पंजाब: सिद्धू के ट्विटर पोस्ट से पंजाब कांग्रेस में हलचल, अटकलों का बाज़ार गर्म, जानिए मामला
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के ट्वीट से कांग्रेस में हलचल बढ़ गई है। सिद्धू के ट्वीटर पर वीडियो पोस्ट करने के बाद से ही अटकलों का बाज़ार गर्म हो चुका है।
चंडीगढ़, 10 फरवरी 2022। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू के ट्वीट से कांग्रेस में हलचल बढ़ गई है। सिद्धू के ट्वीटर पर वीडियो पोस्ट करने के बाद से ही अटकलों का बाज़ार गर्म हो चुका है। सिद्धू ने वीडियो शेयर कर ख़ुद को पंजाब का सच्चा बेटा बताने की कोशिश की है। इस वीडियो के ज़रिए सिद्धू के सियासी सफ़र की कुर्बानियों को दिखाने की कोशिश की गई है। सिद्धू इस वीडियो में अपने तेवर में 'आइ एम नोट फॉर सेल' बोलते हुए नज़र आ रहे हैं। इस वीडियो में गायक बी बराक की आवाज़ के साथ में सिद्धू के विभिन्न कार्यक्रमों में लिए गए भाग का क्लिप डला गया है। उन्हें धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में हिससा लेते हुए दिखाया गया है। एक शब्द में यह कहा जाए कि सिद्धू ने अपनी मेहनत और कुर्बानियों का ज़िक्र करते हुए विरोधियों को जवाब देने की कोशिश की है।

सिद्धू के पोस्ट पार्टी में बढ़ी हलचल
पंजाब के सियासी जानकारों की मानें तो आलाकमान ने नवजोत सिंह सिद्धू की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। सिद्धू चाहते थे कि उन्हें मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाया जाए लेकिन चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बना दिया गया। आलाकमान के इस फ़ैसले के बाद सियासी गलियारों में कई तरह की चर्चाएं हो रहीं थी। इसलिए नवजोत सिंह सिद्धू ने वीडियो के ज़रिए ख़ुद की मेहनत और क़ुर्बानी दिखाते हुए अपनी छवि बरक़रार रखने की कोशिश की है। वहीं दूसरी ओर पंजाब कांग्रेस के नेताओं में सिद्धू विरोधी खेमा खुद की सियासी ज़मीन मजबूत करने में जुटा हुआ है। सूत्रों की मानें तो नवजोत सिंह सिद्धू उन नेताओं की सूची निकाल रहे हैं जिन्होंने गुप चुप ढंग से आलाकमान से सिद्धू को मुख्यमंत्री चेहरा नहीं बनाने की वक़ालत की थी। कांग्रेस अगर चुनाव में जीत दर्ज करती है तो सबसे पहले नवजोत सिंह सिद्धू उन नेताओं को किनारा करने की रणनीति तैयार करेंगे जिनकी वजह से वह मुख्यमंत्री दावेदार बनते बनते रह गए।

चुनाव के नतीजे का इंतज़ार
पंजाब विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू अपना पत्ता खोलेंगे। सूत्रों की मानें तो चुनाव के बाद नवजोत सिंह सिद्धू को आलाकमान की तरफ़ से उचित सम्मान नहीं दिया गया तो वह अपने समर्थक और विधायकों के साथ कांग्रेस पार्टी का दामन छोड़ सकते हैं। नवजोत सिंह सिद्धू को पूरी उम्मीद थी कि आलाकमान की तरफ़ सीएम उम्मीदवार के तौर पर उनके नाम की घोषणा होगी लेकिन नहीं हुआ। आलाकमान के इस फ़ैसले को जनता के सामने नवजोत सिंह सिद्धू ने मान तो लिया लेकिन अंदरखाने वह चुनाव होने के बाद की रणनीति अभी से ही तैयार करने में जुट गए हैं। जो कि पंजाब कांग्रेस के लिए मुसीबतों का सबब बन सकी है।

सिद्धू विरोधी खेमे में बेचैनी
आपको बता दें कि सीएम उम्मीदवार के घोषणा होने के बाद नवजोत सिंह सिद्धू ने सार्वजनिक तौर पर यह बयान दिया था कि अगर पंजाब कांग्रेस में परिवारवाद को बढ़ावा दिया गया तो वह अपने पद से इस्तीफ़ा दे देंगे। उन्होंने कहा कि बहुत हो चुका ही विधायक के बेटे को चेयरमैनशिप दी गई अब कार्यकर्ताओं को पद दिया जाएगा। सिद्धू के इस बयान के बाद से ही सिद्धू विरोधी खेमे में बेचैनी बढ़ गई है। उन्होंने सियासी बिसात बिछाना शुरू कर दिया है ताकि सिद्धू उनकी मुश्किलें नहीं बढ़ा सकें। सभी नेताओं ने अभी से ही सिद्धू की सियासी चाल को मात देने के लिए प्लानिंग करनी शुरू कर दी है। फिलहाल सभी की निगाहे आगामी विधानसभा चुनाव पर टिकी हुई हैं। चुनाव के नतीजे के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि नवजोत सिंह सिद्धू अगला क़दम क्या होगा ?
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