करवाचौथ के दिन पत्नी ने शहीद पति को तिलक कर दी अंतिम विदाई
सूरजगढ़। जिस दिन पत्नियां अपने पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखती है उसी दिन एक पत्नी अपने शहीद पति को अंतिम विदाई देने शमशान पहुंची। जिस किसी ने भी इस दृश्य को देखा सिहर उठा। घटना राजस्थान के सूरजगढ़ जिले के कासनी गांव की है। अरुणाचल प्रदेश में वायु सेना का हेलिकॉप्टर क्रैश होने से शहीद हुए कासनी गांव के सतीश खांडा को अंतिम विदाई देने के लिए पत्नी किरण अंत्येष्टिस्थल पहुंची। करवाचौथ के दिन पति का शव पत्नी ने तिलक लगाकर विदा किया। शहीद की पत्नी शवयात्रा के दौरान बेटे को गोद में लिए आग-आगे चली। शहीद को जब उसके ढाई साल के मासूम बेटे ने मुखाग्नि दी तो वहां पर मौजूद हर कोई रो पड़ा। इसके बाद किरण भी फूट-फूट कर रोई।

पति का चेहरा देखने की थी जिद
शहीद की पत्नी किरण अपने पति का चेहरा अंतिम बार देखने की जिद कर रही थी, लेकिन हादसे में शव बुरी तरह जल जाने के कारण सेना के अधिकारियों ने शव नहीं दिखाया। इस पर किरण बेटे हर्ष को गोद में लेकर अंत्येष्टि स्थल गई और पति को अंतिम विदाई दी। शहीद सतीश की अंत्येष्टि ग्रामीणों के आग्रह पर गांव में सड़क किनारे सार्वजनिक जगह चिह्नित कर की गई।

दीपावली पर आने वाले थे छुट्टी
शहीद सतीश दीपावली पर घर आने वाला था। उसने पांच अक्टूबर की शाम सतीश ने अपनी मां को फोन कर बताया था कि उसकी छुट्टी मंजूर हो गई है और वह दीपावली पर घर आएगा। शायद नियति को कुछ और ही मंजूर था। पांच बहनों का इकलौता भाई सतीश दस साल पहले वायु सेना में भर्ती हुआ था।

पांच बहनों के बीच था अकेला भाई
सेना के जवान शहीद सतीश का शव लेकर उनके घर पंहुचे तो उनके परिवार में कोहराम मच गया। अचानक आए दुख की वजह से शहीद की पत्नी किरण तो गुम-शुम हो गई। शहीद की मां और बहनों का रो-रो कर बुरा हाल हो रहा था। शहीद के परिवार को हर कोई संभालने की कोशिश कर रहा था। वहीं शहीद सतीश का ढाई साल का मासूम बेटे हर्ष को समझ ही नहीं आ रहा था कि उसके घर वालों क्यों रो रहे हैं उसके घर पर इतनी भीड़ क्यों है। वह कभी ताबूत को निहारता तो कभी घर में आए लोगों को।












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