पर्यवेक्षकों ने सोनिया गांधी को सौंपी रिपोर्ट, गहलोत पर कोई आरोप नहीं, 3 मंत्रियों पर एक्शन की सिफारिश
नई दिल्ली, 27 सितंबर: राजस्थान के सियासी संकट को शीर्ष नेतृत्व ने गंभीरता से लिया है। पार्टी ने रविवार शाम को जयपुर में कांग्रेस विधायक दल की बैठक के बहिष्कार और उसके बाद हुए घटनाक्रम को अनुशासनहीनता माना गया है। सियासी बावल को लेकर पार्टी एक्शन लेने के मूड में नजर आ रही है। जयपुर गए पार्टी के पर्यवेक्षक अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे ने अपनी रिपोर्ट आज शाम पार्टी की अध्यक्ष सोनिया गांधी को सौंप दी।

सूत्रों के मुताबिक रिपोर्टस में कहा गया है कि,कांग्रेस पर्यवेक्षकों की अपनी रिपोर्ट में राजस्थान के विधायकों पर 'घोर अनुशासनहीनता' के आरोप लगाए हैं। जिन्होंने समानांतर बैठक आयोजित की थी। गहलोत को क्लीन चिट नहीं दी गई है,रिपोर्ट में उनके खिलाफ सबूत न होने की वजह से एक्शन लेने की कोई अनुशंसा भी नहीं की गई है।
सूत्रों के मुताबिक रिपोर्ट में बताया गया है कि उनके करीबी लोग बिना उनकी जानकारी के समानांतर बैठक नहीं कर सकते ये संकेत रिपोर्ट में कई बार है। सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस पर्यवेक्षकों ने मंत्रियों और मुख्य सचेतक सहित पार्टी के 3 नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की है।
अशोक गहलोत के कुछ वफादारों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग करने वाली कांग्रेस पर्यवेक्षकों की रिपोर्ट में सीएम अशोक गहलोत का कोई सीधा आरोप नहीं लगाया गया है। तकनीकी तौर पर पर्यवेक्षकों ने उन्हें घटनाक्रम के लिए कहीं जिम्मेदार नहीं बताया है। धारीवाल, खाचरियावास और धर्मेंद्र राठौड़ के अलावा कुछ और नेताओं के नाम इस लिस्ट में हो सकते हैं, जिनके खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की गई है। कांग्रेस पैनल ने राजस्थान के 3 नेताओं से 10 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा, उनके खिलाफ गंभीर अनुशासनहीनता के लिए कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए।
अजय माकन की रिपोर्ट के आधार पर अनुशासनात्मक समिति सोनिया गांधी के कहने पर अशोक गहलोत के नज़दीकी शांति धारीवाल, महेश जोशी और धर्मेंद्र राठौर को कारण बताओ नोटिस जारी कर रही है। कांग्रेस अनुशासन कमेटी के अध्यक्ष एके एंटॉनी को दिल्ली बुलाया गया है। एंटोनी आज रात 10 बजे तक दिल्ली पहुंच रहे हैं। एंटोनी आज देर रात या कल सोनिया गांधी से मुलाकात करेंगे। एंटॉनी को अजय माकन की रिपोर्ट पर एक्शन लेने के लिए कहा जा सकता है।
वहीं दूसरी ओर कांग्रेस के मुख्य सचेतक और बगावत के मुख्य किरदारों में से एक माने जा रहे महेश जोशी ने कहा- यदि आलाकमान नोटिस देता है तो मैं जवाब देने को तैयार हूं। कोई सजा देगा तो वह भी भुगत लूंगा। किसी विधायक को जबरन यूडीएच मंत्री शांति धारीवाल के घर नहीं बुलाया गया था। आलाकमान की इच्छा के आगे सब नतमस्तक हैं।












Click it and Unblock the Notifications