Rajasthan News: भजनलाल सरकार ने बदला अपना ही फैसला, पहले हटाया अब वापिस मांगे आवेदन
Rajasthan News: राजस्थान में इन दिनों भजनलाल सरकार के अपने ही आदेश को बदलने के मामले में चर्चाएं जोरदार तरीके से हो रही है। चर्चा है कि पहले सीएम भजनलाल ने संविदाकर्मियों को हटा दिया था लेकिन अब फिर से आवेदन मांगे गए है।
राजस्थान में सरकार बनते ही सीएम भजनलाल शर्मा ने जेडीए में संविदा पर लगे सेवानिवृ्त्त अधिकारियों और कर्मचारियों को हटा दिया था। अब महज कुछ ही दिनों में सीएम को अपना यह फैसला बदलना पड़ा।

हाल ही में राजस्थान सरकार से अनुमंती लेने के बाद जेडीए ने विज्ञप्ति के जरिए सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों से संविदा के तौर पर कार्य करने के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
प्रदेश की भजनलाल सरकार ने सत्ता में आते ही जयपुर विकास प्राधीकरण में संविदा पर लगे सेवानिवृ्त्त अधिकारियों और कर्मचारियों को हटा दिया था। सरकार का मानना था कि सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों के बजाय नियमित कर्मचारियों और अधिकारियों से ही कार्य कराया जाएगा।
अगर अफसरों और कर्मचारियों की कमी होगी तो नई भर्ती की जाएगी। सरकार का यह फैसला चार महीने भी नहीं टिक पाया। पहले संविदा पर लगे सभी सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों को हटा दिया था लेकिन अब सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अधिकारियों की सेवाएं फिर से लिए जाने का निर्णय लिया गया है।
सरकार की अनुमति के बाद जयपुर विकास प्राधिकरण के सचिव ने एक विज्ञप्ति जारी की है। इस विज्ञप्ति के जरिए सेवानिवृत्त अधिकारियों और कर्मचारियों से संविदा के तौर पर कार्य करने के लिए आवेदन आमंत्रित किए गए हैं।
राज्य सरकार की मंशा थी कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों और अधिकारियों के स्थान पर नियमित अधिकारियों और कर्मचारियों से ही कार्य करवाया जाएगा।
प्रदेश में नई सरकार बनने के बाद राज्य सरकार ने संविदा पर लगे अधिकारियों और कर्मचारियों को हटा दिया था। बाद में आचार संहिता लग गई।
अब तीन महीने बाद आचार संहिता हट गई लेकिन कैडर स्ट्रैंथ तय नहीं होने से नई भर्तियां शुरु नहीं हो सकी है। कर्मचारियों और अधिकारियों की कमी से जूझ रहे जेडीए ने फिर से सेवानिवृत्त कार्मियों की सेवाएं फिर से लेने का निर्णय लिया है।










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