Rajasthan: प्रतापगढ़ पीड़िता से CM गहलोत ने की मुलाकात, सरकारी नौकरी व 10 लाख की FD की घोषणा
राजस्थान के Pratapgarh के धरियावद में Woman को निर्वस्त्र करके घुमाने का Viral VIDEO होने के बाद CM Ashok Gehlot ने पीड़िता से मुलाकात की है। मामले की जांच के लिए SIT गठित की है।
Rajasthan Women Video Viral: राजस्थान मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने शनिवार को प्रतापगढ़ जिले की उस 21 वर्षीय आदिवासी महिला से मुलाकात की, जिसको कथित तौर पर पति और ससुराल वालों ने नग्न करके गांव में घुमाया व वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करवाया।

पीड़िता व उसके परिवार से मिलने के बाद राजस्थान सीएम अशोक गहलोत ने कहा कि पूरे मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। अब तक 11 आरोपी गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
सीएम गहलोत बोले कि 'मैंने पीड़ित परिवार से बात की और उन्हें आश्वासन दिया कि न्याय मिलेगा। मैंने उन्हें सरकारी नौकरी की पेशकश की और हम एक निश्चित प्रयास करेंगे। एफडी के रूप में 10 लाख रुपये जमा करें।
उल्लेखनीय है कि राजस्थान में मणिपुर जैसी यह घटना गुरुवार 1 सितंबर को प्रतापगढ़ जिले के धरियावद क्षेत्र के एक गांव की है। महिला को जयपुर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
सीएम अशोक गहलोत ने घटना की निंदा की है और कहा है कि दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी। उन्होंने पुलिस को अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का भी निर्देश दिया है।
प्रतापगढ़ की आदिवासी महिला के हुई यह घटना राजस्थान ही नहीं बिल्क देशभर में सुर्खियों में है। इससे राजस्थान में महिलाओं की सुरक्षा पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। घटना ने राजस्थान में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मुद्दे को भी सुर्खियों में ला दिया है।
इस बीच, घटना पर सख्त बोलते हुए कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाद्रा ने आदिवासी महिला को निर्वस्त्र कर घुमाने की घटना की निंदा करते हुए कहा कि अपराधियों को सजा देना बहुत जरूरी है। प्रियंका गांधी वाड्रा ने एक्स पर लिखा, "राजस्थान सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपराधियों को गिरफ्तार किया है और उनके खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में मुकदमा चलाकर सजा दिलाने की घोषणा की है।"
बता दें कि साल 2022 में राजस्थान में महिलाओं के खिलाफ अपराध के 52,827 मामले दर्ज किए गए हैं, जो किसी भी अन्य राज्य में दर्ज मामलों की संख्या से अधिक हैं। राजस्थान सरकार ने महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मुद्दे के समाधान के लिए कुछ कदम उठाए हैं।
साल 2021 में "बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ" (बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ) नामक एक योजना शुरू की। इस योजना का उद्देश्य राज्य में लड़कियों और महिलाओं की स्थिति में सुधार करना है। सरकार ने कई महिला हेल्पलाइन और आश्रय स्थल भी स्थापित किए हैं। हालाँकि, महिलाओं को हिंसा से बचाने के लिए और भी बहुत कुछ करने की ज़रूरत है।












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