्ते भूखे-प्यासे, उपेक्षित हालत में मिले। फ्लैट में देवी-देवताओं की तस्वीरें, पूजा सामग्री और कुछ संदिग्ध वस्तुएं भी बरामद हुईं, जिसने तांत्रिक अनुष्ठान की आशंका को और गहरा कर दिया।
चार महीने पहले भी गंवाया था एक कुत्ता
पुलिस जांच में पता चला कि त्रिपर्णा के पास पहले चार लैब्राडोर थे, जिनमें से एक की चार महीने पहले रहस्यमय तरीके से मौत हो गई थी। अब इस घटना ने उसकी मानसिक स्थिति और इरादों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने पुष्टि की कि कुत्ते की मौत चार दिन पहले गला रेतने और गला घोंटने से हुई थी। सीलबंद फ्लैट में वेंटिलेशन की कमी के कारण बदबू इतनी तेज थी कि आसपास के निवासियों को स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा।
कानूनी कार्रवाई और बचाव कार्य
महादेवपुरा पुलिस ने त्रिपर्णा के खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11 और भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 325 (जानवरों के प्रति क्रूरता के लिए सजा) के तहत मामला दर्ज किया है। बीबीएमपी ने बचे हुए दो कुत्तों को बचाया और उनका पुनर्वास करने की प्रक्रिया शुरू की। पशु कल्याण संगठनों ने इस क्रूरता की कड़े शब्दों में निंदा की है और सख्त सजा की मांग की है।
तांत्रिक अनुष्ठान या मानसिक अस्थिरता?
फ्लैट में मिली पूजा सामग्री और संदिग्ध वस्तुओं ने पुलिस को तांत्रिक अनुष्ठान की जांच की ओर मोड़ा है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि त्रिपर्णा की मानसिक स्थिति भी इस अपराध का कारण हो सकती है। सोशल मीडिया पर इस घटना ने व्यापक आक्रोश पैदा किया है, जहां लोग JusticeForTheDog और BanAnimalCruelty जैसे हैशटैग के साथ न्याय की मांग कर रहे हैं।
पशु प्रेमियों में गुस्सा, उठ रही सजा की मांग
यह दिल दहलाने वाली घटना पशु क्रूरता के खिलाफ कड़े कानूनों की जरूरत को उजागर करती है। पशु प्रेमी और स्थानीय निवासी इस मामले में त्वरित कार्रवाई और कठोर सजा की मांग कर रहे हैं। एक स्थानीय निवासी ने कहा,'यह न केवल एक कुत्ते की हत्या है, बल्कि विश्वास और मानवता पर हमला है।'
पुलिस त्रिपर्णा की तलाश में छापेमारी कर रही है और इस मामले की गहराई से जांच कर रही है। इस घटना ने एक बार फिर पालतू जानवरों के प्रति जिम्मेदारी और मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता जैसे मुद्दों पर बहस छेड़ दी है।
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