Jabalpur Cruise Tragedy: मौत सामने खड़ी थी फिर भी नहीं जागा स्टाफ! क्रूज हादसे का नया Video आया सामने
Jabalpur Bargi Dam Boat Tragedy: जबलपुर के बरगी बांध में हुए दर्दनाक क्रूज हादसे का एक नया और दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है। यह वीडियो चीख-पुकार और मौत के उन आखिरी लम्हों की गवाही दे रहा है, जहां चंद मिनटों के भीतर खुशियां मातम में बदल गईं। वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे पानी अचानक जहाज के अंदर भरने लगा और देखते ही देखते क्रूज लहरों में समा गया।
यह फुटेज केवल एक हादसा नहीं, बल्कि सुरक्षा मानकों की उस भयानक अनदेखी को दर्शाता है जिसने कई मासूमों की जान ले ली।

कैद में थीं जीवन रक्षक जैकेट
वीडियो में सबसे चौंकाने वाला खुलासा लाइफ जैकेट को लेकर हुआ है। जब क्रूज डूबना शुरू हुआ, तब कर्मचारी लाइफ जैकेट्स की गांठें खोलते नजर आए। यात्री अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष कर रहे थे, लेकिन अधिकांश लाइफ जैकेट सीलबंद स्टोरेज में बंद थे। नियमों के मुताबिक इन्हें यात्रियों के पास होना चाहिए था, लेकिन आपदा के समय वे पहुंच से बाहर रहीं।
क्रूज हादसे का नया Video आया सामने
चेतावनी के बावजूद क्षमता से अधिक यात्री थे सवार
हादसे के पीछे ओवरलोडिंग और मौसम विभाग की अनदेखी बड़ी वजह मानी जा रही है। 29 यात्रियों की क्षमता वाले इस क्रूज पर 40 से अधिक पर्यटक सवार थे। सबसे गंभीर बात यह है कि मौसम विभाग ने पहले ही 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया था और 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं की चेतावनी दी थी, फिर भी क्रूज को पानी में उतारने की अनुमति दी गई।
बचाव कार्य में देरी और चश्मदीदों का दर्द
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे के शिकार हुए प्रदीप मसीह ने बताया कि जब नाव पलट रही थी, तब ऑपरेटर केवल शांत बैठने की सलाह दे रहे थे, उन्होंने कोई मदद नहीं की। प्रशासन की सुस्ती का आलम यह था कि 6:15 बजे सूचना मिलने के बाद पहली रेस्क्यू टीम का वाहन ही स्टार्ट नहीं हुआ। अगर स्थानीय मछुआरे और किसान तुरंत मोर्चा नहीं संभालते, तो हताहतों का आंकड़ा और भी भयावह हो सकता था।
हादसे से पहले के वीडियो देखें
सरकार का सख्त एक्शन: प्रदेश भर में वाटर स्पोर्ट्स बंद
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पूरे मध्य प्रदेश में क्रूज, मोटरबोट और वाटर स्पोर्ट्स के संचालन पर तत्काल रोक लगा दी है। अब पूरे प्रदेश में सुरक्षा ऑडिट अनिवार्य होगा। इस लापरवाही के लिए क्रूज पायलट महेश पटेल और हेल्पर सहित कई कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। साथ ही, होटल मैनेजर को निलंबित कर दिया गया है।
हाई-लेवल जांच समिति का गठन
सरकार ने इस त्रासदी की गहराई से जांच के लिए एक हाई-लेवल कमेटी बनाई है। इसमें होमगार्ड डीजी और जबलपुर संभाग के कमिश्नर शामिल हैं। यह समिति इस बात की जांच करेगी कि रेड अलर्ट के बावजूद क्रूज को अनुमति क्यों मिली और सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन क्यों नहीं किया गया, ताकि भविष्य में ऐसी पुनरावृत्ति न हो।
दोषियों पर गिरी गाज
बरगी क्रूज हादसे में बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर सख्त कार्रवाई की गई है। इस मामले में क्रूज पायलट महेश पटेल, हेल्पर छोटेलाल गोंड और टिकट काउंटर प्रभारी बृजेंद्र की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी गई हैं।
वहीं, होटल मैकल रिसॉर्ट और बोट क्लब के मैनेजर सुनील मरावी को सस्पेंड कर दिया गया है, जबकि रीजनल मैनेजर संजय मल्होत्रा को मुख्यालय अटैच कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। मुख्यमंत्री ने साफ किया है कि दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और सरकार पीड़ित परिवारों की हर संभव मदद के लिए खड़ी है।
बैकवॉटर से निकाला गया क्रूज, लापता लोगों की तलाश जारी
हादसे के बाद बरगी डैम के बैकवॉटर से क्रूज को बाहर निकाल लिया गया है। डीआईजी अतुल सिंह ने अपडेट देते हुए बताया कि अब तक 29 लोगों को सुरक्षित बचाया गया है, जबकि 9 शव बरामद किए जा चुके हैं। लापता लोगों की संख्या को लेकर उन्होंने स्थिति स्पष्ट की कि अब 6 नहीं बल्कि 4 लोग लापता हैं। क्रूज के कांच टूटे होने के कारण आशंका जताई जा रही है कि कुछ शव पानी के बहाव में बाहर निकल गए होंगे, जिनकी तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।












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