Phalodi Satta Bazar: फलोदी सट्टा बाजार पर कार्रवाई क्यों नहीं करती पुलिस? IG ने बताई असली वजह
Phalodi Satta Bazar Rajasthan: लोकसभा चुनाव 2024 में फलोदी सट्टा बाजार अब तक 110 करोड़ रुपए दांव पर लग चुके हैं। परिणाम से पहले करोड़ों रुपए का सट्टा लगवाने वाले फलोदी सट्टा बाजार पर पुलिस ने बीते 30 साल से कोई बड़ी कार्रवाई क्यों नहीं कर पाई?
क्या राजस्थान पुलिस की फलोदी के सटोरियों से मिलीभगत है? इसका जवाब तो फलोदी सट्टा बाजार वाले और पुलिसकर्मी ही दे सकते हैं? मगर इस बारे में आईजी विकास कुमार ने जो कुछ बताया वो चौंका देने वाला है।

दैनिक भास्कर में छपी इन्वेस्टिगेशन खबर में आईजी विकास कुमार से सवाल पूछा गया कि सट्टा लगातार फल फूल रहा है, पुलिस ने 30 साल में भी कार्रवाई नहीं की, क्या पुलिस की मिलीभगत है?
सवाल के जवाब में आईजी विकास कुमार कहते हैं कि सुना तो था इसके बारे में। क्या सच में यहां पर ऐसा कोई बाजार लगता है? दो दिन पहले ही पुलिस ने इस मामले को लेकर बैठक की है। इनका नेटवर्क बड़ा है। बात बाहर नहीं आती है। इसलिए ये बच रहे हैं, लेकिन अब नहीं बचेंगे।
क्या अवैध है फलोदी सट्टा बाजार?
फलोदी सट्टा बाजार चुनावों में अपने सटीक अनुमान लगाने में पहचान बना चुका है। हालांकि कई बार इनके अनुमान गलत भी साबित होते हैं। वैसे साल 1867 के जुआ अधिनियम और साल 1955 के राजस्थान सट्टाबाजी अधिनियम के तहत फलोदी सट्टा बाजार पूरी तरह से अवैध है।
फलोदी सट्टा बाजार का नाम अब हेरिटेज बाजार
फलोदी के लोगों का मानना है कि यहां के सदर बाजार में सदियों से लगने वाले सट्टा की वजह से कस्बे की नकारात्मक छवि बन रही है। ऐसे में लोकसभा चुनाव 2024 की आचार संहिता लागू होने से पहले स्थानीय लोगों और स्थानीय निकाय प्रशासन व जिला प्रशासन ने फलोदी सट्टा बाजार का नाम बदला। इसे नया नाम हेरिटेज बाजार दिया गया। फलोदी वर्तमान में जोधपुर से अलग होकर जिला बन चुका है।
नोटः यहां पर दी गई जानकारी अखबार, मीडिया रिपोर्ट्स और सट्टा बाजारों के जानकारों के माध्यम से दी गई है। हमारा उद्देश्य सट्टा को किसी भी प्रकार से प्रोत्साहन करना नहीं है।












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