पंजाब: एक प्रत्याशी की वजह से सुर्खियों में पायल विधानसभा सीट, जानिए क्या है पूरा मामला ?

पंजाब में विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र पायल विधानसभा सीट सिर्फ़ एक प्रत्याशी की वजह से सुर्खियों में आ गई है।

चंडीगढ़, 18 फरवरी 2022। पंजाब में विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र पायल विधानसभा सीट सिर्फ़ एक प्रत्याशी की वजह से सुर्खियों में आ गई है। आज हम आपको पायल विधानसभा के सियासी इतिहास और समीकरण के बारे में बताने जा रहे हैं। इसके साथ उस प्रत्याशी के बारे में भी बताएंगे जिनकी वजह से पायल विधानसभा सीट सुर्खियों में बनी हुई है। पंजाब के लुधियाना ज़िले में पायल विधानसभा सीट पड़ती है। इसके साथ ही यह विधानसभा सीट का संसदीय क्षेत्र फतेहगढ़ साहिब है। यहां के सांसद कांग्रेस नेता अमर सिंह हैं, उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में 4 लाख 11 हज़ार 651 वोटों से जीत दर्ज की थी। वहीं 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशी लखबीर सिंह ने यहां से जीत दर्ज की थी।

पांच विधानसभा चुनाव के सियासी समीकरण

पांच विधानसभा चुनाव के सियासी समीकरण

पायल विधानसभा सीट के पिछले पांच विधानसभा चुनाव के परिणाम की बात की जाए तो 1997 के विधानसभा चुनाव में साधु सिंह ने शिरोमणि अकाली दल की टिकट पर जीत दर्ज की थी। उन्होंने करतार सिंह को हराया था। करतार सिंह कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया की टिकट पर चुनावी मैदान में उतरे थे। वहीं 2002 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने जीत का परचम लहराया था। कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार तेज प्रकाश सिंह ने शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार जगजीवन पाल सिंह को शिकस्त दी थी। कांग्रेस की टिकट पर तेज प्रकाश सिंह ने 2007 के विधानसभा चुनाम में दूसरी बार जीत दर्ज की थी। उन्होंने शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार महेशइंदर सिंह को हराकर कांग्रेस के खाते में इस सीट को डाला था।

2012 में किसका पलड़ा रहा भारी

2012 में किसका पलड़ा रहा भारी

पायल विधानसभा सीट से 2012 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के खाते से यह सीट से शिरोमणि अकाली दल के झोली में चली गई थी। शिरोमणि अकाली दल के प्रत्याशी चरणजीत सिंह अटवाल ने कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार लखबीर सिंह को मात दी थी। शिरोमणि अकाली दल के उम्मीदवार चरणजीत सिंह को 55 हज़ार 240 वोट हासलिल हुए थे। वहीं कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार लखबीर सिंह को 54 हज़ार 610 वोटों पर संतोष करना पड़ा था। वहीं 2017 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने वापस से इस सीट पर क़ब्ज़ा जमा लिया था। कांग्रेस पार्टी के उम्मीदवार लखबीर सिंह विधायक ने आम आदमी पार्टी के प्रत्याशी गुरप्रीत सिंह को हराया था। कांग्रेस प्रत्याशी लखबीर सिंह ने 57 हज़ार 776 वोट हासिल किया था। वहीं आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार गुरप्रीत सिंह को 36 हज़ार 280 वोटों पर संतोष करना पड़ा था।

सुर्खियों में क्यों है पायल विधानसभा सीट ?

सुर्खियों में क्यों है पायल विधानसभा सीट ?

लुधियाना के पायल विधानसभा सीट से इस बार कांग्रेस की तरफ़ लखबीर सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। वहीं शिरोमणि अकाली दल संयुक्त की टिकट पर हर्षित कुमार शीतल चुनावी मैदान में हैं। बहुजन समाज पार्टी की तरफ़ से डॉ. जसप्रीत सिंह बीजा चुनावी ताल ठोक रहे हैं। इसके साथ ही आम आदमी पार्टी की तरफ़ से मनविंदर सिंह ग्यासपुरा चुनावी मैदान में हैं। अब उस प्रत्याशी के बारे में बता रहे हैं जिन्होंने बतौर आज़ाद उम्मीदवार पर्चा भरा है। हरचंद सिंह की उम्र 62 वर्षीय साल है। उन्होंने पायल विधानसभा सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर पर्चा भरा है। ग़ौरतलब है कि उन्होंने सिर्फ़ 2 हज़ार रुपये की संपत्ति घोषित की है। वह भी उनकी पत्नी और उनके नाम पर बैंक में जमा है। इनकी वजह से पायल विधानसभा क्षेत्र सुर्खियों में बनी हुई है। आपको बता दें कि इस सीट पर पहली 1977 में विधानसभा चुनाव हुआ था तब से लेकर आज तक इस सीट पर 6 बार कांग्रेस ने और 3 बार शिरोमणि अकाली दल जीत दर्ज कर चुकी है।


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