Rajasthan News: विधानसभा स्पीकर वासुदेव देवनानी ने इस मंत्री को लगाई कड़ी फटकार, जानिए वजह
Rajasthan News: राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के बार-बार सवाल पूछने पर कड़ी आपत्ति जताई है। विधानसभा में प्रश्नकाल के बाद देवनानी ने सरकार के एक मंत्री को कड़ी फटकार लगाई है। शून्यकाल की कार्यवाही के लिए मुद्दे बताते समय मंत्री उठकर जाने लगे। जिससे स्पीकर देवनानी नाराज हो गए।
विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने कहा कि शून्यकाल के दौरान किसी भी विधायक को मंत्री के पास नहीं जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आप मंत्री के कक्ष में जाकर बात करें। उन्होंने कहा कि कुछ मंत्री और विधायक अध्यक्ष के बोलने के दौरान भी इधर-उधर घूमते रहते हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसी अनुशासनहीनता के खिलाफ उन्हें कार्रवाई करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

स्पीकर देवनानी ने बताया कि मुख्य प्रश्न के अलावा केवल दो अनुपूरक प्रश्न ही पूछे जा सकेंगे। उन्होंने कहा कि इन प्रश्नों के बाद विपक्ष के नेता को अगले प्रश्न पर जाने से पहले अनुमति दी जाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि उत्तर संतोषजनक न भी हो तो आगे की चर्चा बाद में होनी चाहिए।
विधानसभा अध्यक्ष ने मंत्रियों को भी तैयार होकर आने की सलाह दी और पूरक प्रश्न पूछने वालों से आग्रह किया कि वे विषय पर ही बने रहें। उन्होंने सदस्यों की आलोचना की कि वे अपने प्रश्नों को भाषणों में बदल रहे हैं। जिसे उन्होंने अनुचित माना।
इससे पहले प्रश्नकाल के दौरान डोटासरा और देवनानी के बीच नोकझोंक हुई। स्वास्थ्य मंत्री कालीचरण सराफ के एक सवाल का जवाब देने के बाद डोटासरा ने दूसरा सवाल पूछा। इस पर स्पीकर ने कहा कि डोटासरा का हर सवाल पर खड़ा होना उचित नहीं है। यह अधिकार विपक्ष के नेता को है।
डोटासरा ने इस प्रतिबंध पर अपनी नाराजगी जताई है। लेकिन देवनानी ने व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि ऐसा होगा। नियमों का पालन न करने पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी है। उन्होंने दोहराया कि डोटासरा को बार-बार खड़े होने का अधिकार नहीं है।
नोकझोंक के बाद देवनानी ने निर्देश दिया कि डोटासरा ने जो कुछ भी कहा उसे सदन की कार्यवाही में दर्ज नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि इन हरकतों से तमाशा खड़ा हो गया है।
विधानसभा अध्यक्ष देवनानी ने अंत में कहा कि सदन में किसी भी हालत में अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। विधानसभा सत्र के दौरान शिष्टाचार और आचरण बनाए रखने के लिए स्पीकर ने सख्त कदम उठाया है।












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