पंजाब दी गल: ट्रोल हुई सिद्धू की पत्नी, चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस नेताओं ने बढ़ाई पार्टी की मुश्किलें

पंजाब में विधानसभा चुनाव के दिन क़रीब आते ही कांग्रेस पार्टी की मुश्किलें बढ़ती हुई नज़र आ रही है। पंजाब के सियासी गलियारों में यह चर्चा ज़ोरों पर है कि कांग्रेस के नेता ही कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं।

चंडीगढ़, 3 फरवरी 2022। पंजाब में विधानसभा चुनाव के दिन क़रीब आते ही कांग्रेस पार्टी की मुश्किलें बढ़ती हुई नज़र आ रही है। पंजाब के सियासी गलियारों में यह चर्चा ज़ोरों पर है कि कांग्रेस के नेता ही कांग्रेस के लिए मुश्किलें खड़ी कर रहे हैं। चाहे टिकट कटने से नाराज़ हुए कांग्रेस के बाग़ी नेता हों या फिर पार्टी में मौजूद नेता की बयानबाज़ी हो। पंजाब दी गल में आज हम आपके लिए कुछ इसी तरह की चटपची ख़बर लाए हैं कि किस तरह विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ रही हैं।

सुनील जाखड़ का छलका दर्द

सुनील जाखड़ का छलका दर्द

पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ऐसे तो कभी पार्टी के ख़िलाफ़ बयानबाज़ी नहीं करते थे। हाल ही में उनकी बयानबाज़ी ने पार्टी के लिए परेशानी का सबब बन गई है। सुनील जाखड़ की बयानबाज़ी से कांग्रेस के हिंदू मतदाताओं का ध्रुवीकरण हो सकता है। इसका सीधा फ़ायदा भारतीय जनता पार्टी को मिलने के क़यास लगाए जा रहे हैं। दरअसल सुनील जाखड़ ने यह दावा किया है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह के कांग्रेस से इस्तीफ़ा देने के बाद पार्टी ने मुख्यमंत्री पद के लिए पार्टी ने सितंबर 2021 में विधायकों से वोटिंग करवाई थी। 42 विधायक उनके (जाखड़) समर्थन में थे। 16 विधायकों ने सुखजिंदर रंधावा को वोट किया था जबकि 12 विधायकों ने प्रीनीत कौर (कैप्टन की पत्नी) को समर्थन दिया था, नवजोत सिंह सिद्धू के समर्थन में 6 विधायक थे और सिर्फ़ 2 विधायक चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थन में थे।

जाखड़ के बयान से चढ़ा सियासी पारा

जाखड़ के बयान से चढ़ा सियासी पारा

सुनील जाखड़ ने कहा कि सबसे ज्यादा विधायकों का समर्थन उन्हें मिला था इसके बावजूद उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया। क्योंकि अंतिम समय में अंतिम वक्त में कांग्रेस नेता अंबिका सोनी ने कहा कि पंजाब सिख स्टेट है, यहां सीएम सिख चेहरा होना चाहिए, सुनील जाखड़ हिंदू हैं। अंबिका सोनी के बयान के बाद कांग्रेस आलाकमान को अपना फ़ैसला बदलना पड़ा और चरणजीत सिंह चन्नी मुख्यमंत्री बनाए गए । सुनील जाखड़ ने कहा कि वह हिंदू थे इसलिए उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया। जाखड़ के इस बयान के बांद पंजाब का सियासी पारा चढ़ा हुआ है। सियासी जानकारों का कहना है कि विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सुनील जाखड़ के हिंदू वाले बयानबाज़ी से कांग्रेस के हिंदू वोटर किनारा कर भारतीय जनता पार्टी के पाले में जा सकते हैं। क्योंकि भारतीय जनता पार्टी हिंदुत्व की राजनीति करती है और अभी पंजाब के सियासी समीकरण कई मायने में बदल चुके हैं।

कांग्रेस ने क्यों की थीम सॉन्ग की घोषणा ?

कांग्रेस ने क्यों की थीम सॉन्ग की घोषणा ?

