Rajasthan: दौसा में गरजे पूर्व डिप्टी सचिन पायलट, कहा-'यहां से मेरा दिल का रिश्ता, यह बहुत मजबूत, हम जीतेंगे'
Rajasthan By-Polls: कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने राजस्थान विधानसभा की सात सीटों पर होने वाले उपचुनाव के लिए जोरदार प्रचार अभियान की शुरुआत की। पायलट ने दौसा विधानसभा सीट से अपने प्रचार अभियान का आगाज किया। जहां उन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार दीनदयाल बैरवा के लिए समर्थन जुटाते हुए एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। अपने संबोधन में पायलट ने दौसा के समुदायों के साथ अपने पुराने रिश्ते का जिक्र किया और इसे एक मजबूत और दिल से जुड़ा रिश्ता बताया। उन्होंने चुनाव को जाति या धर्म पर आधारित न मानते हुए इसे विचारधाराओं की लड़ाई बताया और कहा कि यह पिछले दस महीनों में सरकार के प्रदर्शन की परीक्षा का समय है।
जनता से जुड़े मुद्दों पर किया फोकस
सचिन पायलट ने अपने भाषण में स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ व्यापक चिंताओं पर भी चर्चा की। पायलट ने मौजूदा सरकार के गौरक्षा और धर्मांतरण कानूनों पर ध्यान देने की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ये विषय जनता का ध्यान वास्तविक समस्याओं से हटाने के लिए उठाए जा रहे हैं। पायलट ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार के पास वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देने का समय नहीं है। जनता को प्रभावित करने वाले असली मुद्दों को दरकिनार किया जा रहा है।

कांग्रेस के आत्मविश्वास को दर्शाता नो गठबंधन की रणनीति
पायलट ने इस बात पर जोर दिया कि कांग्रेस पार्टी राजस्थान के उपचुनावों में किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि इससे कार्यकर्ताओं में आत्मविश्वास और मनोबल बढ़ा है और पार्टी स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने का मन बना चुकी है। पायलट ने चुनाव परिणामों को कांग्रेस के पक्ष में आने की उम्मीद जताते हुए इसे जनता द्वारा सरकार के प्रति प्रतिक्रिया बताया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी का विश्वास राजस्थान से आगे बढ़कर महाराष्ट्र और झारखंड जैसे राज्यों तक है। जहां पार्टी सकारात्मक परिणाम की उम्मीद कर रही है।
बुनियादी ढांचे की बदहाली पर सरकार को घेरा
सचिन पायलट ने मौजूदा सरकार के तहत बुनियादी ढांचे की समस्याओं को भी उजागर किया। उनके साथ सांसद मुरारी मीणा ने भी मुख्यमंत्री की आलोचना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री सड़कों के विकास का ढिंढोरा पीट रहे हैं। जबकि कांग्रेस सरकार द्वारा बनाई गई सड़कों की हालत खराब है। मीणा ने कहा कि अगर भाजपा कांग्रेस सरकार द्वारा बनाई गई सड़कों के गड्ढे भर दे तो हम इसे स्वीकार करेंगे। यह बयान राज्य में विकास के दावों पर विपक्ष के संदेह को उजागर करता है।
कांग्रेस का एकजुट और सकारात्मक अभियान
सचिन पायलट के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विभाजनकारी मुद्दों की बजाए वास्तविक समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करना है। कांग्रेस पार्टी मौजूदा सरकार की नीतियों और उसके कार्यों पर सवाल उठा रही है। जैसे-जैसे राजस्थान उपचुनाव नजदीक आ रहे हैं। कांग्रेस पार्टी अपने आधार को एकजुट करने और जनता के सामने स्पष्ट मुद्दों को रखने का प्रयास कर रही है। सचिन पायलट के नेतृत्व में कांग्रेस अपने मजबूत अभियान से सत्तारूढ़ पार्टी के कथानक को चुनौती दे रही है। जिसका उद्देश्य राज्य में एक नई राजनीतिक वापसी करना है।












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