बिहार में फिलहाल नहीं बनेगा कोई बड़ा स्टेडियम
नई दिल्ली(विवेक शुक्ला) केन्द्र सरकार की बिहार में अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल स्टेडियम और खेल परिसर का निर्माण करने की कई योजना नहीं है। पर जम्मू-कश्मीर में खेल के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर सुविधाओं के विकास का प्रस्ताव है। लेकिन अभी यह संकल्पना के चरण में है और इस संबंध में कोई ब्योरा देना संभव नहीं है।

युवा कार्यक्रम और खेल राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) सर्बानंद सोनोवाल ने कहा है कि सरकार नई खेल नीति नहीं लाएगी। उन्होंने कहा कि मौजूदा खेल नीति में ही खेलों में व्यापक भागीदारी और खेलों में उत्कृष्टता को बढ़ावा देने के पर्याप्त प्रावधान है इसलिए नई खेल नीति लाने या मौजूदा नीति में संशोधन का कोई सवाल नहीं है।
रखरखाव करता है
उन्होंने कहा कि खेल राज्यों का विषय है। केंद्र सरकार राज्यों की ओर से संचालित स्टेडियमों का कोई ब्योरा नहीं रखती है। हालांकि खेल मंत्रालय के तहत काम करने वाला स्वायत्त निकाय भारतीय खेल प्राधिकरण जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम, मेजर ध्यान चंद नेशनल स्टेडियम, इंदिरा गांधी स्टेडियम, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी स्वीमिंग पूल कॉम्पलेक्स और डॉक्टर कर्णी सिंह शूटिंग रेंज का रखरखाव करता है।
पांचों स्टेडियमों का इस्तेमाल
श्री सोनोवाल ने बताया कि भारतीय खेल प्राधिकरण के कार्यक्रमों के संचालन के लिए पांचों स्टेडियमों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इनमें प्राधिकरण के सामुदायिक संबंध, आइए और खेलिये, राष्ट्रीय कोचिंग शिविर और खेल प्रतियोगिता कार्यक्रमों का आयोजन होता है। इनका गैर खेल आयोजन जैसे सांस्कृतिक कार्यक्रमों, संगोष्ठी, बहालियों के लिए प्रतियोगिता आयोजित करने में भी इस्तेमाल होता है।
राजीव गांधी खेल अभियान
श्री सोनोवाल ने राजीव गांधी खेल अभियान की जानकारी देते हुए कहा कि केंद्र सरकार इसे चला रही है। इसके प्रस्ताव के तहत बिहार राज्य समेत देश के प्रत्येक ब्लॉक में आउटडोर और इंडोर खेल विधाओं के लिए 80 लाख रुपये प्रत्येक की लागत ( कुल 1.60 करोड़ रुपये) से (आउटडोर खेल मैदान और इंडोर खेल हॉल को शामिल कर) एक खेल परिसर का निर्माण किया जाएगा।












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