क्रिकेटर विवियन रिचर्ड्स के देश में ‘लुटेरे’ चोकसी के लिए घमासान

नई दिल्ली, 03 जून। विश्व के महान क्रिकेटर सर विवयन रिचर्ड्स के देश एंटीगुआ (एंटिगा) एंड बारबुडा में भारत के भगोड़े मेहुल चोकसी के कारण राजनीतिक घमासान मच गया है। अब इस बात पर भी बहस होने लगी है कि पैसा लेकर नागरिकता देने का प्रावधान कितना उचित है।

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पंजाब नेशनल बैंक में तेरह हजार करोड़ से अधिक का घोटला कर मेहुल चोकसी भारत से एंटीगुआ एंड बारबुडा भाग गया। उसने एंटीगुआ में दो लाख डालर खर्च कर वहां की नागरिकता हासिल कर ली। जाहिर है उसने इतने बड़े घोटाले से खुद को बचाने के लिए ऐसा किया। भारत उसके प्रत्यर्पण के लिए लगातार कोशिशें कर रहा था। संयोग से जब मेहुल डोमिनिका में गिरफ्तार हुआ तो उसके भारत लाने की उम्मीदें बढ़ गयी। डोमिनिक हाईकोर्ट ने इसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी है। उसके प्रत्यर्पण के संबंध में कोर्ट आज फैसला सुनाएगा। आरोप है कि मेहुल चोकसी गर्लफ्रैंड के चक्कर में पासपोर्ट के बिना ही एंटीगुआ से डोमिनिका आ गया था। हालांकि उसके वकील ने अपहरण का आरोप लगाया है। डोमिनिका ने उसे अवैध प्रवेश के आरोप में गिरफ्तार किया है। फिलहाल चोकसी को लेकर डोमिनिका में कानूनी लड़ाई जारी है।

चोकसी के कारण एंटीगुआ में राजनीतिक घमासान

चोकसी के कारण एंटीगुआ में राजनीतिक घमासान

एंटीगुआ (एंटिगा) एंड बारमुडा के प्रधानमंत्री गेस्टन ब्राउन ने विपक्षी दल यूनाइटेड प्रोग्रेसिव पार्टी पर गंभीर आरोप लगाया है। ब्राउन के मुताबिक, यूपीपी ने मेहुल चौकसी से चुनावी फंड लेने के एवज में उसे बचाने का वायदा किया है। इस तरह विव रिचर्ड्स के देश में चौकसी के चलते सरकार और विपक्ष के बीच तीखी लड़ाई शुरू हो गयी है। कैरिबियन न्यूज वेबसाइट एसोसिएटेड टाइम्स के मुताबिक, मेहुल चोकसी के भाई चेतन चौकसी ने मदद हासिल करने के मकसद से विपक्षी दल यूपीपी के नेता लेनोक्स लिंटन को दो लाख अमेरिकी डॉलर दिये हैं। हालांकि इस खबर की पुष्टि नहीं हो पायी है। एसोसिएटेड टाइम्स के मुताबिक, जब बुधवार को डोमिनिका हाईकोर्ट में चोकसी के बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर सुनवाई चल रही थी उस समय कोर्टरूम के अंदर चेतन चोकसी और लेनोक्स लिंटन को एक साथ देखा गया था। इससे पता चलता है दोनों में जान पहचान है। एंटीगुआ के नेता प्रतिपक्ष लेनोक्स लिंटन ने मेहुल चौकसी के डोमिनका जाने और गिरफ्तार होने की घटना की जांच कराये जाने की मांग की है। उनका कहना है कि मेहुल की गिरफ्तारी न्यायसंगत नहीं है। लिंटन ने ब्राउन सरकार पर आरोप लगाया है कि वह भारत सरकार के दवाब में काम कर रही है। प्रधानमंत्री गेस्टन ब्राउन ने डोमिनिका सरकार से कहा है कि वह न्यायिक प्रक्रिया पूरा कर मेहुल चौकसी को भारत को प्रत्यार्पित कर दे। जब कि विपक्षी नेता लिंटन, चोकसी को एंटीगुआ लाये जाने की मांग कर रहे हैं।

