राजस्थान के सिरोही में जरूरतमंद परिवारों को मिलेगा आवास, सांसद लुम्बाराम चौधरी ने आखिर यूं लिया एक्शन !
Rajasthan News: सिरोही में आमजन पिछले 7 सालों से मुख्यमंत्री जन आवास योजना में फ्लेट मिलने का इंतजार कर रहे है। लेकिन आज तक ना फ्लेट मिला ना कोई सिर पर छत। स्थानीय लोगों की पीड़ा है कि 7 सालों से बैंकों के ब्याज और किराए की दोहरी मार झेल रहे है।
आज जब सांसद लुम्बाराम चौधरी सिरोही पहुंचे तो लोगों ने सर्किट हाउस में ही डेरा डाल दिया और सांसद को अपनी खुलकर पीड़ा सुनाई । सांसद चौधरी ने पूरे मामले में नाराजगी जताते हुए नगरपरिषद आयुक्त और ठेकेदार को अगले सवा महीने में चयनित आवेदकों को फ्लेट का आवंटन करने के आदेश दे दिए।
दरअसल सांसद लुंबाराम चौधरी के सिरोही सर्किट हाउस पहुंचने की खबर मिलते ही मुख्यमंत्री जन आवास योजना 2015 में आवास के लिए फॉर्म भरने वाले काफी संख्या में पीड़ित लोग पहुंच गए।

इन लोगों द्वारा सिरोही में मुख्यमंत्री जन आवास योजना में भुगतान के 7 साल बाद भी फ्लेट नहीं मिलने की शिकायत की गई।
इस दौरान उनका कहना था कि इस मामले में न तो नगरपरिषद एवं न ही संबंधित ठेकेदार फर्म से कोई संतोषप्रद जवाब दिया जा रहा है। इससे वे बैंकों के ब्याज एवं किराए के रूप में दोहरी मार का सामना करना पड़ रहा है।
इसके बाद सांसद द्वारा नगरपरिषद आयुक्त एवं संबंधित ठेकेदार फर्म प्रतिनिधि को बुलवाया गया। वे योजना कार्य स्थल पहुंचे तथा निर्माणों को देखा।
पीड़ित लोगों ने सांसद चौधरी को बताया कि गोयली रोड हनुमानजी मंदिर के पास मुख्यमंत्री जन आवास योजना 2015 के तहत 472 प्लॉट बनाने का कार्य मेसर्स संचार इंफ्राटेक प्राइवेट निगम जयपुर से करवाया जा रहा है।
नगर परिषद सिरोही के अधीन निर्माणधीन आवास की लॉटरी का आवेदन 15 फरवरी 2017 को प्रारंभ हुआ था एवं अंतिम तिथि 31 मार्च 2017 थी। इसमें EWS के 376 आवास तथा LIG के 96 आवासो का आवंटन हुआ था।
इसमें काफी संख्या में आवेदकों ने अपने पास जमा पूंजी एवं बैंको से लोन लेकर नगर परिषद सिरोही को पूर्ण राशि का भुगतान भी कर दिया। लेकिन, 7 साल के बाद भी आवेदन करने वालों को आवास नहीं दिया, जबकि प्रधानमंत्री ने देश के प्रत्येक योग्य नागरिक को आवास निर्धारित समय सीमा में देने का वादा करते आ रहे है।
स्थानीय प्रशासन की उदासीनता एवं भारी मात्रा में व्याप्त भ्रष्टाचार के कारण योग्य लोगों को 7 साल से ज्यादा समय बीतने के बावजूद न तो कब्जा दिया गया ना ही किसी प्रकार की राहत प्रदान की जा रही है।
ऐसे में वे लोग किराए के मकान में रहने को मजबूर है। मौके पर देखने पर आधे अधूरे फ्लैट का निर्माण किया गया है उसमें भारी मात्रा में भ्रष्टाचार हुआ है। संबंधित ठेकेदार पर निर्माण कार्य में निर्धारित मानदंडों की पालना नहीं करने एवं घटिया स्तर का कार्य करवाने का आरोप लगाया।
इस पर सांसद चौधरी ने नाराजगी जताते हुए एवं संबंधित फर्म प्रतिनिधि से जवाब मांगा। इसके साथ ही अगले सवा महीने में चयनित आवेदकों को फ्लेट का आवंटन करने के आदेश दिए हैं।












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