पंजाब: कृषि कानूनों और BSF का अधिकार क्षेत्र बढ़ाने के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पेश करेगी शिअद
राजपुरा, 27 अक्टूबर। शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने बुधवार को पटियाला जिला के राजपुरा में एक जनसंपर्क कार्यक्रम के दौरान बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी (शिअद) 8 नवंबर से शुरू होने वाले विधानसभा के विशेष सत्र में एक प्रस्ताव पेश करेगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सदन, पंजाब कैबिनेट को नागरिक और पुलिस मशीनरी सहित राज्य मशीनरी का उपयोग करने का निर्देश दे, जिससे कृषि पर केंद्र के काले कानूनों के कार्यान्वयन को भौतिक रूप से अवरुद्ध करने और बीएसएफ को पंजाब पुलिस के संवैधानिक अधिकार को हड़पने से रोका जा सके।

राजपुरा में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए सुखबीर सिंह बादल ने कहा, 'हम सदन से निर्देश चाहते हैं, अप्रभावी प्रस्ताव नहीं। हम मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी पर अपने निर्णय को लागू करने की जिम्मेदारी स्पष्ट रूप से लागू करने के लिए सदन के निर्देश की भी मांग करेंगे।' उन्होंने आगे कहा, जिस तरह से कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज बीएसएफ के अधिकार क्षेत्र को बढ़ाने के केंद्रीय कदम को सही ठहराया, उससे साबित होता है कि पंजाब कांग्रेस ने इस कदम को संभव बनाने के लिए केंद्र के साथ मिलीभगत की है। ये एक दिन में उठाया गया कदम नहीं है, जाहिर सी बात है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह की सरकार में इस पर पहले भी चर्चा हुई थी। वर्तमान मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी कैबिनेट का हिस्सा हैं और उन्हें भी इसकी जानकारी है। उन्हें इस मुद्दे पर अब घड़ियाली आंसू नहीं बहाना चाहिए।
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अपने बयान में सुखबीर सिंह बादल ने मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी से मांग की कि वह पंजाबियों को बताएं कि कितने करोड़ लोगों की मेहनत की कमाई सरकारी विज्ञापनों के माध्यम से उनकी 'सादगी और गरीबी' की नकली छवि को बढ़ावा देने के लिए हर रोज जला दी जाती है। इस दौरान मुख्यमंत्री चन्नी के 'पंजाब में निवेश के बड़े दावों' को खारिज करते हुए बादल ने मुख्यमंत्री को चुनौती दी कि वे अपने निवेशक के 'जंबूरी' के परिणामस्वरूप पंजाब में वास्तव में किए गए एक करोड़ या एक पैसे के निवेश का विवरण आधिकारिक वेबसाइट पर डालें। बादल ने तंज कसते हुए कहा कि उन्हें मानव इतिहास में इस तरह के पाखंड का ऐसा कोई उदाहरण याद नहीं आता। एक अमीर आदमी को गरीब के रूप में पेश करके गरीबों और बेरोजगारों के पैसे को बेशर्मी से बर्बाद किया जा रहा है।












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