पंजाब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों की आवाज़ दबाने के लिए बनाए फॉर्मूले से लिया यू टर्न, जानिए क्या है पूरा मामला
पंजाब में इन दिनों चुनाव को लेकर हलचल काफ़ी तेज़ हो चुकी है। सभी सियासी दल फूंक फूंक कर कदम चुनावी रण में क़दम बढा रहे हैं। कब किस मुद्दे पर कौन सी पार्टी घिर जाए यह किसी को पता नही ।
चंडीगढ़, 10 दिसम्बर 2021। पंजाब में इन दिनों चुनाव को लेकर हलचल काफ़ी तेज़ हो चुकी है। सभी सियासी दल फूंक फूंक कर कदम चुनावी रण में क़दम बढा रहे हैं। कब किस मुद्दे पर कौन सी पार्टी घिर जाए यह किसी को पता नही । पिछले दिनों एक दिलचस्प वाक्या देखने को मिला, सरकार के ख़िलाफ़ नारेबाज़ी और प्रदर्शन कर रहे लोगों की आवाज़ दबाने के लिए पंजाब पुलिस ने एक नई तरकीब निकाली थी। हालांकि मामला तूल पकड़ने से पहले ही पंजाब पुलिस ने अपने फ़ैसले से यू टर्न ले लिया है। सीएम सिक्योरिटी देखने वाली स्पेशन प्रोटेक्शन यूनिट के IG ने एक फ़ॉर्मूला निकालते हुए सभी डीसी, पुलिस कमिश्नर और एसएसपी को फ़रमान भेजा था। वहीं इस मामले में पंजाब की पूर्व कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीकांता चावला ने भी पंजाब पुलिस की कार्यशेली पर सवाल उठाते हुए कहा है की ऑर्डर जारी कर पंजाब के मुख्यमंत्री की जग हसाई करा दी। वहीं उन्होंने सीएम चन्नी को भी नसीहत देते हुए कहा कि कुछ दिनों की सरकार बची हुई है इसे अच्छे से चलाने की कोशिश करें।

CM तक नहीं पहुंचे फ़रियाद
पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी की सिक्योरिटी देखने वाली स्पेशन प्रोटेक्शन यूनिट के आईजी द्वारा निकाले गए फ़रमान में लिखा हुआ था कि सीएम चन्नी का जिस क्षेत्र में भी कार्यक्रम होगा वहां डीजे बजा दिया जाए ताकि सीएम चन्नी तक नारेबाज़ी की आवाज़ नहीं पहुंच सके। सीएम सिक्योरिटी देखने वाली स्पेशन प्रोटेक्शन यूनिट के आईजी ने यह फ़रमान तो निकाल दिया था लेकिन मामला तूल पकड़ने से पहले ही पंजाब पुलिस ने अपने फ़ैसले को वापस ले लिया। सफ़ाई पेश करते हुए पंजाब पुलिस ने क्लेरिकल मिस्टेक का हवाला देते हुए कहा कि जब कोई फरियादी अपनी बात सीएम चन्नी को बताए तो लाउडस्पीकर की आवाज कम कर दिया जाए ताकि मुख्यमंत्री को फ़रियाद सही से सुनाई दे सके।
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क्लेरिकल मिस्टेक का दिया हवाला
आपको बता दें कि आईजी के निकाले गए फरमान में यह लिखा हुआ था कि सीएम के कार्यक्रम के दौरन अलग-अलग संगठन ऊंची आवाज में नारेबाज़ी करते हैं। इसलिए आपके इलाके में जब कभी भी मुख्यमंत्री का कार्यक्रम हो तो प्रदर्शनकारियों के प्रदर्शन करने की जगह पर डीजे लगा दें। जब वह लोग किसी भी तरह की नारेबाज़ी करें तो डीजे में तेज़ आवाज में धार्मिक गीत या गुरबाणी लगा दें ताकि मुख्यमंत्री तक नारेबाज़ी की आवाज़ नहीं पहुंच पाए। ग़ौरतलब है पंजाब पुलिस का फ़रमान लीक होते ही अधिकारियों ने इस मामले से यू टर्न ले लिया। पंजाब पुलिस के अफसरों ने डैमेज कंट्रोल करते हुए अपने फरमान को वापस ले लिया। उसके बाद आदेश दिया की मुख्यमंत्री जब भी आम आदमी की फरियाद सुनें तो लाउडस्पीकर की आवाज़ कम कर दें ताकि सीएम को फरियादी की आवाज़ साफ़ सुनाई दे सके।

सीएम चन्नी के ख़िलाफ़ बनाया नारा
पंजाब कांग्रेस के पूर्व प्रधान सुनील जाखड़ ने भी इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह सच नहीं हो सकता, यह तो लोकतंत्र का मज़ाक है। ग़ौरतलब है कि सुनील जाखड़ ज्यादातर सरकार और अपनी पार्टी को घेरते हुए नज़र आ जाते हैं। आपको बता दें कि हड़ताली कर्मचारियों ने सीएम चन्नी के प्रचार के नारे को बदलते हुए उनके ख़िलाफ़ नारा भी बना दिया है। चरणजीत सिंह चन्नी जब मुख्यमंत्री बने थे तो 'घर-घर विच चल्ली गल, चन्नी करदा मसले हल' का नारा लिखा जाता था। अब कॉनट्रैक्ट मुलाज़िमों ने अपनी मांगों पर प्रदर्शन करते हुए सीएम चन्नी के नारे में बदलाव करते हुए घर-घर विच चल्ली गल, चन्नी तों नहीं हुंदे मसले हल, चन्नी दी नई मनदा कोई गल इस तरह के नारे लगा कर अपनी मांगों को पूरा करने के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं।
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