पंजाब कांग्रेस को सत्ता से दूर कर सकती है नवजोत सिंह सिद्धू की ज़िद, जानिए पूरा मामला
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने ड्रग्स मामले की रिपोर्ट सार्वजनिक करने को लेकर सरकार पर दबाव डालते हुए भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी भी दी है।
चंडीगढ़, 30 नवम्बर, 2021। पंजाब कांग्रेस की मुश्किलें दिन पर दिन बढ़ती जा रही हैं, एक ओर मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी अपने द्वारा लिए गए फ़ैसलों को अमलीजामा पहनाते हुए राज्य के मतदाताओं को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। वहीं दूसरी ओर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष लगातार अपनी ही सरकार पर हमलावर हैं। हाल ही में पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष ने ड्रग्स मामले की रिपोर्ट सार्वजनिक करने को लेकर सरकार पर दबाव डालते हुए भूख हड़ताल पर बैठने की चेतावनी भी दी है। यही वजह है कि पंजाब कांग्रेस की जिला केमेटियों के गठन को लेकर नवजोत सिंह सिद्धू के लिस्ट पर पार्टी आलाकमान ने सहमती दर्ज नहीं की है।

जिला केमेटियों का नहीं हुआ गठन
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने जिला कमेटियों के गठन के लिए 12 दिन पहले पार्टी आलाकमान को जिला कमेटी बनाने के लिए कुछ विधायकों से लिए सुक्षाव के आधार पर लिस्ट सौंपी थी। इसके साथ ही सिद्धू ने लिस्ट में नाम डालते वक्त कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की सिफारिशों को भी नजरंदाज कर दिया । यही वजह है कि सिद्धू की तरफ़ से नामों की लिस्ट दिए जाने के बावजूद कमेटियों का अभी तक गठन नहीं हो पाया है। जानकारी के मुताबिक प्रदेश कार्यकारिणी की तर्ज पर ही एक प्रधान और दो कार्यकारी प्रधान बनाने की नवजोत सिंह सिद्धू ने सुक्षाव दिया है। सूत्रों की मानें तो जिला कार्यकारिणी की गठन को पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने जो नाम दिए थे, उसे लिस्ट में शामिल नहीं किया है।

पार्टी से नाराज़ चल रहे हैं सुनील जाखड़
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष सुनील जाखड़ पार्टी से नाराज़ चल रहे हैं, उन्होंने पंजाब कांग्रेस की वर्तमान टीम के साथ काम करने से भी मना कर दिया है। लेकिन कांग्रेस आलाकमान आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए देखते हुए सुनील जाखड़ को अहम ज़िम्मेदारी देते महत्वपूर्ण भूमिका में लाना चाहती है। वहीं दूसरी ओर पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने सुनील जाखड़ के दिए गए नामों को जिला कमेटियों के गठन वाली लिस्ट में शामिल नहीं किया गया। अगर सुनील जाखड़ की सिफारिशों को नज़र अंदाज किया गया तो कहीं न कही पंजाब कांग्रेस के लिए यह परेशानी का सबस बन सकती है।

पंजाब कांग्रेस की बढ़ रही मुश्किलें
पंजाब कांग्रेस की मुश्किले यहीं ख़त्म नहीं हो रही हैं, दूसरी ओर सूत्रों के हवाले से यह भी ख़बर है कि पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू ने पार्टी आलाकमान से इस बात का भी ज़िक्र किया है कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए टिकट का बंटवारा उनके (सिद्धू) मुताबिक किया जाए। अगर पार्टी आलाकमान ऐसा नहीं करती है तो चुनाव के दौरान नवजोत सिंह सिद्धू अपने समर्थक उम्मीदवार को निर्दलीय चुनावी मैदान में उतारेंगे।

सिद्धू ने बढ़ाई पार्टी की टेंशन
नवजोत सिंह सिद्धू की बात पंजाब कांग्रेस के लिए चुनौती बन रही है, क्योंकि अगर सिद्धू के मुताबिक सभी सीटों पर टिकट बंटवारा होता है तो चुनाव जीतने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू मुख्यमंत्री पद पर दावेदारी ठोकेंगे। अगर उस वक्त उनकी बातों को नहीं माना जाएगा तो कही न कहीं पंजाब कांग्रेस के हाथों से सत्ता चली जाएगी। वहीं दूसरी ओर अगर आलाकमान नवजोत सिंह सिद्धू की टिकट बंटवारे वाली बात पर सहमती दर्ज नहीं करती है तो वह चुनावी रण में अपने निर्दलीय प्रत्याशी को उतारेंगे।
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सिद्धू की वजह से विपक्षी दलों को होगा फ़ायदा
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू अगर चुनावी रण में निर्दलीय प्रत्याशी उतारते हैं तो भी पंजाब कांग्रेस के लिए मुश्किलें बढ़ जाएंगी। क्योंकि ऐसा करने से पंजाब कांग्रेस के वोट बैंक मे ही सेंधमारी होगी और पंजाब कांग्रेस सत्ता पर दोबारा क़ाबिज़ होने से भी चूक सकती है। पंजाब में सभी सियासी दल कांग्रेस में फूट का सियासी माइलेज लेने की रणनीति तैयार कर रहे हैं। वहीं कैप्टन अमरिंदर सिंह भी चाह रहे हैं कि किसी तरह कांग्रेस के नेताओं को तोड़कर अपनी पार्टी में शामिल कर लें। अगर विधानसभा चुनाव से पहले कांग्रेस में मचे घमासान पर वीराम नहीं लगता है तो पंजाब कांग्रेस के कई नेता कांग्रेस की पार्टी में शामिल हो सकते हैं।
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