क्रिकेट के लिए मशहूर देश में चोकसी का चक्कर

क्रिकेट के लिए मशहूर देश में चोकसी का चक्कर

कैरिबियन सागर, अटलांटिक (अंध) महासागर के मध्य पश्चिमी भाग में अवस्थित है। कैरिबियन सागर में कई छोटे-छोटे द्वीप या द्वीप समूह हैं जो एक संप्रभु और स्वतंत्र देश हैं। इन छोटे देशों को क्रिकेट के खेल से बड़ी पहचान मिली है। कैरिबियन सागर के 10 स्वतंत्र देशों का एक क्रिकेट बोर्ड है जिसे वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड के नाम से जाना जाता है। इस क्रिकेट बोर्ड में शामिल होने वाले देश हैं- एंटीगुआ एंड बारबुडा, बारबाडोस, डोमिनिका, ग्रेनाडा, गुयाना, जमैका, ट्रिनिदाद एंड टौबैगो, सेंट किट्स एंड नेविस, सेंट लुसिया और सेंट विंसेंट एंड ग्रेनेडाइंस। इसके अलावा ब्रिटेन, नीदरलैंड और अमेरिका की कुछ ओवरसीज टेरेटरी भी इसमें शामिल हैं। एंटीगुआ एंड बारबुडा और डोमिनिका स्वतंत्र देश हैं और वेस्टइंडीज क्रिकेट बोर्ड का हिस्सा हैं। ये दोनों देश वैसे तो क्रिकेट के लिए मशहूर रहे हैं लेकिन अभी मेहुल चौकसी के चलते चर्चा में हैं। विश्व के महानतम बल्लेबाजों में शुमार सर विवयन रिचर्ड्स एंटीगुआ के ही रहने वाले हैं। महान तेज गेंदबाज कर्टली एम्ब्रोज भी इसी देश के निवासी हैं। दूसरी तरफ वेस्टइंडीज के पूर्व तेज गेंदबाज शेन शिलिंगफोर्ड का संबंध डोमिनिका से है।

पूंजीनिवेश के लिए नागरिकता बेचते हैं ये देश

पूंजीनिवेश के लिए नागरिकता बेचते हैं ये देश

एंटीगुआ एंड बारबुडा की आबादी 97 हजार तो डोमिनिका की आबादी करीब 72 हजार है। दोनों ही बेहद छोटे देश हैं। अगर कहें तो बिहार के बक्सर शहर से भी कम आबादी है इन दोनों देशों की। कैरिबियन सागर के ये छोटे देश अपनी अर्थ व्यवस्था को बढ़ाने के लिए पैसा लेकर नागरिकता देते हैं। इसे सिटिजन बाय इन्वेस्टमेंट पोलिसी के नाम से जाना जाता है। मतलब देश की आर्थिक तरक्की के लिए नागरिकता की बिक्री की जाती है। कैरिबियन देश सेंट किट्स एंट नेविस ने तो नागरिकता बेच कर अपने को कर्जमुक्त कर लिया। एंटीगुआ में दो लाख अमेरिकी डालर निवेश कर कोई भी वहां का नागरिक बन सकता है। डोमिनिका में पचास हजार से एक लाख डॉलर तक निवेश कर वहां की नागरिकता हासिल की जा सकती है। इस योजना का फायदा वैसे लोग भी उठा लेते हैं जो हवाला कारोबार से, मनी लॉन्डरिंग से या घोटला से बेहिसाब पैसा कमाते हैं। एंटीगुआ में ऐसी नागरिकता लेने वालों को टैक्स में छूट भी मिलती है। इस नागरिकता के लिए शर्त ये है कि ऐसे लोगों को अपने मूल देश से चरित्र प्रमाण पत्र देना होगा। ताकि यह पता चल सके कि संबंधित व्यक्ति पर कोई आपराधिक या धोखाधड़ी का मुकदमा तो नहीं है। अब सवाल ये है कि मेहुल चोकसी ने कैसे भले मानस होने का प्रमाणपत्र बवना लिया ? क्या घोटला से पहले ही उसने इसका इंतजाम कर लिया था ? एंटीगुआ के साथ भारत की प्रत्यर्पण संधि नहीं होने के कारण चोकसी की भारत वापसी में पेंच फंसा हुआ था। चोकसी की गिरफ्तारी डोमिनिका में हुई है। अब डोमिनिका हाईकोर्ट के फैसले के बाद ही पता चलेगा कि मेहुल चोकसी को भारत लाना संभव होगा या नहीं।

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