Punjab War Against Drugs: नशे के खिलाफ मुहिम, मनीष सिसोदिया भी स्कूल प्रिंसिपल के साथ ट्रेनिंग में हुए शामिल
Punjab War Against Drugs: पंजाब की भगवंत मान सरकार नशे के खिलाफ अपनी मुहिम को और विस्तार दे रही है। पंजाब सरकार युद्ध नशे के विरुद्ध फेज 2 एक अहम पहल है। इसके तहत राज्य के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के प्रिंसिपलों को विशेष ट्रेनिंग दी जा रही है। शुक्रवार को स्कूल प्रिंसिपल के साथ यह ट्रेनिंग आयोजित की गई थी। इसमें पंजाब आप के प्रभारी मनीष सिसोदिया भी शामिल हुए। ट्रेनिंग में खास तौर पर बच्चों को ड्रग्स जैसी लत से दूर रहने और नशे के दुष्प्रभावों के लिए जागरूक करने के तरीकों पर चर्चा हुई।
इस ट्रेनिंग का मुख्य उद्देश्य स्कूल परिसरों में नशा मुक्त माहौल तैयार करना है। साथ ही, बच्चों को मानसिक रूप से इतना मजबूत बनाना है कि वे किसी भी दबाव, बहकावे या लालच में आए बिना नशे को साफ शब्दों में ना कह सकें।

Punjab War Against Drugs: मनीष सिसोदिया भी हुए ट्रेनिंग में शामिल
दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने सोशल मीडिया पर ट्रेनिंग से जुड़ी जानकारी के बारे में बताया। यह ट्रेनिंग कार्यक्रम अलग-अलग जिलों में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें अनुभवी मनोवैज्ञानिक (Psychologists) और शिक्षा विशेषज्ञ (Educationists) शामिल हैं।
ये विशेषज्ञ प्रिंसिपलों से सीधे संवाद कर उन्हें यह सिखा रहे हैं कि स्कूल में सकारात्मक वातावरण कैसे बनाया जाए। बच्चों की काउंसलिंग कैसे की जाए और शुरुआती स्तर पर ही नशे की प्रवृत्तियों को कैसे पहचाना और रोका जा सकता है। ट्रेनिंग का फोकस केवल जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि बच्चों के भीतर ऐसा आत्मबल विकसित करने पर है जो जीवनभर उनके साथ बना रहे।
पंजाब सरकार का नशे के खिलाफ मुहिम
आप के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया ने मोहाली जिले में आयोजित इसी तरह की एक ट्रेनिंग में हिस्सा लिया। पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस भी इसमें शामिल हुए। इस दौरान आप के वरिष्ठ नेता सिसोदिया ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल कानून या पुलिस तक सीमित नहीं हो सकती, बल्कि इसकी असली जड़ बच्चों के मानसिक और सामाजिक विकास से जुड़ी हुई है। शिक्षा मंत्री ने प्रिंसिपलों से अपील की कि वे इस ट्रेनिंग को गंभीरता से अपनाएं और अपने-अपने स्कूलों में इसे प्रभावी रूप से लागू करें।
इस पहल के बारे में दिल्ली के पूर्व शिक्षा मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार केवल 'पिंडां दे पहरेदार' तैयार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के 'दिमाग के पहरेदार' भी तैयार कर रही है। सरकार का मानना है कि अगर बच्चों के सोचने और निर्णय लेने की क्षमता को सही दिशा दी जाए, तो नशे जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म किया जा सकता है।












Click it and Unblock the Notifications