Lok Sabha Election: लोकसभा चुनावों में 6 सीटों पर पायलट और मोदी लहर में सीधी टक्कर, कौन कितना भारी ?

Lok Sabha Election: राजस्थान में पहले और दूसरे कुल दो चरणों हुए लोकसभा चुनाव के मतदान के बाद 25 लोकसभा सीटों पर प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला 4 जून को होना है। इधर सीटों पर सियासी गणित को लेकर गलियारों में चर्चाएं आम हो रही है।

राजस्थान में कोई मोदी लहर के दावे कर रहा है तो कोई पूर्वी से लेकर पश्चिमी राजस्थान तक पायलट के क्रेज से इतिहास बदलने का दम भर रहा है। जिसके चलते राजस्थान की 6 लोकसभा सीटों पर सियासत का पारा पूरी तरह से चढ़ा हुआ है।

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चर्चा है कि राजस्थान की इन 6 सीटों पर कांग्रेस के दिग्गज नेता सचिन पायलट ने अपनी पूरी ताकत झौंकी है। चर्चा तो यहां तक भी है कि कांग्रेस राजस्थान की इन 6 लोकसभा सीटों पर सबसे ज्यादा मजबूत स्थिति में है।

ऐसे में सियासत में चर्चा शुरू हो गई है कि यदि इस चुनाव में इन सीटों पर पायलट की वजह से जीत हासिल हुई तो आने वाले समय में सचिन पायलट की कांग्रेस में और मजबूत भूमिका हो सकती है।

इस रिपोर्ट के माध्यम से समझने की कोशिश की जाए तो राजस्थान की आखिर छह लोकसभा सीटें कौनसी हैं जिन पर सचिन पायलट ने अपनी प्रतिष्ठा दांव पर लगाकर पूरा दमखम लगाया है।

1. झुंझुनू लोकसभा सीट

इस लोकसभा सीट को इन चुनावों में कांग्रेस के लिए काफी मजबूत माना गया है। इसको लेकर कांग्रेस भी दावा कर रही है कि झुंझुनू सीट से पार्टी को जीत मिलेगी। यहां से पायलट ग्रुप के नेता बृजेंद्र ओला चुनाव मैदान में हैं। सचिन पायलट ने उनके पक्ष में भी झुंझुनू जाकर चुनावी सभा को संबोधित किया है। बृजेंद्र ओला को टक्कर देने के लिए बीजेपी के शुभकरण चौधरी मैदान में हैं।

2.जयपुर ग्रामीण लोकसभा सीट
राजस्थान की जयपुर ग्रामीण लोकसभा सीट पर सचिन पायलट के बेहद करीबी और युवा नेता अनिल चोपड़ा के लिए पायलट ने अपनी पूरी ताकत के साथ प्रचार किया है। राजस्थान की इस सीट पर सभी नेताओं की नजरे टिकी हुई है। यहां तक की पायलट भी अनिल चोपड़ा की जीत की भविष्यवाणी कर चुके हैं।

अनिल चोपड़ा को टक्कर देने के लिए भाजपा के वरिष्ठ नेता राव राजेंद्र सिंह हैं। सियासत में जयपुर ग्रामीण सीट को भी कांग्रेस के लिए मजबूत माना जा रहा है

3.भरतपुर लोकसभा सीट

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के गृह जिले भरतपुर लोकसभा सीट पर भी सचिन पायलट की प्रतिष्ठा दांव पर है। इस दौरान पायलट ने यहां भी अपना पूरा दमखम दिखाया।

पायलट ने कांग्रेस की प्रत्याशी संजना जाटव के पक्ष में पूरी मजबूती के साथ चुनावी प्रचार किया। इस सीट पर उन्हें भाजपा के रामस्वरूप कोली चुनाव टक्कर दे रहे हैं। सियासत में भरतपुर लोकसभा सीट को भी कांग्रेस के लिए मजबूत स्थिति में देखी जा रहीं है।

4.धौलपुर-करौली लोकसभा सीट

कांग्रेस के लिए इस लोकसभा चुनाव में धौलपुर करौली सीट भी काफी महत्वपूर्ण है। कांग्रेस ने यहां से भजनलाल जाटव को टिकट दिया है। इस दौरान पायलट ने भजनलाल जाटव के लिए काफी ताकत के साथ उनका प्रचार किया।

इसके चलते भजनलाल जाटव इस लोकसभा सीट पर मजबूत स्थिति में दिखाई दे रहें हैं। भाजपा में उनके सामने इंदु देवी जाटव चुनाव मैदान में है।
5 टोंक-सवाई माधोपुर लोकसभा सीट
टोंक सवाई माधोपुर लोकसभा सीट पर सचिन पायलट के करीबी और पूर्व डीजीपी हरीशचंद्र मीणा चुनाव मैदान में हैं। हरीशचंद्र मीणा वही नेता है जिन्होंने गहलोत और पायलट के बीच हुए सियासी संकट में पायलट का साथ दिया था।

ऐसी स्थिति में पायलट ने भी हरीशचंद्र मीणा को जीताने के लिए पूरी ताकत झोंक दी। इसकी वजह से टोंक लोकसभा सीट से हरीशचंद्र मीणा मजबूत स्थिति में नजर आ रहे हैं।

6 दौसा लोकसभा सीट
दौसा लोकसभा सीट पर सचिन पायलट के करीबी मुरारी लाल मीणा चुनावी मैदान में हैं। उनके सामने बीजेपी की तरफ से कन्हैया लाल मीणा टक्कर दे रहे हैं।

इस सीट को सचिन पायलट का गढ़ माना जाता है। क्योंकि इसी सीट से दिवंगत किसान नेता राजेश पायलट सासंद रहे। ऐसे में दौसा लोकसभा सीट को लेकर पायलट की प्रतिष्ठा दांव पर है।

हालांकि इन सभी सीटों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ भाजपा के कई दिग्गज नेताओं ने चुनावी प्रचार की कमान सम्भाली और बड़ी-बड़ी जनसभाओं, रोड शो के माध्यम से भाजपा का माहौल बनाने की पूरी कोशिश की गई। टोंक से लेकर दौसा तक प्रधानमंत्री मोदी ने जनसभाएं की। तो वहीं मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने भी रोड शो और जनसभाओं के साथ प्रचार में पूरी ताकत झौंकी है।

इधर कांग्रेस ने भी सचिन पायलट के साथ लम्बे समय बाद कंधे से कंधा मिलाकर चुनावी प्रचार किया। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी से लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत तक सभी नेताओं ने पूरी ताकत झौंकी।

अब 4 जून को नजीते घोषित होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी कि मतदाताओं ने किसके दावों और वादों पर मुहर लगाई है।

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