'गुल्लक के पैसे दे दूंगी, मेरे पापा के हत्यारों को पकड़ दो पुलिस अंकल' पिता के जन्मदिन पर फूट-फूटकर रोई मासूम
Yogendra Chopra Death Case: राजस्थान के भरतपुर जिले के नदबई कस्बे से एक ऐसी दर्दनाक कहानी सामने आई है, जिसने हर किसी को भावुक कर दिया। दो महीने पहले लूट के दौरान ज्वेलर योगेंद्र चोपड़ा की हत्या कर दी गई थी। परिवार अभी तक इस सदमे से बाहर भी नहीं निकल पाया था कि उनके जन्मदिन पर उनकी छोटी बेटी प्रियल चोपड़ा की बातों ने पूरे इलाके को रुला दिया।
जिस दिन घर में खुशियां होनी चाहिए थीं, उस दिन वहां सन्नाटा, आंसू और अधूरे सपनों का दर्द पसरा हुआ था। मासूम प्रियल पिछले एक साल से अपने पिता के जन्मदिन के लिए चुपचाप पैसे जोड़ रही थी। उसे उम्मीद थी कि इस बार वह अपने हाथों से पापा को खास तोहफा देगी, लेकिन किस्मत ने उससे उसका सबसे बड़ा सहारा ही छीन लिया। अब वही गुल्लक उसकी आंखों के आंसुओं और इंसाफ की उम्मीद का प्रतीक बन गई है।

एक साल तक जोड़ती रही पैसे
प्रियल चोपड़ा अपने पिता योगेंद्र चोपड़ा के बेहद करीब थी। हर साल वह उनके जन्मदिन पर कुछ खास करने की कोशिश करती थी। इस बार उसने पहले से तैयारी शुरू कर दी थी। छोटी-छोटी जरूरतों को छोड़कर वह गुल्लक में पैसे जमा करती रही। उसके मन में सिर्फ एक ही बात थी कि पापा का जन्मदिन यादगार बनाना है।
परिवार के लोगों के मुताबिक, प्रियल हर सिक्का बहुत संभालकर गुल्लक में डालती थी। उसे इस बात की खुशी रहती थी कि वह अपने पिता को अपनी मेहनत से खरीदा हुआ उपहार देगी। लेकिन जन्मदिन आने से पहले ही उसके पिता की हत्या ने पूरे परिवार की जिंदगी बदल दी।
जन्मदिन पर फूट-फूट कर रोई बेटी
जब योगेंद्र चोपड़ा का जन्मदिन आया तो घर का माहौल बेहद भावुक हो गया। प्रियल अपनी गुल्लक को सीने से लगाकर रोने लगी। वहां मौजूद लोगों की आंखें उस समय नम हो गईं, जब मासूम बच्ची ने कहा कि वह ये पैसे अपने पापा के लिए जोड़ रही थी, लेकिन अब पापा नहीं हैं।
रोते हुए उसने कहा कि अब वह ये पैसे पुलिस वालों को देगी, ताकि वे उन लोगों को पकड़ सकें जिन्होंने उसके पिता को उससे छीन लिया। एक छोटी बच्ची की जुबान से निकली यह बात सुनकर हर कोई भावुक हो उठा।
दो महीने पहले हुई थी हत्या
ज्वेलर योगेंद्र चोपड़ा की करीब दो महीने पहले लूट के दौरान हत्या कर दी गई थी। इस वारदात ने नदबई कस्बे समेत पूरे भरतपुर जिले को हिला दिया था। परिवार आज भी उस दर्द से बाहर नहीं निकल पाया है। घर में हर दिन योगेंद्र चोपड़ा की यादें परिवार को परेशान करती हैं, लेकिन सबसे ज्यादा असर उनकी छोटी बेटी पर पड़ा है।
परिवार के लोगों का कहना है कि प्रियल अक्सर अपने पिता के बारे में बात करती रहती है और उन्हें वापस लाने की जिद करती है। उसे अभी भी पूरी तरह समझ नहीं आ रहा कि उसके पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं।
मासूमियत में छिपा इंसाफ का दर्द
जिस उम्र में बच्चे खिलौनों और खेल में खोए रहते हैं, उस उम्र में प्रियल इंसाफ की बात कर रही है। उसकी गुल्लक अब सिर्फ पैसों का डिब्बा नहीं, बल्कि एक बेटी के टूटे सपनों और पिता के लिए उसके प्यार की निशानी बन चुकी है।
प्रियल की यह भावुक अपील अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग सोशल मीडिया पर भी इस बच्ची के दर्द को साझा कर रहे हैं और आरोपियों को जल्द पकड़कर सख्त सजा देने की मांग कर रहे हैं।












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