बाढ़ में फंसी गर्भवती महिला को हुआ लेबर पेन, इलाज के अभाव में तोड़ा दम
कैमूर। बिहार के कैमूर जिले में बाढ़ के पानी में फंसी एक गर्भवती महिला ने इलाज के आभाव में तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। गर्भवती महिला चीखती-चिल्लाती रही रही, लेकिन चाहकर भी कोई उसकी मदद नहीं कर सका। घटना जिले के नुआव प्रखंड के पजराव गांव की है।

बाढ़ से बिहार में भारी तबाही
बिहार में बारिश के बाद आई बाढ़ से भारी तबाही हो चुकी है। 42 लोगों की मौत हो चुकी है, करीब एक दर्जन लोग घायल हैं। पटना, भागलपुर, भोजपुर, नवादा, नालंदा, खगडिय़ा, समस्तीपुर, लखीसराय, बेगूसराय, वैशाली, बक्सर, कटिहार, जहानाबाद, अरवल और दरभंगा मुख्य रूप से प्रभावित हुए हैं। पीड़ितों को राहत पहुंचाने के लिए प्रशासन भले ही पूरी ताकत से लगा हो, लेकिन तीन दिन बाद भी स्थितियां जस की तस बनी हुई हैं। सबसे बुरी स्थिति भागलपुर और पटना की बताई जा रही है। भागलपुर के 265 गांव बाढ़ की चपेट में हैं। पटना नगर के जल-जमाव वाले इलाकों में तो अब महामारी का खतरा मंडराता दिख रहा है।

बाढ़ के पानी में फंसी गर्भवती महिला की मौत
कैमूर के नुआव प्रखंड के पजराव गांव में बाढ़ के पानी में फंसी एक गर्भवती महिला ने इलाज के आभाव में तड़प-तड़प कर दम तोड़ दिया। घरवालों ने भी महिला की मदद करने की काफी कोशिश की, लेकिन रात में कोई सुविधा नहीं होने की वजह से उसकी मौत हो गई। महिला के पति डब्लू चौधरी ने बताया कि बारिश में उनका गांव डूब गया था। उसी समय उनकी पत्नी की डिलीवरी होने वाली थी। रात को कई बार स्थानीय प्रशासन को फोन किया गया, लेकिन कोई मदद नहीं मिल सकी और उसकी पत्नी की मौत हो गई।

क्या कहते हैं जिम्मेदार?
दैनिक जागरण के मुताबिक, इस मामले में जब नुआव प्रखंड के अंचलाधिकारी राज किशोर शर्मा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच कराई जाएगी और अगर कोई प्रावधान होगा तो मुआवजा दिया जाएगा। सीओ ने इस मामले में प्रशासनिक स्तर पर किसी भी चूक से इनकार किया है।












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