Rajasthan chunav result 2024: दलबदलू नेताओं की क्यों हुई करारी हार, गुंजल,ज्योति,मालवीय का निकल गया दम !
Rajasthan chunav result 2024: राजस्थान के लोकसभा चुनावों में 25 सीटों के नतीजें कुछ ज्यादा ही चौंकाने वाले साबित हुए। जिन नेताओं को सबसे मजबूत माना जा रहा था उन्ही सीटों पर करारी हार सामने आई है।
सबसे ज्यादा तो उन नेताओं की हार हुई जिन्होने पार्टियां बदल कर चुनाव लड़े,किसी ने कांग्रेस छोड़ कर भाजपा से चुनाव लड़ा तो किसी ने भाजपा छोड़ कांग्रेस से चुनावी मैदान में ताल ठोकी। इन दलबदलू नेताओं में सबसे करारी हार महेंद्रजीत सिंह मालवीया की हुई।

राजस्थान की 25 लोकसभा सीटों का रिजल्ट 4 जून को घोषित हो गया। इस बार बीजेपी ने 14, कांग्रेस ने 8, सीपीआईएम ने 1, आरएलपी ने 1 और बाप ने 1 सीट पर जीत हासिल की । इस बार तीन दिग्गज नेता पार्टी बदलने के बाद चुनाव हार गए।
लोकसभा चुनाव से पहले दल बदलने वाले राजस्थान के तीन दिग्गज नेता इलेक्शन हार गए हैं। इनमें सबसे बड़ा नाम बांसवाड़ा से भाजपा प्रत्याशी महेंद्रजीत सिंह मालवीया का है, जिन्हें भारत आदिवासी पार्टी के सुप्रीमो राजकुमार रोत ने 2 लाख 47 हजार वोटों से हरा दिया है।
हार की लिस्ट में दूसरा नाम नागौर से भाजपा प्रत्याशी ज्योति मिर्धा का है, जिन्हें गठबंधन प्रत्याशी और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमो हनुमान बेनीवाल ने 42 हजार से ज्यादा वोटों से हरा दिया है।
इन दोनों ही नेताओं ने कांग्रेस का हाथ छोड़कर बीजेपी का कमल उठाया था, लेकिन जनता ने उनका साथ देने के बजाय दूसरे उम्मीदवारों पर भरोसा जताया और उन्हें सांसद बना दिया।
कोटा में कांटे की टक्कर के बाद ओम से हारे प्रहलाद
तीसरा नाम बीजेपी छोड़कर कांग्रेस ज्वाइन करने वाले प्रहलाद गुंजल का है, जिन्हें कोटा से भाजपा प्रत्याशी ओम बिरला ने करीब 42 हजार वोटों से हरा दिया है।
जबकि दूसरी ओर चूरू से कांग्रेस प्रत्याशी राहुल कस्वां ने 72 हजार वोटों से भाजपा प्रत्याशी देवेन्द्र झाझड़िया को हराकर इस सीट पर कब्जा कर लिया है।
इसी तरह राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी छोड़कर कांग्रेस ज्वाइन करने वाले बाड़मेर से उम्मेदाराम बेनीवाल ने भाजपा प्रत्याशी कैलाश चौधरी को 4 लाख 17 हजार वोटों से हरा दिया है। इस सीट से निर्दलीय प्रत्याशी रविंद्र सिंह भाटी भी मैदान में थे, लेकिन वो 1 लाख 18 हजार वोटों से इलेक्शन हार गए।
बीजेपी को टिकट बदलने का हुआ नुकसान!
बताते चलें कि इस एक दशक बाद कांग्रेस ने राजस्थान लोकसभा चुनाव में कमबैक करते हुए 0 से 8 सीट जीतने का सफर तय किया है।
श्रीगंगानर, चूरू, झुंझुनूं, भरतपुर, करौली-धौलपुर, दौसा, टोंक-सवाईमाधोपुर और बाड़मेर में कांग्रेस प्रत्याशी की जीत हुई है।
जबकि गठबंधन वाली नागौर लोकसभा सीट और सीकर लोकसभा सीट पर भी उन्हीं के प्रत्याशी जीते हैं. इसके अलावा अघोषित कांग्रेस समर्थन वाली बांसवाड़ा सीट से बाप प्रत्याशी राजकुमार रोत भी जीत गए हैं. शेष अन्य सीट भाजपा के खाते में गई हैं. इस बार भाजपा को 11 सीटों का नुकसान हुआ है।
बीजेपी को इस बार उम्मीदवार बदलने का नुकसान हुआ. इसलिए चूरू, झुंझुनूं, सीकर और दौसा में बीजेपी के उम्मीदवार हार गए हैं।












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