Naresh Meena: नरेश मीणा को 93 दिन बाद जमानत मिल गई या नहीं? कोर्ट ने सुनाया बड़ा फैसला
Naresh Meena News: राजस्थान के टोंक जिले के समरावता गांव में देवली-उनियारा उपचुनाव में मतदान के दौरान 13 नवंबर 2024 को हुए उपद्रव और आगजनी मामले में गिरफ्तार निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा को 93 दिन बाद भी जमानत नहीं मिल पाई। राजस्थान हाईकोर्ट ने आज शुक्रवार को नरेश मीणा की जमानत याचिका को खारिज कर दिया, जिससे उनके समर्थकों में नाराजगी है। जस्टिस प्रवीर भटनागर की अदालत ने यह फैसला सुनाया है।
हाईकोर्ट में नरेश मीणा की जमानत याचिका पर 12 फरवरी को सुनवाई पूरी हो गई थी, लेकिन अदालत ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। 13 फरवरी की शाम को इस मामले की फाइल को सब्लिमेंट्री में जोड़कर शुक्रवार की सुबह 10:30 बजे और फिर दोपहर 2 बजे निर्णय सुनाने का निर्देश दिया गया था। आज दोपहर अदालत ने अपना फैसला सुनाया और नरेश मीणा को जमानत देने से इनकार कर दिया।

नरेश मीणा का जीवन परिचय
नरेश मीणा राजस्थान के बारां जिले की अटरू तहसील के नयागांव के रहने वाले हैं। उनका परिवार राजनीति में गहरे रूप से जुड़ा हुआ है। उनके पिता, कल्याण सिंह मीणा, 30 साल तक अपने गांव के सरपंच रहे हैं, और वर्तमान में उनकी मां भी सरपंच पद पर हैं। नरेश की पत्नी, सुनीता मीणा, राजनीति में सक्रिय हैं और जिला परिषद की सदस्य हैं, जबकि उनके भाई की पत्नी पंचायत समिति सदस्य हैं। नरेश मीणा ने राजस्थान विश्वविद्यालय के महासचिव भी रह चुके हैं। छात्र राजनीति से ही राजस्थान की राजनीति में सक्रिय हुए हैं।
नरेश मीणा ने 2023 में राजस्थान विधानसभा चुनाव में छबड़ा छीपाबड़ौदा से कांग्रेस का टिकट मांगा था। जब उन्हें टिकट नहीं मिला, तो उन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया और निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा। हालांकि, वह 43,921 वोटों से हार गए और इसके बाद कांग्रेस ने उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया। इसके बावजूद, 2024 में कांग्रेस अनुशासन समिति ने उनके लिए प्रस्ताव भेजा और नरेश मीणा को पार्टी में फिर से बहाल किया।
लोकसभा चुनाव 2024 में नरेश मीणा ने दौसा लोकसभा सीट से कांग्रेस टिकट की मांग की, लेकिन जब उन्हें टिकट नहीं मिला तो उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में पर्चा भरने का ऐलान किया। हालांकि, कांग्रेस ने मुरारी लाल मीणा को टिकट दिया और मुरारी लाल ने भाजपा के कन्हैया लाल मीणा को 2,37,340 वोटों से हराया। बाद में नरेश मीणा ने अपना पर्चा वापस ले लिया।
समरावता गांव उपद्रव और SDM थप्पड़ कांड की टाइमलाइन
13 नवंबर 2024: देवली-उनियारा विधानसभा उपचुनाव के दौरान समरावता गांव के लोगों ने गांव को उनियारा उपखंड में शामिल करने की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार किया। इस दौरान निर्दलीय प्रत्याशी नरेश मीणा भी ग्रामीणों के समर्थन में धरने पर बैठ गए थे।
14 नवंबर 2024: मतदान बहिष्कार के बावजूद तीन लोगों को जबरन वोट डालने के आरोप में नाराज होकर नरेश मीणा ने एसडीएम अमित चौधरी को थप्पड़ मार दिया था। इस घटना के बाद पुलिस ने नरेश मीणा को धरना स्थल से गिरफ्तार कर लिया।
15 नवंबर 2024: कोर्ट के आदेश पर नरेश मीणा को जेल भेज दिया गया। गिरफ्तारी और जेल जाने के बाद उन्होंने आरोप लगाया कि यह साजिश के तहत किया गया है।
14 फरवरी 2025: अब राजस्थान हाईकोर्ट से भी नरेश मीणा को जमानत नहीं मिल पाई।
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