निर्धन मुसलमान कन्या सादमा खानम पर बिहार करता नाज
[विवेक शुक्ला] बिहार में इंटर आर्ट्स में बिहार टॉप करने वाली सादमा खानम की हर जगह बात हो रही है। एक निर्धन मुस्लिम परिवार की इस लड़की ने गजब कर दिया। उसने इंटर आर्ट्स की परीक्षा में पहला स्थान लिया। सादमा बेगूसराय के खम्मार के सीएबीएस कालेज की छात्रा है। उसके पिता बहुत छोटे से किसान हैं। उसने 82 पर्सेट अंक हासिल किये। दूसरा स्थान सीतामढ़ी की रूपी कुमारी को मिला।

रिजल्ट किया घोषित
बिहार बोर्ड ने वर्ष 2015 के इंटर आर्ट्स परीक्षा का रिजल्ट जारी कर इंटरमीडिएट परीक्षा के सभी परिणामों की घोषणा कर दी।
सादमा उदाहरण बनीं
बेगुसराय की खानम का संबंध गांव लडुआरा की है। घर-समाज-गांव-जिले का नाम रोशन करने वाली सादमा बच्चियों के लिए मिसाल बनीं हैं। वह बेटियों की पढ़ाई से समझौता करने वाले डरपोक मां-बाप के लिए भी एक नसीहत की तरह उभरी है।
दरअसल इंटरआर्ट्स के रिजल्ट में छात्राओं ने अपने प्रदर्शन से सबका दिल जीता। इंटर आर्ट्स रिजल्ट में तीन फीसदी का इजाफा हुआ है। इस वर्ष 86.47 फीसदी परीक्षार्थियों को सफलता मिली । बिहार से संबंध रखने वाले पत्रकार कृपा शंकर ने कहा कि खानम की कामयाबी के चलते अब और मुसलमान परिवार अपनी लड़कियों को सरकारी और दूसरे स्कूलों में भेजेगे।
बिहार में मुस्लिम परिवारों में लड़कियों को स्कूल न भेजने का चलन है। इसके चलते लड़कियों को स्वावलंबी बनने के अवसर नहीं मिल पाते। खानम के करीबियों ने बताया कि अब उसकी इच्छा दिल्ली जाकर पढ़ने की है।












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