यूक्रेन में फंसे है पंजाब के 900 छात्र, अब तक सिर्फ़ 500 छात्रों की ही मिल पाई है जानकारी
यूक्रेन संकट की वजह से वहां कई भारतीय छात्र में फंसे हुए हैं। पंजाब में के क़रीब 900 छात्रों के भी यूक्रेन में फंसे होने की ख़बर आ रही है।
चंडीगढ़,04 मार्च 2022। यूक्रेन संकट की वजह से वहां कई भारतीय छात्र में फंसे हुए हैं। पंजाब में के क़रीब 900 छात्रों के भी यूक्रेन में फंसे होने की ख़बर आ रही है। लेकिन अभी तक सिर्फ़ पंजाब के 500 छात्रों की ही जानकारी मिल पाई है। बताया जा रहा है कि यूक्रेन में फंसे छात्रों का आंकड़ा 900 से भी ज्यादा हो सकता है क्योंकि पंजाब सरकार की तरफ़ से जो डाटाबेस तैयार किया गया है, वह कंट्रोल रूम तक पहुंच रहे छात्रों के परिजनों से मिल रही जानकारी पर तैयार किया जा रहा है। हेल्प डेस्क के अधिकारियों की मानें तो जिला प्रशासन के साथ शेयर किए गए डाटा को केंद्र सरकार के पास भेज दिया गया है, ताकि वहां फंसे छात्रों की सकुशल वतन वापसी करवाई जा सके।

भारत से पहुंचने वाली मदद का इंतजार
पंजाब के विभिन्न जिलों में स्थानीय प्रशासन यूक्रेन में फंसे छात्रों के परिजनों से जानकारी इकट्ठा कर डाटा तैयार कर रही है। इसी डाटाबेस को कंट्रोल रूम केंद्र सरकार को भेज रही है। अभी तक मिली जानकारी के मुताबिक पंजाब के विभिन्न ज़िलों से यह आंकड़े सामने आए हैं। कपूरथला जिले के 27 विद्यार्थी, इसी जिले के फगवाड़ा कस्बे से भी 7 विद्यार्थी, जालंधर जिले के 53 विद्यार्थी, फरीदकोट जिले के 12 विद्यार्थी भी यूक्रेन में फंसे हुए हैं। इनमें कोटकपूरा के 10, जैतो के एक और फरीदकोट के एक विद्यार्थी वहां फंसे हुए हैं। फरीदकोट ज़िले के 12 विद्यार्थियों में 3 विद्यार्थी यूक्रेन की राजधानी कीव में पढ़ते हैं, जबकि 9 विद्यार्थी यूक्रेन के विभीन्न शहरों में पढ़ाई कर रहे थे। सभी छात्रों को भारत से पहुंचने वाली मदद का इंतजार है। यूक्रेन से वतन वापस लौटी एक छात्रा ने अमृतसर जिले के डीसी को 52 विद्यार्थियों की सूची सौंपी है जो पंजाब के विभिन्न ज़िलों से ताल्लुक रखते हैं।
बच्चों की सुरक्षित वतन वापसी की मांग
नवांशहर जिले के डीसी विशेष सारांगल से मिली जानकारी के मुताबिक नवांशहर के 28 विद्यार्थी यूक्रेन में फंसे हैं। वहीं लुधियाना जिले के 38 विद्यार्थियों के यूक्रेन में फंसे होने की जानकारी मिल रही है। सभी विद्यार्थियों के परिजन लगातार कंट्रोल रूम से संपर्क कर अपने बच्चों की वतन वापसी की गुहार लगा रहे हैं। इसी कर्म में कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिख कर बच्चों की सुरक्षित वतन वापसी की मांग की है। उन्होंने पत्र में लिखा है कि विद्यार्थियों के दिल पसीजा देने वाले वीडियो सोशल मीडिया के ज़रिए देखने को मिल रहा है। यूक्रेन-पोलैंड बॉर्डर पर हमारे बच्चों के साथ बहुत बुरा सलूक किया जा रहा है। हमारे देश के हजारों बच्चे अभी तक यूक्रेन के अलग-अलग हिस्सों में फंसे हुए हैं। उनके पास यातायात के साधन नहीं हैं और वे कई दिन से भूखे-प्यासे भी हैं। सरकार जल्द से जल्द बच्चों की वतन वापसी करवाए।
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