Jat Andolan Rajasthan: आरक्षण के लिए भरतपुर में जाटों की महिलाओं ने उठाए लठ्ठ, CM ने भेजा बुलावा
Jat Reservation in Rajasthan: आरक्षण की मांग को लेकर राजस्थान के भरतपुर-धौलपुर जाटों का महापड़ाव जारी है। जाट भरतपुर जिले की उच्चैन तहसील के गांव जयचौली में दिल्ली-मुम्बई रेलवे लाइनों के पास तीन दिन से पड़ाव डाले बैठे हैं।
जाट आंदोलन राजस्थान के तीसरे दिन का अपडेट यह है कि अब जाटों की महिलाओं ने भी आरक्षण के लिए लठ्ठ उठा लिए हैं। शुक्रवार को बड़ी संख्या में जाट महिलाएं हाथों में लठ्ठ लेकर महापड़ाव स्थल पर पहुंचीं।

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राजस्थान जाट आरक्षण आंदोलन संघर्ष समिति के संयोजक नेम सिंह फौजदार ने बताया कि महापड़ाव के तीसरे दिन समाज की महिलाएं भी पहुंचीं और बोली कि बच्चों के भविष्य के लिए आवाज उठाएंगी।
उधर, राजस्थान की भजन लाल शर्मा सरकार ने महापड़ाव स्थल पर स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों को भेजा और आंदोलन के नेताओं को सरकार के साथ वार्ता करने को कहा।

जाट आंदोलन के नेताओं और सरकार के बीच वार्ता कब होगी? इसका अभी समय तय नहीं हुआ है। 20 जनवरी को कुछ तय हो सकता है। जाट आरक्षण संघर्ष समिति ने 16 सदस्यों की टीम का गठन किया है, जो मुख्यमंत्री से वार्ता करने के लिए जाएंगे। इधर, महापड़ाव स्थल पर रात को महिलाओं ने भजन-कीर्तन किए।
बता दें कि राजस्थान के सिर्फ भरतपुर और धौलपुर के जाटों को केंद्र में ओबीसी वर्ग में आरक्षण नहीं है। इसकी वजह यह बताई गई कि भरतपुर-धौलपुर के जाट पूर्व राज परिवार से ताल्लुख रखते हैं। इसलिए उनको बाकी जिलों के जाटों की तरह ओबीसी में आरक्षण नहीं मिल सकता।

भरतपुर-धौलपुर के जाटों ने 17 जनवरी 2024 से महापड़ाव शुरू कर दिया है। उनका कहना है कि 22 जनवरी को राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा समारोह है। दिल्ली-मुम्बई रूट से बड़ी संख्या में राम भक्त गुजर रहे हैं। ऐसे में 22 तक आंदोलन गांधीवादी तरीके से चलेगा। इसके बाद राजमार्ग व रेल मार्ग जाम करने जैसे सख्त कदम उठाए जाएंगे।












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