सगा भाई नहीं होने पर पूरा गांव बन गया संतु देवी का भाई, बेटी की शादी में 4 लाख का भात लेकर पहुंचे ग्रामीण
नागौर, 19 फरवरी। राजस्थान के नागौर जिले में सामाजिक सौहार्द में मिठास घोलने वाला मामला सामने आया है। नागौर के गांव खींवसर में एक महिला के कोई सगा भाई नहीं था। उसकी दो बेटियों की शादी में भात (मायरा) भरने की बारी आई तो पूरा गांव उसका भाई बन गया और भात लेकर पहुंचा।

संतु की दो बेटियों की शादी
नागौर के गांव खींवसर की संतु की दो बेटियों की शादी शुक्रवार को थी। गांव के युवाओं को जब इस बात का पता चला कि संतु के भात लेकर जाने वाला कोई सगा भाई नहीं है। ऐसे में युवाओं ने तय किया वे भात लेकर जाएंगे।

चार लाख का भात भरा
गांव के राधेश्याम, तुलसीराम, प्रकाश तंवर और गिरधारी राम सोऊ आदि युवाओं ने आपसी सहयोग से रुपए एकत्रित किए और संतु के चार लाख का भात भरा। भात में 2 लाख रुपए नकद, 2 तोला सोना और 28 तोला चांदी के जेवरात दिए।

भर आई संतु देवी की आंखें
गांव के युवा जब भात लेकर संतु देवी के घर पहुंचे तो उसकी आंखें भर आई। युवाओं ने उससे कहा कि हम सभी आपके भाई हैं। बहन ने सभी भाईयों के तिलक लगाया और उसके बाद सभी भाई शादी की तैयारियों में जुट गए।

पिता के पास रहती है बेटी
बता दें कि खींवसर निवासी प्रेमगिरी के दो बेटियां संतु और चंपा हैं, लेकिन कोई बेटा नहीं होने से एक बेटी संतु अपने पति के साथ ही पिता प्रेमगिरी के पास रहने लग गई, ताकि बुढ़ापे में पिता की सेवा कर सकें। संतु की 5 बेटियां और एक बेटा हैं। दो बेटियों का शुक्रवार को विवाह हुआ।












Click it and Unblock the Notifications