पंजाब: कैप्टन के करीबी रहे पूर्व मंत्री को तवज्जोह क्यों दे रही कांग्रेस आलाकमान, जानिए इसके पीछे की वजह
पंजाब कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सीएम चन्नी के लिए यह बड़ी चुनौती है कि पार्टी में मचे घमासन पर पूरी तरह से वीराम लगा सके।
चंडीगढ़ 10, नवम्बर 2021। पंजाब कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। आगामी विधानसभा चुनाव से पहले सीएम चन्नी के लिए यह बड़ी चुनौती है कि पार्टी में मचे घमासन पर पूरी तरह से वीराम लगा सके। चन्नी पर इसलिए भी दबाव ज्यादा है क्योंकि आलाकमान ने मुख्यपंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को ही पंजाब चुनाव की रणनीति तैयार करने की ज़िम्मेदारी दी है। पंजाब कांग्रेस को लेकर पार्टी आलाकमान भी काफ़ी गंभीर है ताकि चुनाव से पहले पार्टी में कोई दरार नहीं पड़े। इसी कड़ी में पार्टी आलाकमान से लेकर मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री तक पार्टी को एकजुट करने में लगे हुए हैं। कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी रहे पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू को पार्टी हाईकमान और पंजाब कांग्रेस इन दिनों काफ़ी तरजीह दे रही है।

बलबीर सिद्धू की अचानक क्यो आई याद ?
बलबीर सिंह सिद्धू कैप्टन के बहुत क़रीब हैं और जब कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब के मुख्यमंत्री थे वह( बलबीर सिंह सिद्धू) पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री थे। लेकिन जब चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब के मुख्यमंत्री बने तो उन्होंने बलबीर सिंह सिद्धू से स्वास्थ्य मंत्रालय का कार्यभार लेकर ओपी सोनी को स्वास्थ्य मंत्री बना दिया। सियासी गलियारों में यह चर्चाएं तेज़ हैं कि बलबीर सिंह सिद्धू से मंत्रालय छिन जाने के बाद वह नाराज़ चल रहे थे और अब कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपनी पार्टी भी बना ली है। पंजाब कांग्रेस को यह डर है कि चुनाव से ठीक पहले बलबीर सिंह सिद्धू कांग्रेस को अलविदा कह कर कैप्टन की पार्टी ज्वॉइन कर सकते हैं। यही वजह है की सभी उन्हे मनाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं

बलबीर सिद्धू जो चाहेंगे वो होगा- चन्नी
पंजाब के पूर्व स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह सिद्धू को मनाने के सीएम चन्नी ने ट्रंप कार्ड खेला है। उन्हों ने कहा है कि बलबीर सिद्धू को बड़ी जिम्मेूदारी दी जाएगी और वह जो चाहेंगे वही होगा। मुख्यमंत्री चन्नी ने कहा कि बीते दिनों बलबीर सिंह सिद्धू की राहुल गांधी से मुलाकात हुई थी, जिसमें ये बात स्पष्ट कर दी गई है कि उन्हें बड़ी जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। लोग ये न समझे कि सिद्धू मंत्री नहीं रहे। हमारे डिप्टी उप मुख्यमंत्री ओपी सोनी ने कहा कि सिद्धू ही सेहत मंत्री हैं तो मैं कहता हूं कि सिद्धू ही मुख्यमंत्री हैं। मेरे से सादे कागजों पर साइन करवा लो जो सिद्धू लोगों की मांग रखेंगे पूरी हो जाएगी। उन्होंने कहा बलबीर सिंह सिद्धू पंजाब कांग्रेस के लिए काफ़ी अहम है।

'शहर को नबंर वन बनाना मेरा टारगेट'
विधायक बलबीर सिंह सिद्धू ने कहा कि शहर की सभी जरूरी मांगों को मुख्यमंत्री ने मंजूर कर लिया है। उन्होंने कहा कि कोविड के दौरान मैं अपने हलके के लोगों के बीच में नहीं था लेकिन अब मैं अपने हलके के लोगों के बीच में हूं और जनता की जो भी मांगें हैं उन्हें जल्द से जल्द पूरा करने की कोशिश करूंगा। उन्होंने कहा कि नीड बेस्ड पॉलिसी, शहर को नया स्टेडियम, ऑडिटोरियम से लेकर सभी जरूरी चीजों को सीएम लगातार अमली जामा पहना रहे हैं। शहर को नबंर वन बनाना मेरा टारगेट है, जमीनी स्तर से जुड़ते हुए सभी कामों को पूरा करवाया जाएगा। बलबीर सिंह सिद्धू की सक्रियता देख कर तो यह लग रहा है कि वह अभी कांग्रेस में रहेंगे लेकिन अगर पार्टी उन्हें कोई अहम पद से नहीं नवाज़ती है तो कहीं न कहीं बलबीर सिंह सिद्धू कैप्टन से हाथ मिला सकते हैं। अगर ऐसा हुआ तो कांग्रेस का काफ़ी जनाधार कैप्टन के पाले में जा सकता है। कांग्रेस को इसी बात का डर सता रहा है।
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