Khatushyamji: बाबा श्याम को युवती का प्रार्थना पत्र, 'बाबा! रोहन को जिंदगी में वापस भेज दो, मैं चाहती हूं...'
Khatushyamji Sikar Rajasthan: 'हारे का सहारा बाबा श्याम' के दरबार में परिवार की सुख-समृद्धि के लिए ही नहीं बल्कि मोहब्बत में बाजी हारने वाले भी पहुंचते हैं। इसका ताजा उदाहरण वैलेंटाइन डे 2025 के मौके पर वायरल हो रही अर्जी है, जिसमें एक युवती ने दिल की बातें लिखकर बाबा श्याम से रोहन नाम के युवक को जिंदगी में वापस मांगा है।
राजस्थान के सीकर जिले के खाटू कस्बे में स्थित खाटूश्यामजी मंदिर में पहुंची युवती की अर्जी में लिखा है-'बाबा मैं रोहन को अपनी जिंदगी में वापस चाहती हूं। अगर वो मेरे लिए सही हो तो उसको मेरी जिंदगी में वापस भेजा देना.....।'

युवती ने चिट्ठी में आगे लिखा-'मैं चाहती हूं, जिससे मेरी मंगनी हुई है। उसी से शादी हो। मैं उसे खोना नहीं चाहती पर बाबा उसे मैं समझ नहीं पा रही शायद वो मुझे। आप सब जानते हे न ठाकुर जी। सब कुछ ठीक कर दो। मेरी शादी उससे से हो जाए। श्याम प्रभु'
यह भी पढ़ें- khatu Mela 2025: इस बार खाटू श्याम फाल्गुन लक्खी मेला में आने वाले श्याम भक्त इन बातों का ख्याल जरूर रखें
खाटूश्यामजी फाल्गुन लक्खी मेला 2025 इस बार 28 फरवरी से शुरू हो रहा है। इससे पहले 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे पर बाबा श्याम के दरबार में प्रेमी जोड़े बड़ी संख्या में पहुंचे और अमर प्रेमी का आशीर्वाद लिया। किसी ने मन्नत का धागा बांधा तो कोई इस युवती की प्रार्थना की अर्जी दे गया।

वैलेंटाइन डे पर सजा श्याम दरबार
14 फरवरी को वैलेंटाइन डे के मौके पर बाबा श्याम के दरबार को आकर्षक से सजाया गया। लाल, पीले, नारंगी और गुलाबी फूलों से मनमोहक श्रृंगार किया गया है। बाबा श्याम के दरबार में पत्र छोड़कर जाने वाली युवती ने अपना नाम नहीं लिखा। ना ही जगह का कोई जिक्र किया। हालांकि किसी रोहन का नाम जरूर लिखा है।
खाटूश्यामजी फाल्गुन लक्खी मेला 2025
खाटू श्याम जी का फाल्गुन लक्खी मेला हर वर्ष फाल्गुन माह में आयोजित होता है, जो इस वर्ष 28 फरवरी से 11 मार्च 2025 तक आयोजित होने की संभावना है। यह मेला विशेष रूप से फाल्गुन माह के शुक्ल पक्ष की अष्टमी से द्वादशी तक मनाया जाता है, जिसमें फाल्गुन सुदी एकादशी का दिन विशेष महत्व रखता है। इस दिन बाबा श्याम का शीश श्याम कुंड में प्रकट हुआ था।
खाटू मेले की विशेषताएं
विशाल श्रद्धालु संख्या: इस मेले में लाखों श्रद्धालु बाबा श्याम के दर्शन करने और आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए खाटू नगरी पहुंचते हैं।
खाटूश्यामजी पदयात्रा: रींगस से खाटू श्याम मंदिर तक की पदयात्रा भक्तों के लिए एक विशेष धार्मिक अनुभव है। श्रद्धालु बाबा श्याम का निशान लेकर जयकारों के साथ यात्रा करते हैं। मार्ग में जगह-जगह भंडारे लगाए जाते हैं, जहां भोजन और पानी की नि:शुल्क व्यवस्था होती है।
खाटू मेले में धार्मिक कार्यक्रम: मेले के दौरान विशेष पूजा, भजन-कीर्तन, जागरण, और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। भक्त खाटू श्याम जी के जाल और सिंदूर का विशेष महत्व मानते हैं।
खाटू फाल्गुन मेला 2025 में सेवा और भंडारे: मेले के दौरान बड़े पैमाने पर लंगर और सेवा शिविर लगाए जाते हैं, जहां भक्तों को भोजन, पानी, और ठहरने की सुविधाएं प्रदान की जाती हैं।
यह भी पढ़ें- Khatu Mela 2025: खाटूश्यामजी फाल्गुन लक्खी मेला 28 फरवरी से, इस बार खाटू में बदल गईं ये व्यवस्थाएं












Click it and Unblock the Notifications