AAP Punjab: BJP के नक्शेकदम पर चलने को मजबूर 'आप', पंजाब में केजरीवाल एंड कंपनी के बदले रवैए के 5 संकेत!
AAP Punjab News: राजनीति बहुत ही अजीब चीज है। आम आदमी पार्टी (AAP) के संयोजक अरविंद केजरीवाल कभी सियासत की जिन गंदगियों को दूर करने के लिए राजनीति में आए थे, उनपर खुद उसी में शामिल होने के आरोप हैं। लेकिन, दिल्ली में जब बीजेपी से उनकी पार्टी को करारी हार मिली है तो पंजाब में वह वही रणनीति अपनाने लगी है, जो भाजपा की सरकारों की पहचान बन चुकी है।
दरअसल, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार ने ड्रग माफिया के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई शुरू कर दी है। इस तरह की कार्रवाई खास तौर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ या अन्य बीजेपी शासित सरकारों का ट्रेड मार्क है। 'आप' ने दिल्ली में करारी हार के बाद कैसे अपनी छवि बदलने की कोशिशें शुरू की हैं और कैसे पार्टी में एक डर की भावना पैदा हुई, उसे 5 संकेतों से समझा जा सकता है।

AAP Punjab: पंजाब के ड्रग माफिया के खिलाफ बुलडोजर एक्शन
2022 के चुनाव में पंजाब में सत्ता में आने के लिए केजरीवाल की पार्टी ने राज्य से ड्रग माफिया के सफाए को लेकर बहुत बड़ा वादा किया था। खुद अरविंद केजरीवाल के ऐसे वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं, जिसमें वह सत्ता संभालने के 6 महीने के भीतर पंजाब से इस समस्या को पूरी तरह से खत्म कर देने का दावा कर रहे हैं। लेकिन, विपक्षी दलों के आरोपों के मुताबिक पंजाब में आज यह समस्या कहीं और ज्यादा भयानक शक्ल अख्तियार कर चुकी है।
लेकिन,जब पार्टी दिल्ली हार गई है तो पंजाब पुलिस ने ड्रग माफियाओं के ठिकानों पर बुलडोजर चलाकर यह संदेश देने की कोशिश की है कि अब ऐसे गुनहगारों की खैर नहीं है।
AAP Punjab: भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कार्रवाई का अभियान
आम आदमी पार्टी (आप) भ्रष्टाचार के खिलाफ ही बनी थी, लेकिन यह खुद भ्रष्टाचार और घोटालों के आरोपों में बुरी तरह घिर गई। लेकिन, दिल्ली हारने के बाद पंजाब सरकार ने भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू की है और दावा किया जा रहा है कि वह इसपर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाएगी।
उदाहरण के तौर पर भगवंत मान की अगुवाई वाली आप सरकार ने सभी जिलों के उपायुक्तों को निर्देश दिए हैं कि वह ये सुनिश्चित करें कि एक भी सब-रजिस्ट्रार रिश्वतखोरी न करें। इन उपायुक्तों को सरकार की ओर से हिदायत दी गई है एक हफ्ते तक हर दिन किसी न किसी सब-रजिस्ट्रार की छानबीन करें।
AAP Punjab: 'अस्तित्वहीन' विभाग पर ताला लगाया
पंजाब सरकार ने हाल ही में प्रशासनिक सुधार विभाग (Department of Administrative Reforms) को खत्म कर दिया है। यह विभाग एनआरआई विभाग के मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल के जिम्मे था। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार धालीवाल 20 महीनों से एक ऐसा विभाग चला रहे थे, जो 'अस्तित्व में रहा ही नहीं।'
खुद धालीवाल ने यह सफाई दी है, 'उन्होंने विभाग खत्म कर दिया है। हम सब पंजाब को बचाने आए हैं। मेरे लिए, विभाग महत्वपूर्ण नहीं है, पंजाब महत्वपूर्ण है। (चाहे यह विभाग अस्तित्व में है या नहीं)हमारे लिए यह एजेंडा नहीं है।'
AAP Punjab: स्वतंत्र निर्णय लेने की छवि बनाने में जुटते दिख रहे हैं सीएम भगवंत मान
दिल्ली में सत्ता से बेदखल होने के बाद केजरीवाल ने तुरंत ही राष्ट्रीय राजधानी में पंजाब के मंत्रियों और विधायकों की आपात बैठक बुलाई। उसके बाद से ही पंजाब सरकार स्वतंत्र रूप से एक्शन मोड में दिख रही है। नहीं तो विपक्षी दलों की ओर से आरोप लगाए जाते थे कि भगवंत मान केजरीवाल के रिमोट कंट्रोल की तरह काम करते हैं।
उनपर पंजाब सरकार की मशीनरी का केजरीवाल और 'आप'के लिए इस्तेमाल करने के भी आरोप लगते रहे हैं। लेकिन, दिल्ली चुनाव के बाद पंजाब सरकार का रवैया बदला-बदला नजर आ रहा है।
AAP Punjab: आम आदमी पार्टी (AAP) में टूट की संभावनाओं के शुरू हुए दावे
दिल्ली में सरकार जाते ही पंजाब में आप की सरकार और पार्टी को लेकर तरह-तरह की अटकलबाजियां शुरू हैं। विपक्षी दलों की ओर से कभी दावा किया गया है कि भगवंत मान की जगह केजरीवाल पंजाब की कमान संभाल सकते हैं तो कभी 'मान'के ही ईमान बदलने की कयासबाजियां लगाई गई हैं।
सोमवार को ही पंजाब कांग्रेस के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने दावा किया है कि मंत्री समेत आप के 32 एमएलए पार्टी बदलने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह कहकर भी सनसनी मचाने की कोशिश की है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान भी बीजेपी के संपर्क में हैं। हालांकि, केजरीवाल की पार्टी ने इन दावों का खंडन किया है।












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