पंजाब: कई डेरा प्रमुखों से मिल रहे पीएम मोदी और अमित शाह, क्या चुनाव में मिल पाएगा फ़ायदा ?
पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र डेरा प्रमुखों की भी अहम भुमिका रही है। यही वजह है कि सभी सियासी दल डेरा प्रेमियों को लुभाने की पुरज़ोर कोशिश कर रहे हैं।
चंडीगढ़, 15 फरवरी 2022। पंजाब विधानसभा चुनाव के मद्देनज़र डेरा प्रमुखों की भी अहम भुमिका रही है। यही वजह है कि सभी सियासी दल डेरा प्रेमियों को लुभाने की पुरज़ोर कोशिश कर रहे हैं। इसी कड़ी में मतदान से ठीक पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और अमित शाह पंजाब में डेरा प्रमुखों से मुलाक़ात कर रहे हैं। पीएम मोदी ने हाल ही में राधास्वामी ब्यास डेरा के प्रमुख बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों से मुलाकात की थी। वहीं दूसरी ओर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अमृतसर में अकाल तख्त जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह के साथ मुलाकात की थी। पीएम मोदी ने ट्वीटर पोस्ट के ज़रिए मुलाक़ात की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा था कि आज मुझे राधा स्वामी सत्संग ब्यास के बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों जी से मिलने का सौभाग्य मिला। दोनों के मुलाक़ात के कई सियासी मायने निकाले जा रहे हैं।

पंजाब की सियासत में डेरा प्रमुखों की अहम भूमिका
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राधा स्वामी सत्संग ब्यास की समाजसेवा पहल को सराहनीय बताया। आपको बता दें कि राधा स्वामी संप्रदाय सत्संग ब्यास ने कभी भी अपने समर्थकों को पार्टी विशेष के पक्ष में मतदान करने की अपील नहीं की है। वन इंडिया हिंदी से खास बातचीत में राधा स्वामी सत्संग ब्यास के समर्थक विजेंदर पाल ने बताया कि राधा स्वामी सत्संग की तरफ़ से सभी सियासी दलों का सम्मान किया जाता है। बाबा की तरफ़ से किसी भी पार्टी विशेष को मतदान करने की कोई भी बात नहीं कही गई है। बाबा का कहना है कि मतदान हर इंसान का निजी अधिकारी है, हर व्यक्ति स्वतंत्र है वह जिस दल को चाहे मतदान कर सकता है। आपको बता दे कि हाल ही में ब्यास मुख्यालय की तरफ़ से गुरिंदर सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में देशभर के राधा स्वामी सत्संग केंद्रों को सर्कुलर जारी किया गया था। जिसमे यह साफ तौर पर कहा गया था कि राधा स्वामी संप्रदाय सभी राजनीतिक दलों का सम्मान करता है, हमारे लिए सभी एक समान हैं। पूरे समाज की भलाई को ध्यान में रखते हुए हम सभी को मतदान करना चाहिए।

शाह ने की जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह से मुलाक़ात
अमृतसर दौरे के दौरान अमित शाह और जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह की बैठक में क्या बाते हुईं इस पर से अभी तक पर्दा नहीं उठ पाया है। मुलाक़ात के बाद श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह समते बैठक में मौजूद सभी लोगों को सिरोपा पहना कर सम्मानित भी किया था। आपको बता दे कि पूरे पंजाब में ब्यास स्थित राधा स्वामी डेरा का मजबूत आधार है। पंजाब के अलावा कई राज्यों समेत विदेशों में भी डेरा समर्थक मौजूद हैं। ग़ौरतलब है कि बाबा जैमल सिंह जी ने 1891 में डेरे की स्थापना की थी लेकिन आज तक यह डेरा सियासी दांव पेच से दूर ही रहा है। लाखों की तादाद में समर्थकों के होने के बावजूद इन डेरा समर्थकों ने कभी भी किसी पार्टी के पक्ष में प्रचार-प्रसार नहीं किया, उन्होंने चुपचाप अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया है।

डेरा समर्थकों को लुभाने की कोशिश
सियासी जानकारों की मानें तो डेरे का सियासी विंग काफी मजबूत है, किसी भी दल को खुलेआम समर्थन नहीं किया जाता है लेकिन डेरे के संगठन की तरफ़ से जमीनी स्तर पर संदेश ज़रूर पहुंचता है कि किस प्रत्याशी की मदद करनी है। ग़ौरतलब है कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष मोहिंदर सिंह केपी भी राधा स्वामी डेरा के समर्थकों में से एक हैं। चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब के मुख्यमंत्री बनने के बाद के बाद दो बार डेरा पर जाकर आशीर्वाद ले चुके हैं। इसके साथ ही शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता और पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया का भी डेरे में काफ़ी प्रभाव है। पंजाब की सियासत में डेरा समर्थकों के एक इशारे पर सियासी हवा का रुख़ बदल सकता है. यही वजह है कि सभी दलों के नेता डेरा समर्थकों को लुभाने की कोशिश कर रहे हैं। भाजपा की तरफ़ से ट्वीटर के जरिए पीएम मोदी की तस्वीर शेयर करना भी डेरा समर्थकों को लुभाने की कोशिश करने की तरफ़ इशारा कर रहा है।
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