OPINION: नेताओं के पाले बदलने पर आप पंजाब ने बदली रणनीति, सभी 13 सीटें होंगी झोली में
लोकसभा चुनाव से पहले पिछले महीने कई नेताओं ने पाले बदल लिए, इसके बाद पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) ने अपनी रणनीति बदल ली है। इसके बाद अब कोई भी नेता आसानी से पार्टी नहीं बदल सकते हैं। नई रणनीति के मुताबिक, आप का बाहरी उम्मीदवारों पर से विश्वास उठ गया है। उन्होंने बाहरी के बजाय अपने पुराने चेहरों को ही मैदान में उतारने का फैसला किया है।
लोकसभा चुनाव की बागडोर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान खुद संभाल रहे हैं। वे इस चुनाव के लिए खुद रणनीति तय करते हैं। वे 16 अप्रैल को लुधियाना और जालंधर के लिए अपने कैंडीडेट्स के नामों की घोषणा करेंगे। लोगों को मंगलवार को बेसब्री से इंतजार है।

पार्टी ने नामों का ऐलान करने के लिए कई बार सर्वे भी किया है। सर्वे में चार विधायकों पर भी विचार किया गया है। सीएम मान इन विधायकों पर भी मुहर लगा सकते हैं। बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि अगर पार्टी से जुड़े किसी पुराने चेहरे को लोकसभा मैदान में उतार दिया जाए तो जीत की राह आसान हो सकती है।
विधायकों ने भी अपने तरफ से स्पष्ट कर दिया है कि अगर पार्टी किसी मौजूदा विधायक को संसद में पहुंचाने के लिए लोकसभा टिकट देगी तो किसी को कोई ऐतराज नहीं होगा। सभी बढ़चढ़ कर पार्टी को जीत दिलवाने में दिन-रात एक कर देंगे।
जालंधर से सांसद रिंकू व विधायक शीतल अंगुराल के आप छोड़े जाने और भाजपा में शामिल होने के बाद आप हाईकमान इस बात पर सहमत हुआ है कि पार्टी नए की बजाय अपने पुराने पदाधिकारियों पर ही भरोसा जताए। इस फैसले से जहां पार्टी का पुराना वालंटियर विधानसभा चुनाव की तरह लोकसभा में भी आप को जीत दिलाने के लिए काम करेगा, वहीं बाहरी कैंडीडेट लाने से पार्टी के भीतर पैदा होने वाले विरोध से भी छुटकारा मिलेगा।
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