शर्मनाक! बेटे को नहीं दिया जन्म तो निकाला घर से बाहर
नालंदा। समाज बात करता है कि लड़का-लड़की या बेटा और बेटी एक समान हैं। परंतु जब उनके अस्तित्व को स्वीकारने की बात आती है तो वह बेटे का ही चुनाव करते है, ऐसा क्यों? हर औरत की कहानी उसके सपनों से शुरु होती है और सपनों पर ही खत्म होती है। बचपन से ही इतने सपने दिखाए जाते हैं कि उन्हें सपनों की आदत पड़ जाती है। ऐसा ही कुछ वाक्या नालंदा में देखने को मिला। यहां एक माँ को ससुराल से इसलिए निकाल दिया क्योंकि उसने एक बेटी को जन्म दिया।

घटना हिलसा थाना अंतर्गत बनवारीपुर गांव की है। पीड़िता विद्यापुरी मोहल्ला निवासी विनेश्वर प्रसाद की पुत्री सरिता देवी ने पति कुंदन कुमार व सास-ससुर को आरोपित कर घटना की प्राथमिकी थाने में दर्ज कराई है। जानकारी के मुताबिक पांच वर्ष पूर्व सरिता की शादी हुई थी। शादी के बाद उसने तीन बच्ची को जन्म दिया। पुत्र नहीं होने पर ससुराल वाले महिला को प्रताड़ित करने लगें और दहेज में 50 हजार रुपया व बाइक की मांग करने लगे।
मांग पूरी नहीं होने पर महिला को घर से निकालने की धमकी दी जा रही थी। महिला के पिता ने जब मांग पूरी करने में असमर्थता जतायी तो महिला को घर से निकाल दिया गया। महिला के पिता जब ससुराल जाकर दामाद को समझाने का प्रयास किया तो उनके साथ भी बदसलूकी की गई। मामला दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई है। आज भी समाज चाहे जितनी भी बड़ी बात कर ले लेकिन बेटी आज भी अपनी बजूद के लिए जद्दोजहद कर रही है।












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