किसके कहने पर अपनी पत्नी रेचल का नाम बदलकर किया राजश्री, तेजस्वी यादव ने किया खुलासा
पटना। लालू यादव के बेटे व राजद के राजनीतिक वारिस तेजस्वी यादव नवविवाहित पत्नी के साथ दिल्ली से पटना आ पहुंचे। यहां बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी (तेजस्वी की मां), प्रदेश राजद अध्यक्ष जगदानंद समेत भारी संख्या में जुटे समर्थकों ने एयरपोर्ट पर ढोल नगाड़ों के साथ उनका स्वागत किया। फूलों से सजी फॉर्चुनर गाड़ी पर बैठे तेजस्वी और लाल साड़ी में खूबसूरत दिख रही दुल्हन राजश्री ने वहां उपस्थित लोगों को हाथ जोड़कर प्रणाम किया। दोनों सोमवार की रात 8.30 बजे दिल्ली से पटना एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से समर्थकों के हुजूम के बीच उनकी गाड़ी राबड़ी आवास 10 सर्कुलर रोड पहुंची। नई-नवेली दुल्हन (नववधू) के स्वागत के लिए उनके आवास को फूलों से सजाया गया।
Recommended Video

तेजस्वी यादव ने अपनी शादी से जुड़े खुलासे किए
इस दौरान पत्रकारों से बात करते हुए, लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव ने अपनी शादी से जुड़ी दिलचस्प बातें शेयर कीं। तेजस्वी यादव ने कहा कि, 'राजश्री से लंबे समय से हमारी दोस्ती थी। पिताजी ने पूछा कि तुम्हारी पसंद की कोई लड़की हो तो बताओ, नहीं तो हम ढूंढ़ेंगे। मैंने उन्हें राजश्री के बारे में बताया और वे राजी हो गए। वैसे, उन्हें पहले से इसके संकेत थे। बीच में बिहार विधानसभा का चुनाव आ गया। फिर, कोरोनाकाल आ गया। अब जाकर, हमारी शादी हुई है।"

पिता क्यों नहीं हुए शादी में शामिल, दिया इसका जवाब
पिता के शादी में शामिल नहीं होने पर तेजस्वी ने कहा, "दिल्ली में शादी के समय पापा जी हमलोगों के साथ नहीं थे। उनकी तबीयत ठीक नहीं थी। यह पूछने पर कि राजश्री के बारे में लालू जी की क्या राय थी? तेजस्वी बोले- उनका यही कहना था कि जहां बच्चे खुश रहे। वैसे भी हमलोग समाजवादी हैं। भेदभाव नहीं करते।" तेजस्वी ने कहा-मेरा जीवन बहुत चैलेंजिंग रहा है और हमेश राजश्री का सपोर्ट रहा है। तेजस्वी ने बताया कि, उनकी पत्नी ने स्वेच्छा से एक वैकल्पिक नाम- राज्यश्री चुना है, क्योंकि बिहार में लोगों के लिए इसका उच्चारण करना आसान होगा।

सबसे बड़े सियासी घराने की शादी का आयोजन छोटा क्यों
बिहार के सबसे बड़े राजनीतिक घराने की शादी छोटे आयोजन में कैसे निपट गई, यह पूछने पर पत्रकारों से बात करते हुए, उन्होंने खुलासा किया कि, हमने सोच-समझकर ही इस आयोजन को छोटा रखने का फैसला किया, ताकि दोनों परिवारों को एक-दूसरे को समझने और बतियाने के लिए पर्याप्त जगह मिल सके।

अब बिहारियों को जल्द देंगे शादी की दावत
तेजस्वी बिहार के नेता प्रतिपक्ष भी हैं और आज तेजस्वी प्रसाद यादव ने अपनी शादी का भोज कराने के लिए नई तारीख निकलवाने की बात कही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही बिहार में एक रिसेप्शन की योजना बनाई जाएगी, और परिवार अगले दो से तीन दिनों में तारीख को अंतिम रूप देगा। उन्होंने कहा कि इसमें समय लग रहा है क्योंकि उन्हें एक उपयुक्त स्थान का फैसला करना है, जो बड़ी संख्या में मेहमानों की मेजबानी कर सके।

लालू यादव ने ही सुझाया था राज्यश्री नाम
अपने बड़े भाई तेजप्रताप यादव की शादी की एक घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें इस तरह की दुर्घटनाओं से बचने के लिए पूरी सावधानी बरतने की जरूरत है, क्योंकि लालू यादव से प्यार करने वाले लाखों लोग अपनी बहू का स्वागत करने के लिए उत्सुक हैं। इसी दौरान मीडिया से बात करते हुए, यादव ने यह भी कहा कि उनकी पत्नी ने स्वेच्छा से एक वैकल्पिक नाम, राज्यश्री चुना है, क्योंकि बिहार में लोगों के लिए उच्चारण करना आसान होगा। उन्होंने कहा, "यह नाम मेरे पिता ने सुझाया था।"

9 दिसंबर को लिए थे दिल्ली में 7 फेरे
तेजस्वी ने दिल्ली में 9 दिसंबर को राहेल गोडिन्हो से शादी की। 32 वर्षीय तेजस्वी, शादी करने वाले नौ भाई-बहनों में आखिरी हैं। वह राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के युवा नेता हैं, और राजद प्रमुख लालू यादव के छोटे बेटे होने के साथ राजद के राजनीतिक उत्तराधिकारी भी हैं। उन्होंने अपने मामा साधु यादव से जुड़े एक कमेंट का उत्तर देते हुए कहा कि, उन्होंने यादव जाति के बजाय एक ईसाई महिला से शादी की, जो उनके सभी भाई-बहनों ने किया है।

अखिलेश यादव भी हुए थे शादी में शरीक
प्रधानमंत्री मोदी को न्यौते के विषय पर उन्होंने कहा, "अगर प्रधानमंत्री और अन्य बड़े नेता हमारी शादी में शामिल होते, तो हम बहुत सी चीजों के प्रबंधन में लगे होते और परिवारों के पास एक-दूसरे के साथ समय नहीं होता।" ऐसे में 50 करीबी दोस्त और परिवार के लोग ही शामिल हुए। आने वाले मेहमानों में समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव भी शामिल थे।












Click it and Unblock the Notifications