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गांवों में युवाओं के लिए खेल के मैदान बनाने के साथ रोजगार का भी इंतजाम कर रही पंजाब सरकार

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के सीएम भगवंत सिंह मान ने मोगा के किल्ली चहलां गांव में 'युद्ध नशियां विरुद्ध' को लेकर आयोजित विलेज डिफेंस कमेटी के शपथ समारोह में नशा तस्करों को जनता की ताकत दिखाई।

समारोह स्थल पर जमा हजारों की भीड़ को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस ने पंजाब को नशे के अंदर डूबो दिया था। जब से ''आप'' की सरकार आई है, पंजाब को नशा मुक्त बना रही है। इसलिए लोगों को इनके कुकर्मों को याद रखना होगा और इन्हें एक भी वोट नहीं देना है। वरना पंजाब फिर से नशे के अंदर डूब जाएगा।

Arvind Kejriwal

पंजाब के इतिहास में पहली बार ''आप'' की एक ऐसी सरकार आई है, जो नशा बेचने वालों को खदेड़ रही है और पकड़-पकड़ कर जेल में डाल रही है। इस दौरान सीएम भगवंत सिंह मान ने सभी को नशा मुक्त बनाने की शपथ दिलाई। इस दौरान सीएम भगवंत सिंह मान तबीयत खराब होने के बावजूद समारोह में पहुंचे और सभी को नशा मुक्त पंजाब बनाने की शपथ दिलाई।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि एक साल पहले 1 मार्च को पंजाब सरकार ने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में 'युद्ध नशियां विरुद्ध' शुरू किया था। उस समय लोगों को थोड़ा कम भरोसा था। लोगों ने पुरानी सरकारें देखी थीं। पुरानी सरकारों में बातें बड़ी-बड़ी होती थीं लेकिन काम कुछ नहीं होता था।

इसलिए लोगों में बहुत डर था और कोई सामने आकर नशा तस्करों की जानकारी देने के लिए तैयार नहीं था। लोगों को लगता था कि उन्हें डराया-धमकाया जाएगा और उनके परिवार को तंग किया जाएगा। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल में 2,000 किलो से ज्यादा नशा पकड़ा गया है। नशा बेचने वालों के बड़े-बड़े बंगलों पर बुलडोजर चलाए गए और बड़े-बड़े तस्कर पकड़े गए हैं, जिनसे पहले लोग कांपते थे। इस कार्रवाई से लोगों को भरोसा होने लगा है।

Arvind Kejriwal

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अब लोगों को भरोसा हो गया है कि आम आदमी पार्टी और भगवंत मान सरकार किसी से नहीं डरेगी। पहली बार पंजाब में नशे के विरुद्ध जबरदस्त युद्ध छिड़ा है। अब जनता के मन से डर निकलने लगा है और सरकार व पुलिस पर विश्वास बढ़ने लगा है।

उन्होंने कहा कि पूरे पंजाब के हर पिंड और हर वार्ड में विलेज डिफेंस कमेटी (वीडीसी) बनाई जा रही हैं। कमेटी में उस वार्ड या पिंड के इज्जतदार लोग, रिटायर्ड टीचर, रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर, युवा और सरपंच आदि को शामिल किया जा रहा है। कमेटी का पहला काम उस गांव या वार्ड में नशा बेचने-खरीदने वाले लोगों की जानकारी देना है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि कई लोगों को डर लगता है कि नशा तस्करो की जानकारी देने पर वे उनके परिवार को मार डालेंगे या तंग करेंगे। इसलिए पंजाब सरकार ने एक एप बनाया है। वीडीसी के हर सदस्य के फोन में वह ऐप है। लोग उस एप पर जानकारी दें, उनकी पहचान पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा।

