पंजाब किसान संगठनों ने लिया चुनावी रैली नहीं करने का फ़ैसला, SAD बैठक कर तय करेगी चुनावी रणनीति

पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 की तैयारियां जोरों पर हैं। चुनावी प्रचार के दौरान कोई परेशानी नहीं हो इसलिए सभी राजनीतिक पार्टियां भविष्य में पैदा होने वाली परेशानियों से निपटने मे जुटी हुई हैं।

चंडीगढ़, सितंबर 10, 2021। पंजाब विधानसभा चुनाव 2022 की तैयारियां जोरों पर हैं। चुनावी प्रचार के दौरान कोई परेशानी नहीं हो इसलिए सभी राजनीतिक पार्टियां भविष्य में पैदा होने वाली परेशानियों से निपटने मे जुटी हुई हैं। वहीं नए कृषि कानूनों को लेकर प्रदर्शन कर रहे किसान भी चुनाव प्रचार में बाधा बनकर सामने आ सकते हैं। इसलिए आज पंजाब में किसान संगठनों और राजनीतिक पार्टियों की बैठक हुई। इस सिलसिले में शोरमणि अकाली दल के नेता प्रोफ़ेसर प्रेम सिंह चंदूमाजरा से वन इंडिया हिंदी ने बात की उन्होंने बताया कि किसान संगठनो को सुझाव दिया गया है । बैठक में किसानों की समस्या और उनके समाधान पर चर्चा हुई।

Farmers meeting

किसान संगठनों की बैठक
प्रोफ़ेसर प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने बताया कि किसान संगठनों को हम लोगों ने सुझाव दिया कि अगर शिअद के चुनाव प्रचार से किसानों को कोई नुकसान होगा तो पार्टी उसकी भरपाई करने के लिए तैयार है। आप लोग दिन और कोटा फ़िक्स कर दें कि कितने लोगों को और किस दिन ले जाना है। जिस दिन किसानों का कोई कार्यक्रम होगा उस दिन हम लोग चुनाव प्रचार नहीं करेंगे। प्रोफ़ेसर प्रेम सिंह चंदूमाजरा ने कहा कि

किसान संगठनों ने फ़ैसला किया है कि रैलियां नहीं करनी है। शिरोमणि अकाली दल की बैठक बुलाई जाएगी उसमें रूप रेखा तय की जाएगी कि अगर रैलियां नहीं की जाएंगी तो फिर चुनाव प्रचार प्रसार कैसे किया जाएगा ?

चंडीगढ़ के सेक्टर 36 में पीपल्स कन्वेंशन हॉल में यह बैठक हुई। जिसमें कांग्रेस, आम आदमी पार्टी और शिरोमणि अकाली दल के नेता शामिल हुए। ग़ौरतलब है कि इस बैठक में भारतीय जनता पार्टी को न्योता नहीं दिया गया। बैठक में पंजाब कांग्रेस के अध्य क्ष नवजोत सिंह सिद्धू, पंजाब कांग्रेस के महासचिव परगट सिंह, शिरोमणि अकाली दल के नेता प्रोफ़ेसर प्रेम सिंह चंदूमाजरा और डॉ. दलजीत सिंह चीमा सहित कई अन्य नेताओं ने शिरकत की।

SAD के साथ भी हुई बैठक
किसान संगठनों की सबसे पहले बैठक में शिरोमणि अकाली दल के साथ हुई। जिसमे पार्टी के नेता और पूर्व सांसद प्रोफ़ेसर प्रेम सिंह चंदूमाजरा, पूर्व मंत्री डॉ दलजीत सिंह चीमा, राज्य सभा सदस्य बलविंदर सिंह भूंदड़ और महेश इंद्र ग्रेवाल ने अपनी पार्टी का पक्ष रखा। शिरोमणि अकाली दल के नेताओं ने कहा कि पार्टी किसी भी तरह से तकरार नहीं चाहती है। चुनावी तैयारी के लिए लोगों की राय लेनी ज़रूरी है, इसलिए पार्टी ने गल पंजाब दी मुहिम के तहत सौ विधानसभा हलकों में दौरे का कार्यक्रम रखा है। आपको बता दें कि मोगा में सुखबीर सिंह की रैली में किसान और पुलिस की बीच हुई झड़प के बाद अकाली दल ने कुछ दिनों के लिए रैलियां स्थगित करने की घोषणा की है।

किसान नेताओं से सिद्धू की बात
अकाली दल और किसान संगठनों की बातचीत के बाद कांग्रेस की तरफ़ से पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजो त सिंह सिद्धू और पंजाब कांग्रेस के महासचिव परगट सिंह ने किसान संगठनों के साथ चर्चा की। नवजोत सिंह सिद्धू ने कहाो कि किसान हितों के के लिए कांग्रेस पूरी तरह से किसानों के साथ है। केंद्रीय कृषि कानूनों के ख़िलाफ़ आंदोलन में कांग्रेस पूरी तरह किसानों के समर्थन में है। गौरतलब है कि कृषि कानूनों को लेकर कांग्रेस शुरुआत से ही केंद्र सरकार पर हमलावर रही है।

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