Youngest Civil Judge: मिलिए राजस्थान के सबसे कम उम्र के जज से, कौन हैं जतिन कड़ेला व दीपिका?
Topper of RJS 2024: राजस्थान उच्च न्यायालय प्रशासन की ओर से आरजेएस-2024 का रिजल्ट जारी कर दिया, जिसमें 222 अभ्यथियों को उत्तीर्ण किया गया है। आरजेएस टॉप टेन में 9 स्थानों पर बेटियों ने कब्जा जमाया है। राजस्थान के श्रीगंगानगर के जतिन कडेला (Jatin Kadela) और झालावाड़ की दीपिका कचोलिया (Deepika Kacholia) राजस्थान के सबसे कम उम्र के सिविल जज बने हैं।
राजस्थान में सबसे कम उम्र के जज का रिकॉर्ड जयपुर के मयंक प्रताप सिंह के नाम है, जिन्होंने आरजेएस 2018 में सफलता हासिल की थी। अब आरजेएस 2024 में श्रीगंगानगर के जतिन कड़ेला 21 साल एक माह की उम्र में झालावाड़ के भवानी की दीपिका कचोलिया 22 साल की उम्र में सिविल जज बनी हैं। आरजेएस 2024 में 5वीं रैंक पाने वाली दीपिका संभवतया राजस्थान की सबसे कम उम्र की महिला जज बन गई है। जतिन कड़ेला ने 202 वीं रैंक पाई है।

राजस्थान हाई कोर्ट ने सिविल जज कैडर के लिए राजस्थान न्यायिक सेवा भर्ती परीक्षा 2024 आयोजित की थी, जिसमें लिखित परीक्षा के बाद 640 अभ्यर्थियों का इंटरव्यू के लिए चयन हुआ। इनमें 222 अभ्यर्थी पास हुए हैं। इस बार 150 बेटियों ने आरजेएस में बाजी मारी है। ट्रेनिंग के बाद ये सभी मजिस्ट्रेट बन जाएंगे।
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आरजेएस 2024 टॉपर
राधिका बंसल, रैंक-1 (Who is Radhika Bansal): आरजेएस में नंबर एक रैंक हासिल करने वाली राधिका बंसल हनुमानगढ़ के गांव नाथावाली थेड़ी की रहने वाली हैं। राधिका बंसल बीकानेर नगर निगम में कनिष्ठ विधि अधिकारी के पद पर कार्यरत रहते आरजेएस 2024 की तैयारी करके टॉपर बनी हैं।
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तनुराग सिंह चौहान, रैंक-2 (Who is Tanurag Singh Chauhan): राजस्थान न्यायिक सेवा भर्ती परीक्षा 2024 में दूसरी रैंक हासिल करने वाले तनुराग सिंह चौहान चूरू के रहने वाले हैं। तनुराग ने चूरू जिला मुख्यालय पर संचालित विधि सत्संग संस्थान से कोचिंग की। संस्था से इस बार 21 छात्रों का चयन हुआ है।

डॉ. परमा चौधरी, रैंक 3 (Who is Dr. Parma Chowdhary): चूरू की परमा चौधरी डॉक्टर से सिविल जज बन गई हैं। पहले प्रयास में 187 हासिल करते हुए तीसरी रैंक पाई है। परमा चौधरी ने साल 2010 में बीडीएस करने के बाद साल 2012 में चूरू के सुमित चौधरी से शादी की थी। साल 2020 में एलएलबी करके अब साल 2024 में सिविल जज बन गईं।












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