पंजाब: क्या सही होगी नवजोत सिंह सिद्धू की बात, ‘कांग्रेस को कांग्रेस ही हरा सकती है’
पंजाब के चुनावी समर सें सियासी पार्टियां तैयारियों में जुटी हुई हैं। वहीं कांग्रेस नेता आरोप-प्रत्यारोप के चक्कर में अपनी ही पार्टी की ख़ामियों को उजागर कर रहे हैं।
चंडीगढ़, 4 फरवरी 2022। पंजाब के चुनावी समर सें सियासी पार्टियां तैयारियों में जुटी हुई हैं। वहीं कांग्रेस नेता आरोप-प्रत्यारोप के चक्कर में अपनी ही पार्टी की ख़ामियों को उजागर कर रहे हैं। सियासी गलियारों में चर्चा ज़ोरों पर है कि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के बयान सच साबित होते दिख रहे हैं। दरअसल नवजोत सिंह सिद्धू ने एक इंटरव्यू में कहा था कि पंजाब में कांग्रेस को सिर्फ़ कांग्रेस ही हरा सकती है। पंजाब कांग्रेस के नेता सियासी माइलेज लेने की चक्कर में अपनी पार्टी की कमियों को ही जनता के सामने उजागर कर रहे हैं। इसकी वजह से विपक्ष को कांग्रेस को घेरने का मौक़ा मिल रहा है। वहीं मतदाताओं का भी भरोसा कांग्रेस से उठता जा रहा है। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस नेताओं की इस तरह की बयानबाज़ी पेरशानी का सबब बन सकती है।

'कांग्रेस नेताओं के बीच चल रही कुर्सी की लड़ाई'
पंजाब के शिक्षा और खेल मंत्री परगट सिंह ने हाल ही सनसनीख़ेज़ दावा करते हुए कहा कि उन्होंने ही कैप्टन अमरिंदर सिंह को ज़लील करवाकर पार्टी से निकलवाया है। परगट सिंह के इस बयान से सियासी सरगर्मियां बढ़ गईं हैं। पंजाब के मतदाताओं का इस मामले में कहना है कि सत्ता में रहने के लिए जब कांग्रेस के नेता अपने वरिष्ठ साथी को बेइज़्ज़त कर सकते हैं तो फिर वह जनता के हक़ में क्या सोचेंगे ? कांग्रेस के सभी दिग्गज नेता तो ख़ुद को सीएम पद का दावेदार ही मान रहे हैं। चुनाव से पहले चुनावी मुद्दा छोड़ कर सब को अपनी कुर्सी दिख रही है। सुनील जाखड़ के सीएम वाले बयान पर उन्होंने (परगट सिंह) कहा कि सभी की ख्वाहिश होती है कि आगे बढ़ें। मेरी भी यही ख़्वाहिश है। इससे यही ज़ाहिर होता है कि कांग्रेस के नेताओं के बीच कुर्सी की लड़ाई चल रही है जनता के मुद्दों की नहीं। कांग्रेस के अलावा किसी और दल में इस तरह का सियासी घमासान नहीं मचा हुआ है।

परगट सिंह पर पूर्व सांसद ने लगाए आरोप
पर्चा दाखिल करने के आखरी दिन जालंधर के आदमपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस के पूर्व सासंद मोहिंदर सिंह केपी नामांकन दर्ज करने गए थे लेकिन वह पर्चा दाखिल नहीं कर पाए। क्योंकि नामाकन दर्ज करने से पहले ही कांग्रेस की तरफ़ से संदेश आया कि आदमपुर सीट से सुखविंदर सिंह कोटली ही चुनावी मैदान में उतरेंगे। इस वजह से मोहिंदर सिंह केपी ने पर्चा दाखिल नहीं किया। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि परगट सिंह की वजह से मेरा टिकट कटा है। हालांकि परगट सिंह ने इस बात से साफ़ इनकार किया । उन्होंने कहा कि मोहिंदर सिंह का टिकट कटवाने में उनका कोई हाथ नहीं है। वहीं दूसरी ओर मोहिंदर सिंह केपी ने सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस ने मेरा राजनीतिक भविष्य ख़राब करने की कोशिश की है। पार्टी के फ़ैसले की वजह से अब मैं चुनाव नहीं लड़ पाऊंगा लेकिन मुझे प्रचार-प्रसार करने से कोई नहीं रोक सकता है।

जाखड़ की बयानबाज़ी से बढ़ी कांग्रेस की मुश्किलें
पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ऐसे तो कभी पार्टी के ख़िलाफ़ बयानबाज़ी नहीं करते थे। हाल ही में उनकी बयानबाज़ी ने पार्टी के लिए परेशानी का सबब बन गई है। सुनील जाखड़ की बयानबाज़ी से कांग्रेस के हिंदू मतदाताओं का ध्रुवीकरण हो सकता है। इसका सीधा फ़ायदा भारतीय जनता पार्टी को मिलने के क़यास लगाए जा रहे हैं। दरअसल सुनील जाखड़ ने यह दावा किया है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के कांग्रेस से इस्तीफ़ा देने के बाद पार्टी ने मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी ने सितंबर 2021 में विधायकों से वोटिंग करवाई थी। 42 विधायक उनके (जाखड़) समर्थन में थे। 16 विधायकों ने सुखजिंदर रंधावा को वोट किया था जबकि 12 विधायकों ने प्रीनीत कौर (कैप्टन की पत्नी) को समर्थन दिया था, नवजोत सिंह सिद्धू के समर्थन में 6 विधायक थे और सिर्फ़ 2 विधायक चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थन में थे।

सबसे ज्यादा विधायकों का मुझे मिला समर्थन- जाखड़
सुनील जाखड़ ने कहा कि सबसे ज्यादा विधायकों का समर्थन उन्हें मिला था इसके बावजूद उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया। क्योंकि अंतिम समय में अंतिम वक्त में कांग्रेस नेता अंबिका सोनी ने कहा कि पंजाब सिख स्टेट है, यहां सीएम सिख चेहरा होना चाहिए, सुनील जाखड़ हिंदू हैं। अंबिका सोनी के बयान के बाद कांग्रेस आलाकमान को अपना फ़ैसला बदलना पड़ा और चरणजीत सिंह चन्नी मुख्यमंत्री बनाए गए । सुनील जाखड़ ने कहा कि वह हिंदू थे इसलिए उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया। जाखड़ के इस बयान के बांद पंजाब का सियासी पारा चढ़ा हुआ है। सियासी जानकारों का कहना है कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सुनील जाखड़ के हिंदू वाले बयानबाज़ी से कांग्रेस के हिंदू वोटर किनारा कर भारतीय जनता पार्टी के पाले में जा सकते हैं। क्योंकि भारतीय जनता पार्टी हिंदुत्व की राजनीति करती है और अभी पंजाब के सियासी समीकरण कई मायने में बदल चुके हैं।
ये भी पढ़ें: पंजाब दी गल: ट्रोल हुई सिद्धू की पत्नी, चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस नेताओं ने बढ़ाई पार्टी की मुश्किलें
{document1}












Click it and Unblock the Notifications