इसलिए डरने की जरूरत नहीं है। अब तक कई वीडीसी ने जानकारी दी है और कई सदस्यों ने कहा है कि अब उन्हें डर नहीं लगता, क्योंकि पूरा गांव उनके साथ है। कमेटी का दूसरा काम गांव में नशे से पीड़ित लोगों का इलाज कराने के लिए उन्हें पास के सेंटर में ले जाना है। ताकि वे नशे से बाहर निकल सकें। कमेटी को अपने पिंड को नशा मुक्त करने के लिए जो सभी कदम उठाने पड़ेंगे।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सरकार वीडीसी सभी सुविधाएं या संसाधन देगी। पुलिस, प्रशासन और मुख्यमंत्री उनके साथ हैं। ऐप में दी गई जानकारी सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय पहुंचती है और उस पर एक्शन लिया जाता है। अगर कोई पुलिसवाला स्थानीय स्तर पर अच्छा काम करता है, तो उसे इनाम मिलेगा। लेकिन अगर कोई पुलिसवाला नशे वालों के साथ मिला हुआ पाया गया, तो उसे किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा और उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। वीडीसी को केवल 10 सदस्यों तक सीमित नहीं रखना है, बल्कि धीरे-धीरे पूरे गांव को इसमें शामिल करना है। अगर सारा गांव मिल जाएगा तो किसी की हिम्मत नहीं होगी कि वह नशा बेच सके।

अरविंद केजरीवाल ने बताया कि हर गांव और हर पिंड में मुख्यमंत्री भगवंत मान शानदार एक-एक खेल मैदान बनवा रहे हैं। इन मैदानों में क्रिकेट, वॉलीबॉल और फुटबॉल खेला जा सकता है। पिंड को खेल का सामान भी दिया जाएगा। नशे से बाहर निकलने वाले बच्चे दोबारा नशे में नहीं जाने चाहिए।

उन बच्चों को खेल की तरफ ले जाना है। सरकार उन युवाओं के लिए रोजगार का इंतजाम कर रही है। भगवंत मान सरकार बिना रिश्वत और बिना सिफारिश के अभी तक 60 हजार सरकारी नौकरियां दे चुकी है। रोजगार की और भी व्यवस्था की जा रही है। सभी के लिए रोजगार का इंतजाम करना है, जिसके लिए पूरी सरकार लगी हुई है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि गांव में जाकर एक-एक परिवार को बताना है कि वे कौन लोग थे जिन्होंने पंजाब को नशे में धकेला था। जब अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस की सरकारें थीं, तो पूरा पंजाब और एक-एक परिवार नशे के अंदर डूब गया था।

इन पार्टियों ने पंजाब की जवानी, एक-एक परिवार और पंजाब का भविष्य बर्बाद कर दिया। एक-एक परिवार को बताना पड़ेगा कि अब गलती से भी इन पार्टियों को वोट नहीं देना है, नहीं तो पंजाब दोबारा नशे के अंदर डूब जाएगा। पहली बार एक ऐसी पार्टी आई है जो नशा बेचने वालों को खदेड़ रही है, उन्हें पकड़-पकड़कर जेल में डाल रही है।

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि "आप" सरकार नशा बेचने वालों के मकान और बंगले तोड़ रही है। उनकी संपत्ति और बैंक खाते जब्त किए जा रहे हैं। ऊपर वाले की कृपा से एक ऐसी सरकार आई है। वीडीसी की जिम्मेदारी है कि वे घर-घर जाकर लोगों को बताएं कि अब दूसरी पार्टियों को किसी भी हालत में वोट नहीं देना है। अंत में उन्होंने सभी को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बहुत जल्द पंजाब रंगला पंजाब और नशा मुक्त पंजाब बनेगा।

स्कूली बच्चों को नशे से दूर रखने के लिए शिक्षकों-काउंसलर के जरिए पैरेंट्स को जागरूक करेंगे

इस दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पिछली सरकारों ने पंजाब की नसों में ऐसा चिट्टा (नशा) उतारा कि अनगिनत घरों में मातम बिछ गया और माताओं-बहनों की खुशियां उजड़ गईं। पिछली सरकारें लोगों की लाशों और खून से पैसे कमाती रहीं। जिनका नाम नशे में आता था, उनका नशा सरकारी गाड़ियों में जाता था और पुलिस को आदेश होता था कि उस नंबर की गाड़ी को रोका न जाए।

