Rajasthan News: राजस्थान में चांदीपुरा वायरस की दस्तक, उदयपुर में एक बच्चे की मौत, चिकित्सा विभाग अलर्ट

Rajasthan News: देश में कोरोना के बाद एक नए वायरस ने दस्तक दी है। गुजरात में इस वायरस से संक्रमित बच्चों की तादाद बढ़ रही है। वायरस से संक्रमित 6 में से 4 बच्चों की मौत हो चुकी है। इस वायरस का असर राजस्थान में भी देखने को मिला है।

राजस्थान के उदयपुर में दो बच्चों में वायरस के लक्षण देखने से यह प्रतीत हो रहा है कि वह भी चांदीपुरा वायरस से संक्रमित है। इलाज के दौरान उदयपुर निवासी एक बच्चे की मौत हो गई है। गुजरात के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है। राजस्थान के चिकित्सा महकमें के उच्च अधिकारियों को भी वायरस संक्रमण के कारण बच्चों की मौत के बारे में अवगत करा दिया गया है।

chandipura viras

मामले की गंभीरता को देखते हुए गुजरात के चिकित्सा विभाग ने संक्रमित बच्चों के नमूने राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान पुणे को भेज दिए हैं। इस वायरस से करने वाले 4 बच्चों में 1 साबरकांठा, 2 अरावली और 1 बच्चा राजस्थान के उदयपुर जिले का है।

चांदीपुरा वायरस को लेकर राजस्थान का चिकित्सा महकमा अलर्ट मोड पर आ गया है। उदयपुर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सक्रिय निगरानी, सर्वेक्षण, चिकित्सा शिविर और वेक्टर नियंत्रण के निर्देश दिए गए हैं। संक्रमित लोगों को समय पर रेफर करने और चांदीपुरा वायरस की संभावना को दूर करने के लिए नमूने एसएमएस मेडिकल कॉलेज को भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

आपको बता दें कि चांदीपुरा वायरस से साल 2003-2004 में देश में कुल 322 बच्चों की मौत हुई थी। इसमें आंध्र प्रदेश के 183, गुजरात के 24 और महाराष्ट्र के 115 बच्चे शामिल हैं।

चांदीपुरा वायरस के लक्षण शुरू होने के 24 घंटे के भीतर संक्रमित बच्चों की मौत हो गई थी। इस बीमारी के लक्षण में अचानक तेज बुखार आना, उसके बाद दौरे, संवेदी परिवर्तन दस्त और उल्टी होना शामिल है। इससे संक्रमित बच्चों की मौत का कारण इंसेफेलाइटिस, ऐंठन या वास्कुलिटिस के कारण क्षणिक बाधा बताया गया है। चांदीपुरा वायरस घातक रोगाणु है। जो बुखार, फ्लू जैसे लक्षण और तीव्र इंसेफेलाइटिस का कारण बनता है।

यह वायरल मच्छरों, टिक्स और सैंडफलाई के जरिए फैलता है। इससे बीमारी कोमा और यहां तक की मृत्यु भी तेजी से हो सकती है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि वह किसी भी संदिग्ध लक्षण वाले बच्चों को तुरंत अस्पताल ले जाएं और किसी भी तरह की देरी से बचें।

चिकित्सा महकमें के अधिकारियों के मुताबिक गुजरात के हिम्मतनगर सिविल अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञों को 10 जुलाई को 4 बच्चों की मौत के बाद इस वायरल की भूमिका को लेकर संदेह हुआ था। अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञों के मुताबिक उन्होंने चांदीपुरा वायरस की पहचान की और तुरंत चिकित्सा विभाग को सूचित किया। इसके बाद नमूने परीक्षण के लिए पुणे भेजे गए।

राजस्थान के जेके लोन अस्पताल के चाइल्ड स्पेशलिस्ट डॉ. कपिल गर्ग के मुताबिक चांदीपुरा एक वायरस संक्रमण है। जो डेंगू, चिकनगुनिया जैसे मच्छर, माइट और सैंडफ्लाई द्वारा फैलता है। यह एक दुर्लभ बीमारी है। इसमें उच्च रोगजनकता और मृत्यु दर होती है। इसके लक्षणों में मुख्य रूप से बुखार, उल्टी और दस्त शामिल है। यह वायरल ज्यादातर 2 से 12 साल के बच्चों को प्रभावित करता है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+