पुणे: सेना भर्ती में हिस्सा लेने पहुंचे 9 राज्यों से हजारों युवा, नहीं था खाना, कड़ाके की ठंड में गुरुद्वारे ने की मदद
पुणे में 96 पदों के लिए सेना भर्ती शुरु, 9 राज्यों से लोग पहुंचे, खुले में ही बिन खाने-पीने के कटीं रात
Maharashtra news, पुणे। महाराष्ट्र के पुणे में शुरू हुई बड़ी सेना भर्ती में देशभर से युवा पहुंच रहे हैं। इन भावी सैनिकों को ठंड में काफी समस्याएं झेलनी पड़ रही हैं। यहां किसी भी तरह की सुविधा नहीं मिलने की वजह से युवकों को कड़ाके की ठंड में ही सड़कों पर रात गुजारनी पड़ रही हैं। हडपसर के रेस कोर्स इलाके में चल रही भर्ती के लिए हजारों युवक जुटे, मगर न उनके पास खाने के इंतजाम थे न ही सोने के लिए कोई तंबू-टैंट की व्यवस्था। सरकार ने कोई इंतजाम नहीं किए। ऐसे में इलाके के गुरुद्वारे आगे आए और उन्होंने हरसंभव मदद की। खाने से लेकर कंबल और कपड़े तक की।

96 पदों के लिए शुरू हुई सेना भर्ती
पुणे के कैम्प मैदान में सेना की भर्ती चल रही हैं। इसके लिए 9 राज्यों और चार केंद्रित शासित क्षेत्रों से बड़ी संख्या में युवा पहुंचे हैं। इन युवाओं में अकाल पीड़ित मराठवाडा इलाके के युवकों की संख्या ज्यादा है। सेना की मराठा इन्फेंट्री एवं प्रादेशिक सेना की 101 इन्फेंट्री के लिए रेसकोर्स में यह भर्तियां हो रही हैं। 12 जनवरी तक भर्ती प्रकिया जारी रहेगी। यह भर्तियां 96 पदों के लिए निकाली गईं हैं।

कड़ाके की ठंड और बिना भोजन कटी रातें
हालांकि, दूर-दूर से आने के बावूजद इन युवाओं के लिए कोई भी सुविधा की व्यवस्था नहीं की गई थी। इसलिए जहां जगह मिली वहां हजारों युवक सड़क और फुटपाथ के ठंड में ठिठुरते नज़र आये। साथ ही सेना इलाके में कोई भी दुकान और रहने की सुविधा नहीं होने की वजह से खाने पीने के लाले पड़ गए।
गुरुद्वारे ने समझा दर्द, बांटे कंबल
युवाओं के पास रात में सोने के भी इंतजाम नहीं थे। ऐसे में जब अगली सुबह भर्ती होनी थी तो वे थके मादे और भूखे प्यासे ही रह जाते। युवाओं का यह दर्द सैन्य अधिकारियों और सरकार ने तो नहीं देखा लेकिन स्थानीय गुरुद्वारे और मंदिर आगे आए। छावनी क्षेत्र के गुरुद्वारा गुरु नानक दरबार की ओर से सैकड़ों युवाओं के लिए भोजन, पानी और सोने की व्यवस्था की गई।

खाने से लेकर पेन और कपड़ों तक का इंतजाम किया
गुरुद्वारा प्रबंधन से जुड़े राज सिंह के अनुसार, हमसे दर्द देखा नहीं गया। जो व्यवस्थाएं कर सकते हैं, वह सब कीं। सेना में भर्ती होकर देश सेवा की चाहत रखने वाले युवाओं के लिए चौबीसों घंटे मुफ्त भोजन और कपड़ों प्रदान करा रहे हैं। उस्मानाबाद जिले के तुलजापुर के 20 वर्षीय आशिक अली शेख का कहना था कि गुरुद्वारे की ओर से न सिर्फ खाना, बल्कि टी-शर्ट, कंबल, डायरी, पेन भी बांटे गए हैं। अली उन्हीं युवाओं में से एक थे, जो घुप्प अंधेरे में तृषित हो रात खत्म होने का इंतजार कर रहे थे और जिनके पास खाने को कुछ नहीं था। अली ने सिख समुदाय का आभार जताते हुए कहा कि ये गुरुद्वारे के लोग उनके लिए देवदूत जैसे हैं।

एक गुरुद्वारे द्वारा ही 5,000 से अधिक लोगों के लिए भोजन की व्यवस्था कर दी गई। गुरुद्वारा-प्रबंधन का कहना है कि उन्हें पहले से नहीं मालूम था कि बच्चों के लिए कुछ सुविधाएं नहीं होंगी, वरना और इंतजाम करते। अब आने वाले कल के लिए भी भारी मात्रा में राहत सामग्री मंगवाई गई है।












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