भगवंत मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने वादा किया था कि हम पंजाब से नशा खत्म करेंगे। सरकार ने रिसर्च करके काम शुरू किया। सबसे पहले नशा मुक्ति केंद्र बनाए, वहां दवाइयां और काउंसलर नियुक्त किए ताकि जो नौजवान मरीज बन चुके हैं, उनका इलाज हो सके। इसके बाद सप्लाई चेन को तोड़ा गया। तस्करों ने जो बड़ी-बड़ी कोठियां और महल बना लिए थे, उन पर पंजाब सरकार ने पीला पंजा (बुलडोजर) चलाया। "आप" सरकार पंजाबियों पर केस करने या डराने नहीं आई है, बल्कि पंजाब को दोबारा पंजाब बनाने आई है।

भगवंत मान ने 10 लाख रुपए के मुफ्त इलाज वाली पंजाब सरकार की मुख्यमंत्री सेहत योजना पर कहा कि विरोधी इसमें भी नुक्स निकाल रहे हैं। सरकार ने अस्पतालों से समझौता किया है, 10 लाख रुपए तक के इलाक का जनता का एक पैसा नहीं लगेगा। सारा खर्च पंजाब सरकार उठाएगी। पंजाब मिल्खा सिंह, दारा सिंह, हरमनप्रीत कौर और शुभमन गिल जैसे खिलाड़ियों की धरती है, लेकिन पिछली सरकारों ने इसे टीकों और सीरिंज के लिए मशहूर कर दिया था।

भगवंत मान ने कहा कि नशे के विरुद्ध युद्ध के दूसरे चरण में अब स्कूलों पर फोकस किया जाएगा। शिक्षकों और काउंसलरों के माध्यम से माता-पिता को जागरूक किया जाएगा कि वे बच्चों पर नजर रखें। बच्चों की संगत और व्यवहार पर निगरानी रखी जाएगी ताकि आने वाली पीढ़ी को नशे से बचाया जा सके और नए ग्राहक पैदा न हों। उन्होंने कहा कि मेरे पास रिपोर्ट आई है कि पंजाब में पासपोर्ट बनवाने वालों की संख्या कम हो गई है, क्योंकि अब युवाओं को पंजाब में ही रोजगार मिल रहा है। सरकार ने 63 हजार सरकारी नौकरियां दी हैं, जो बिना सिफारिश और रिश्वत के मिली हैं। जब सरकार अस्पताल और स्कूल बनाएगी तो वहां स्टाफ की जरूरत होगी, जिससे रोजगार मिलेगा।

भगवंत मान ने पिछली सरकारों पर हमला बोलते हुए कहा कि उनका हर चीज में हिस्सा होता था। वे समोसे की रेहड़ी तक को नहीं छोड़ते थे, वहां भी हिस्सा मांगते थे कि आलू और तेल भी तेरा, लेकिन कमाई में हिस्सा हमारा। भगवंत मान ने कहा कि जितने मर्जी हीरे-मोती इकट्ठे कर लो, लेकिन याद रखना कफन में जेब नहीं होती और आखिरी वक्त सब यहीं रह जाता है।

भगवंत मान ने कहा कि आज पंजाब के सभी विरोधी एक हो गए हैं और कह रहे हैं कि लोकतंत्र की हत्या हो रही है। ये मानव नहीं, दानव हैं। सारे विरोधी वो राक्षस हैं जो पंजाब को खा रहे थे। महाराजा रणजीत सिंह भेष बदलकर जनता का हाल जानते थे, लेकिन पिछली सरकार वाले यह चेक करते थे कि किसी घर में चिट्टा पहुंचा या नहीं। विरोधियों का प्रोग्राम सिर्फ मेरा साला, मेरा जीजा, मेरा बेटा, मेरा भतीजा तक सीमित था।

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