रिटायर्ड आईएएस मनोज कुमार श्रीवास्तव का कारोना संक्रमण से निधन, मुख्यमंत्री नीतीश ने जताया शोक
पटना। बिहार में कोरोना वायरस संक्रमण के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, प्रदेश में पिछले 24 घंटों में 3906 नए मरीज मिले हैं। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, गुरुवार को 92,414 सैंपल्स की जांच की गई। बिहार में अभी 33916 मरीज ऐसे हैं जिनमें यह वायरस एक्टिव है। गुरुवार को इस महामारी ने दस लोगों की जान ले ली। मृतकों में रिटायर्ड आईएस अफसर भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने उनके निधन पर शोक जताया है। आईएएस एसोसिएशन ने भी उनको याद करते हुए श्रद्धांजलि दी।

कोरोना से जूझ रहे थे रिटायर्ड आईएएस
65 वर्षीय मनोज कुमार श्रीवास्तव 1980 बैच के आईएएस अफसर थे। वे पिछले कई दिनों से कोरोना वायरस के संक्रमण से लड़ रहे थे। गुरुवार को पटना एम्स में इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। 1980 बैच के आईएएस मनोज कुमार श्रीवास्तव बिहार कैडर से थे। अपने करियर में उन्होंने एसडीएम से लेकर प्रिंसिपल सेक्रेटरी पद तक की जिम्मेदारी संभाली थी। 2016 में वे रिटायर हुए थे। गुरुवार को प्रदेश में दस कोरोना मरीजों की मौत हुई। प्रदेश में मृतकों की संख्या 484 हो चुकी है। मनोज कुमार श्रीवास्तव के निधन पर शोक जताते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि उन्होंने कई विभागों के पदों पर जिम्मेदारी और कर्तव्यनिष्ठा के साथ काम किया। वो कुशल प्रशासक और संवेदनशील अधिकारी थे।
आईएएस एसोसिएशन ने दी श्रद्धांजलि
मनोज कुमार श्रीवास्तव के निधन पर आईएएस एसोसिएशन ने श्रद्धांजलि दी और कहा कि प्रशासनिक कुशलता के साथ-साथ वे अपने जनसरोकारों के लिए याद किए जाएंगे। समेकित ग्रामीण विकास योजना में मनोज कुमार श्रीवास्तव के योगदान की प्रशंसा मनमोहन सिंह ने की थी जब वे योजना आयोग के उपाध्यक्ष थे। यूनिसेफ के साथ मिलकर बिहार में शिक्षा परियोजना को जमीन पर उतारने का क्रेडिट उनको ही दिया जाता है। वे बिहार डिजास्टर मैनेजमेंट डिपार्टमेंट के फाउंडर सेक्रेटरी रहे थे। उनको प्रशासनिक गलियारे में चलता-फिरता एंसाइक्लोपीडिया कहा जाता था। उन्होंने अमेरिका के मैसाच्युसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी से पढ़ाई की थी। वे पहले प्रयास में आईपीएस में बने थे, फिर आईएएस बने थे।












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