ज्योतिबा के विचार मूल्य हमेशा प्रेरित करते रहेंगे, CM भूपेश ने किया ज्योतिबा फुले की पुण्यतिथि पर उन्हें नमन
छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को अपने निवास कार्यालय में समाज सुधारक, विचारक, लेखक और दार्शनिक महात्मा ज्योतिबा फुले की पुण्यतिथि पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
Mahatma Jyotiba Phule on his death anniversary: छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने सोमवार को अपने निवास कार्यालय में समाज सुधारक, विचारक, लेखक और दार्शनिक महात्मा ज्योतिबा फुले की पुण्यतिथि पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। बघेल ने कहा कि महात्मा फुले समाज को अंधविश्वास और कुप्रथाओं से मुक्त करना चाहते थे। वे भारतीय समाज में प्रचलित जाति व्यवस्था और उस पर आधारित भेदभाव के प्रबल विरोधी थे। उन्होंने महिलाओं व दलितों के उत्थान के लिए कई कार्य किए। दलितों के प्रति भेद-भाव समाप्त कर उन्हें समाज में स्थान दिलाने के लिए महात्मा फुले ने सत्यशोधक समाज की स्थापना की।

मुख्यमंत्री बघेल ने कहा कि महात्मा फुले ने समाज को कुरीतियों से मुक्ति दिलाने के लिए सभी वर्गों की शिक्षा पर बल दिया। उन्होंने महिला शिक्षा को भी बढ़ावा दिया और अपनी धर्मपत्नी सावित्रीबाई फुले को शिक्षा प्रदान की, जो भारत की पहली अध्यापिका बनीं। उन्होंने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फुले की सेवा भावना और विचार मूल्य हमें सदा दीन-दुखियों की सेवा और समाज में समता स्थापित करने के लिए प्रेरित करते रहेंगे।
कौन थे महात्मा ज्योतिबा फुले
महात्मा ज्योतिबा फुले का जन्म 11 अप्रैल 1827 को पुणे में हुआ था। जबकि 28 नवंबर, 1890 को 63 साल की उम्र में उनका निधन हुआ था। उनकी माता का नाम चिमणाबाई और पिता का नाम गोविन्दराव था, उनका परिवार कई पीढ़ी पहले माली का काम करता था। वह सातारा से पुणे फूल लाकर फूलों के गजरे आदि बनाने का काम करते थे, कारण से उनकी पीढ़ी 'फुले' के नाम से जानी जाती थी। तिराव गोविंदराव फुले 19वीं सदी के एक महान समाजसुधारक, समाज प्रबोधक, विचारक, समाजसेवी, लेखक, दार्शनिक तथा क्रान्तिकारी कार्यकर्ता थे। उनको महात्मा फुले एवं ''जोतिबा फुले के नाम से भी जाना जाता है। फुले ने पूरा जीवन महिलाओं को शिक्षा का अधिकार दिलाने, बाल विवाह को बंद कराने में लगा दिया था। वह भारतीय समाज को कुप्रथा, अंधश्रद्धा की जाल से समाज को मुक्त करना चाहते थे।
यह भी पढ़ें केंद्रीय जांच एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल ले सकते हैं एक्शन












Click it and Unblock the Notifications