भीमा-कोरेगांव: शौर्य दिवस पर पुलिस की पैनी नज़र, मिलिंद एकबोटे-सिंभाजी भिडे की एंट्री बैन
भीमा-कोरेगांव हिंसा का एक साल, पुख्ता सुरक्षा इंतजाम करने में जुटी महाराष्ट्र पुलिस
Maharashtra News, पुणे। महाराष्ट्र में हुई भीमा-कोरेगांव हिंसा की बरसी एवं शौर्य दिवस के अवसर पर पुलिस ने पुख्ता सुरक्षा व्यवस्थाएं की हैं। वहीं, मिलिंद एकबोटे और सिंभाजी भिडे की पुणे जिले में एंट्री बैन कर दी गई है। महाराष्ट्र पुलिस ने ऐसा कर भीम आर्मी शहर शाखा जिला प्रमुख दत्ता पोल की उस मांग को माना है, जिसमें मिलिंद एकबोटे व सिंभाजी भिडे को पुणे जिला सहित पांच जिलों में प्रतिबंधित किए जाने का जिक्र था।

फिर न हो हिंसा, इसलिए भीम आर्मी ने की ये मांग
भीमा-कोरेगांव में बीती 1 जनवरी को हिंसा हुई थी। अब शौर्य दिवस पर यहां लाखों नागरिक फिर आने वाले हैं। भीम आर्मी की ओर से कहा गया है कि मिलिंद एकबोटे और सिंभाजी भिडे को इस अभिवादन में नहीं आने दिया जाए। वहीं, भीम आर्मी अध्यक्ष चंद्रशेखर को मुंबई के होटल में नजर बंद किए जाने से जुड़ा वीडियो सामने आया है। यह वीडियो चंद्रशेखर ने ही अपलोड किया, जिसमें वह कह रहे हैं कि पुलिस उन्हें होटल मनाली से नहीं निकलने दे रही। उसका कहना है कि पुलिस ने उसे हाउस अरेस्ट कर रखा है, ताकि शनिवार को होने वाली रैली में न जा सकूं। बता दें कि, भीम आर्मी का दावा है कि चंद्रशेखर शनिवार यानी 30 दिसंबर को पुणे में होंगे। ऐसे में 25 दिसंबर से 5 जनवरी तक भिडे और एकबोटे को पुणे में नहीं आने दिया जाएगा।

क्यों लगी भिडे और एकबोटे पर रोक?
बता दें कि, हर साल 1 जनवरी को पुणे के भीमा-कोरेगांव में स्थित विजयस्तंभ के अभिवादन के लिए भारी संख्या में आंबेडकरी समाज जुटता है। बीते साल कुछ असामाजिक तत्वों ने इस कार्यक्रम में पथराव करा दिया था। इससे यहां हिंसा भड़क उठी। एक मौत भी हुई थी। हिंसा के पीछे हिंदू एकता आघाडी के मिलिंद एकबोटे और शिव प्रतिष्ठान हिंदुस्तान संगठन के मिलिंद एकबोटे का हाथ होने का आरोप लगाया था। तब उन्हें गिरफ्तार किया गया था।

11 ड्रोन और 500 सीसीटीवी से रहेगी निगरानी
इस बार पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और पुख्ता की है। जिसमें 11 ड्रोन कैमरे, 500 सीसीटीवी कैमरे, 100 वीडियो कैमरे और 35 पी.ए. एस सिस्टम की व्यवस्था की गई है। 50 छुपे कैमरों के जरिए वहां आने वालों पर नजर रखी जाएगी। यह जानकारी आईजी (विशेष पुलिस महा निरीक्षक) ने प्रेसवार्ता में दी।

इतने सिपाही और अधिकारियों की भी हुई तैनाती
साथ ही, शौर्य दिन को ध्यान में रखते हुए 1 पुलिस अधीक्षक, 8 अतिरिक्त अधीक्षक, 126 पुलिस निरीक्षक, 360 सहायक निरीक्षक/उप निरीक्षक, 5000 पुलिस कर्मचारियों, एस आर पी एफ की 12 कंपनी और 1200 होमगार्ड व 2000 स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं।












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