पंजाब के 78 फीसदी युवा रोजगार के अवसरों से है नाखुश, क्या चुनाव पर असर डालेगा ये सर्वे?
चंडीगढ़, जनवरी 04। पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए बेरोजगारी एक बहुत बड़ा मुद्दा है। राज्य में होने वाला अगला चुनाव कहीं ना कहीं बेरोजगारी के मुद्दे पर केंद्रित है और हर पार्टी अपनी-अपनी तरफ से इस मुद्दे को भुनाने की कोशिश में जुटी है। इस बीच सेंटर फॉर स्टडिंग डेवलपिंग सोसाइटीज-लोकनीति और जर्मन थिंक टैंक कोनराड एडेनॉयर स्टिफ्टंग द्वारा किए गए

पंजाब के 78 फीसदी युवा रोजगाव के अवसरों से नाखुश
द प्रिंट की खबर के मुताबिक, ये सर्वे 18-34 साल की आयु वर्ग के 6277 लोगों पर किया गया है। इस साल जुलाई और अगस्त के बीच ये सर्वे किया गया है। इस सर्वे के नतीजे बताते हैं कि पंजाब में सबसे अधिक 78 फीसदी युवाओं ने महससू किया है कि राज्य सरकार ने जो रोजगार के अवसर दिए हैं, वो बहुत ही खराब थे। पंजाब का आंकड़ा राष्ट्रीय औसत 41 प्रतिशत से कहीं अधिक है।
'नौकरी में कम सैलरी देती है पंजाब सरकार'
पटियाला की पंजाबी यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर लखविंदर सिंह का कहना है कि पिछले कुछ समय से पंजाब के युवाओं के अंदर जो असंतोष देखा जा रहा है, वो बिल्कुल भी सही नहीं है, बल्कि चौंकाने वाला है। लखविंदर सिंह का कहना है कि पंजाब में सरकारी नौकरियों की शुरुआत में सैलरी बहुत कम है। प्रोफेसर लखविंदर सिंह ने आगे कहा है कि कम सैलरी देने वाली राज्य सरकार प्राइवेट सेक्टर में रोजगार चाहने वाले श्रमिकों की सौदेबाजी की शक्ति को प्रभावित करती है, जो पहले से ही (पंजाब में) खराब स्थिति में है। इसलिए, हर कोई कम वेतन का भुगतान करता है जो बिल्कुल भी प्रतिस्पर्धी नहीं है।
सर्वे के नतीजों पर सरकार की सफाई
Recommended Video
- इस सर्वे के नतीजों पर टिप्पणी करते हुए राज्य सरकार के रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण विभाग के एक अधिकारी ने दावा किया है कि पिछले कुछ सालों से पंजाब के सभी प्रमुख उद्योगों ने हिमाचल प्रदेश के मैदानी जिले बद्दी में ट्रांसफर कर लिया है और इसकी वजह है वहां की सरकार की आकर्षक योजनाएं।
- उन्होंने कहा कि पंजाब एक लैंडलॉक्ड इलाका है, जहां कोई पोर्ट नहैं, इसलिए व्यापार गतिविधियां यहां सीमित हैं। पाकिस्तान के साथ ही अंतरराष्ट्रीय व्यापार पूरी तरह से ठप्प पड़ा है, जिसका असर पड़ रहा है, इसलिए हमारे पास राज्य में रोजगार के अवसर पैदा करने के बहुत कम विकल्प हैं।
पंजाब के अलावा अन्य राज्यों का हाल
उपलब्ध नौकरी के अवसरों के बारे में जनता की संतुष्टि के मामले में खराब प्रदर्शन करने वाले अन्य राज्यों में छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, मध्य प्रदेश और बिहार शामिल हैं। इसकी तुलना में, कर्नाटक में केवल 6 प्रतिशत युवाओं ने महसूस किया कि उनके राज्य में मौजूदा नौकरी के अवसर अच्छे नहीं हैं। शायद राज्य की राजधानी बेंगलुरु के कारण, जो देश का आईटी हब है। पंजाब में केवल 2% को लगता है कि राज्य में 'अच्छे' रोजगार के अवसर हैं।












Click it and Unblock the Notifications