Punjab Hooch Tragedy: जहरीली शराब से 17 की मौत से पंजाब में सियासी भूचाल, BJP ने की CM मान से इस्तीफे की मांग
Punjab Hooch Tragedy: पंजाब के अमृतसर जिले के मजीठा में हुए जहरीली शराब कांड ने पूरे राज्य को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक घटना में अब तक लगभग 17 लोगों की मौत हो चुकी है। इसके बाद से राज्य के सियासत में भूचाल आ गया है, BJP समेत तमाम विपक्षी पार्टी सीएम मान से इस्तीफे की मांग कर रही है।
वहीं राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मजीठा में पीड़ितों के गांव का दौरा किया और इस घटना को "हत्या, न कि केवल मौत" बताया। उन्होंने दावा किया कि जहरीली शराब के खेल का तार दिल्ली तक जुड़ा है।

Punjab Hooch Tragedy: यह मौत नहीं हत्या है: भगवंत मान
मुख्यमंत्री ने कहा, "यह बहुत ही दुखद घटना है। जिस गांव में हम खड़े हैं, वहीं 5-6 लोगों की मौत हुई है। अब तक कुल 17 लोगों की जान गई है। यह मौत नहीं, बल्कि हत्या है। हमारी पुलिस ने अब तक 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जिन लोगों ने यह ज़हरीली शराब बनाई, सप्लाई की और बेची, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। जांच में पता चला है कि इस रैकेट का लिंक दिल्ली तक जुड़ा है। हमारी टीमें दिल्ली भी गई हैं।"
मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि मृतक अत्यंत गरीब परिवारों से थे और अधिकतर घरों के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे। उन्होंने कहा, "जो चला गया उसे वापस नहीं ला सकता, लेकिन हम हर पीड़ित परिवार को ₹10 लाख की आर्थिक सहायता देंगे। कई मृतकों के बच्चे बहुत छोटे हैं, अगर उनके किसी रिश्तेदार को सरकारी नौकरी देने की पात्रता है, तो हम उसे नौकरी देने पर विचार करेंगे, जिससे उनका खर्च चल सके।"
Punjab Hooch Tragedy: CM को इस्तीफा देना चाहिए, BJP प्रवक्ता पूनावाला
अमृतसर हुसक त्रासदी पर भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने आम आदमी पार्टी और पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने इसे राज्य प्रायोजित हत्या बताते हुए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान, अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को जिम्मेदार ठहराया।
पूनावाला ने कहा, न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए कहा कि "जिन्होंने दिल्ली और पंजाब को नशा मुक्त करने का वादा किया था, वही अब इन राज्यों को नशे में डुबो रहे हैं। पंजाब में नशे और अवैध शराब का कारोबार तेजी से बढ़ रहा है। भगवंत मान को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए। यह हादसा नहीं, बल्कि उनकी नीतियों की विफलता का परिणाम है।"
Punjab Hooch Tragedy: केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू का सीएम मान पर बड़ा आरोप
केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने तो मुख्यमंत्री भगवंत मान पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब खुद मुख्यमंत्री ही अवैध शराब का सेवन करते हों, तो राज्य में नशा कैसे रुकेगा।
उन्होंने कहा, "अरविंद केजरीवाल ने पहले दिल्ली को बर्बाद किया, अब पंजाब की बारी है। शराब की फैक्ट्रियां खुलकर चल रही हैं और शराब के पाउच गांव-गांव बांटे जा रहे हैं। यह सब सरकार की मिलीभगत के बिना नहीं हो सकता। दिल्ली का माफिया पंजाब को नष्ट करने आया है।" बिट्टू ने आम आदमी पार्टी को पूरी तरह जिम्मेदार ठहराया और राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग भी की।
वहीं इस पूरे मामले पर राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा यह बेहद शर्मनाकराजस्थान के उदयपुर में पत्रकारों से बात करते हुए पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने इस घटना को "बहुत ही शर्मनाक और दुखद" बताया। उन्होंने कहा कि इथेनॉल मिलाए जाने की पुष्टि हुई है, जिससे यह जहरीली शराब बनी।
राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने कहा इस मामले में अब तक आरोपी पाए गए 10 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। मैंने एसएसपी से बात की है और उन्होंने कार्रवाई शुरू कर दी है। यह घटना गरीब तबके को निशाना बनाती है, जिन्हें सरकार की मदद की सख्त जरूरत है। सरकार की ओर से हरसंभव सहायता दी जाएगी।
उन्होंने यह भी कहा कि केवल कानून से इस समस्या का समाधान नहीं होगा इसके लिए जन-जागरूकता बहुत जरूरी है। यह काम एक दिन में नहीं होगा, लेकिन लगातार प्रयासों से ही इस पर काबू पाया जा सकता है।
Punjab Hooch Tragedy: हुसक त्रासदी ने खोली सिस्टम की पोल
अमृतसर में इस हुसक त्रासदी ने कई लोगों को कटघरे में ला दिया है जिनको अपनी जवाबदेही तय करना जरूरी है। जहरीली शराब ने न केवल कई गरीब परिवारों की जिंदगी तबाह की है, बल्कि पंजाब में अवैध शराब माफिया और सरकारी तंत्र की लापरवाही को भी उजागर किया है। भले ही पंजाब के मुख्यमंत्री इसकी जांच को लेकर सख्च रवैया अपनाए और आरोपियों को सजा भी दिलवाए लेकिन ये घटना सरकारी तंत्र की बड़ी लापरवाही उजागर करता है।
वहीं विपक्ष अब इस पूरे मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाते हुए सरकार की नैतिक जिम्मेदारी तय करने की मांग की है। अब देखना यह है कि सरकार दोषियों को कितनी जल्दी और सख्ती से सजा दिला पाती है और पीड़ित परिवारों को किस तरह की मदद मिलती है। साथ ही, क्या यह घटना पंजाब में नशा और अवैध शराब के खिलाफ किसी निर्णायक कार्रवाई की शुरुआत बन पाएगी?












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