'सब जानते हैं सरकार गिराने के लिए अमित शाह से मिले थे कुछ कांग्रेस विधायक', पायलट पर गहलोत का हमला
जयपुर, 2 अक्टूबर: राजस्थान में सियासी संकट जारी है। सचिन पायलट और अशोक गहलोत, दोनों ही खेमों को हाईकमान के फैसले का इंतजार है, लेकिन अभी पार्टी का शीर्ष नेतृत्व इस बारे में कुछ भी कहने से बच रहा। इस बीच सीएम गहलोत ने सचिन पायलट पर बिना नाम लिए निशाना साधा। साथ ही उन पर सरकार के खिलाफ साजिश रचने का सीधा आरोप लगाया। गहलोत के मुताबिक कांग्रेस के कई विधायकों ने सोचा कि दूसरों को स्वीकार करने की तुलना में बगावत ज्यादा बेहतर है, जिस वजह से उन्होंने अमित शाह से मुलाकात की। इसी वजह से बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान लगातार सरकार गिराने के संकेत दे रहे थे।

जयपुर में एक समारोह में महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि देने के बाद गहलोत ने कहा कि कांग्रेस के इतिहास में पहली बार वो एक लाइन प्रस्ताव पारित नहीं हुआ। मुझे इस बात का अभी भी दुख है, इसलिए मैंने माफी भी मांगी, लेकिन स्थिति क्यों पैदा हुई? जब मैंने विधायकों को समझाने के लिए पीसीसी प्रमुख गोविंद डोटासरा को भेजा, तो वे इस बात से बहुत नाराज थे कि मैंने उनसे 2020 में वादा किया था कि मैं उनका अभिभावक बनूंगा। अगर मैंने राजस्थान छोड़ दिया होता तो क्या होता? कांग्रेस विधायक दल का नेता होने के नाते, जो भी हुआ, मैं उसकी पूरी जिम्मेदारी लेता हूं।
गहलोत ने आगे कहा कि विधायकों ने सोचा कि दूसरों को स्वीकार करने से बगावत करना बेहतर है। सभी जानते हैं कि कुछ विधायकों ने अमित शाह, जफर इस्लाम और धर्मेंद्र प्रधान के साथ बैठक की थी। ये बात भी सभी को पता है कि बीजेपी लगातार राजस्थान में सरकार गिराने की कोशिश कर रही थी। वो नहीं चाहते कि हमारा 5 साल का कार्यकाल पूरा हो।
82 विधायकों ने दिया था इस्तीफा
आपको बता दें कि जब कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए अशोक गहलोत का नाम सामने आया, तो ये चर्चा होने लगी कि सचिन पायलट को मुख्यमंत्री की कुर्सी मिल सकती है। इसके बाद 82 कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा अध्यक्ष को इस्तीफा दे दिया। हालांकि वो अभी तक स्वीकार नहीं हुआ। गहलोत गुट का कहना था कि पायलट ने 2020 में सरकार गिराने की कोशिश की थी, ऐसे में उनको इतनी बड़ी जिम्मेदारी देना सही नहीं है।












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