कांग्रेस की तरफ़ से बुधवार को मुख्यमंत्री के उम्मीदवार की घोषणा करने के क़यास लगाए जा रहे थे लेकिन कांग्रेस ने सीएम चेहरा घोषित करने के बजाए कांग्रेस ने थीम सॉन्ग की घोषणा कर दी। कांग्रेस के थीम सॉन्ग की घोषणा के बाद कई तरह की चर्चाएं शुरू हो चुकीं हैं। सियासी गलियारों में यह चर्चा ज़ोरों पर है कि मुख्यमंत्री उम्मीदवार की घोषणा करने पर कांग्रेस में और ज़्यादा गुटबाज़ी बढ़ सकती है। इसलिए थीम सॉन्ग में कांग्रेस के दिग्गज चेहरे को जगह देकर सीएम उम्मीदवार की घोषणा से पहले खानापूर्ती करने की कोशिश की गई है। कांग्रेस के थीम सॉन्ग में पंजाब सरकार के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए एक मौक़ा देने की अपील की गई है। पंजाबी भाषा में लिखे गए 2.20 मिनट के इस गीत में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाद्रा, सीएम चरणजीत सिंह चन्नी, नवजोत सिंह सिद्धू, सुनील जाखड़, प्रताप सिंह बाजवा समेत पार्टी कई और नेताओं को दिखाया गया है। इस वीडियो में सभी को शामिल करते हुए कांग्रेस ने गुटबाज़ी पर लगाम लगाने की कोशिश की है।

CM उम्मीदवार पर राय शुमारी

CM उम्मीदवार पर राय शुमारी

पंजाब कांग्रेस का मुख्यमंत्री उम्मीदवार कौन होगा यह सियासी गलियारों में हॉट टॉपिक बना हुआ है। कांग्रेस पार्टी के आलाकमान ने मुख्यमंत्री उम्मीदवार तय करने के लिए प्रक्रियाएं चल रही हैं। सूत्रों की मानें तो पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी भी पंजाब कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं से शक्ति ऐप्प के जरिए प्रतिक्रियाएं ले रही हैं। वहीं आम लोगों की राय शुमारी भी की जा रही ले रही है। सूत्रों की मानें तो छह फरवरी को राहुल गांधी अपने पंजाब दौरे के दौरान सीएम उम्मीदवार की घोषणा कर सकते हैं। मुख्यमंत्री पद के दावेदार में चरणजीत सिंह चन्नी बाजी मारते हुए दिखाई दे रहे हैं। इसके पीछे की वजह बौतर सीएण उनका कार्यकाल, पीएम की कथित सुरक्षा चूक मामले में भाजपा का काउंटर, अनुसूचित जाति समुदाय से ताल्लुक रखना और उन्हें दो विधानसभा सीटों से चुनावी रण में उतारना बताया जा रहा है

ट्रोल हुई नवजोत कौर सिद्धू

ट्रोल हुई नवजोत कौर सिद्धू

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर सिद्धू अपनी बयानबाज़ी की वजह से ट्रोल की जा रही हैं। दरअसल वह एक इंटरव्यू में यह कहते हुए दिखीं की अगर इस चुनाव में कामयाब नहीं हुए तो वह और उनके पति पुराने प्रोफ़ेश में वापिस लौट जाएंगी। नवजौत कौर सिद्धू ने कहा कि सियासत में आने से उन लोगों को काफ़ी नुकसान उठाना पड़ रहा है। उनके पति (नवजोत सिंह सिद्धू) हर महीने 25 लाख रुपये कमाते थे, जबकि वह खुद 10 लाख रुपये तक कमाती थीं। उन्होंने कहा कि अगर सियासत में कामयाबी नहीं मिली तो वापस अपने प्रोफ़ेशन में लौट कर, अपनी तरह से ज़िंदगी बसर करेंगी। राजनीति में आने से हमें लोगों की सद्भावना के अलावा कुछ भी हासिल नहीं हुआ है। सियासत में आने के बाद हम लोग आर्थिक तौर पर कमज़ोर हो गए हैं। 2004 में राजनीति में आने के बाद से हमारा काम पूरी तरह से ठंडे बस्ते में है। इस इंटरव्यू के बाद नवजोत कौर सिद्धू काफी ट्रोल हो रही हैं। उनके राजनीति में आने के मकसद पर लोग सवाल उठा रहे हैं। कई लोगो तो यह कह रहे हैं कि सिद्धू दंपति सिर्फ़ कुर्सी के लिए सियासत करता है।


ये भी पढ़ें : पंजाब: चुनावी मैदान में निर्दलीय उतरे कांग्रेस के बाग़ी नेता, इन सीटों पर बिगड़ सकता है पार्टी का समीकरण

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+