JPMorgan केस में नया मोड़, महिला बॉस पर आरोप लगाने वाला शख्स खुद फंसा! AI चैटबॉट ने खोल दी पोल
JPMorgan Controversy: जेपी मॉर्गन जैसी दिग्गज कंपनी इन दिनों एक हाई-प्रोफाइल कानूनी विवाद के कारण चर्चा में है। कंपनी की सीनियर एग्जीक्यूटिव लोर्ना हाजदिनी पर एक पूर्व जूनियर कर्मचारी, चिरायु राणा ने यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं।
हालांकि, इस मामले ने तब नया मोड़ ले लिया जब जांच में पता चला कि राणा ने औपचारिक शिकायत दर्ज करने से पहले एक AI कानूनी चैटबॉट से सलाह ली थी। अब इस चैटबॉट की बातचीत के आधार पर शिकायतकर्ता की दावों की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं।

AI Chatbot Legal Advice: क्या है पूरा विवाद?
भारतीय मूल के चिरायु राणा ने 2024 में जेपी मॉर्गन की टीम जॉइन की थी। नौकरी छोड़ने के बाद उन्होंने एक सीनियर महिला अधिकारी पर यौन उत्पीड़न, जबरदस्ती और कार्यस्थल पर भेदभाव के आरोप लगाते हुए मुकदमा दायर किया। राणा का दावा है कि उनके साथ गलत व्यवहार हुआ और जब उन्होंने आवाज उठाने की कोशिश की, तो उनके खिलाफ प्रतिशोध की कार्रवाई की गई। इस खुलासे के बाद जेपी मॉर्गन ने आंतरिक जांच शुरू कर दी है।
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AI चैटबॉट की भूमिका
जांचकर्ताओं को पता चला कि राणा ने 'AskALawyerOnCall.com' नामक प्लेटफॉर्म पर एक कानूनी चैटबॉट से बात की थी। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2020 में हुई इस बातचीत में उन्होंने अपने पुराने कार्यस्थल (मॉर्गन स्टेनली) के बारे में ऐसी ही शिकायतें की थीं। उन्होंने चैटबॉट से पूछा था कि क्या उनका मामला कानूनी रूप से मजबूत है। इस पुरानी चैट के सामने आने से अब जांच का दायरा बदल गया है और केस में नया ट्विस्ट आ गया है।
Sexual Harassment Allegations: बयानों में विरोधाभास
सबसे ज्यादा ध्यान खींचने वाली बात यह है कि 2020 की चैट में राणा ने आरोपी को 'पुरुष' (He) कहकर संबोधित किया था और आरोप लगाया था कि उनके बॉस ने उन्हें ड्रग्स लेने पर मजबूर किया। लेकिन वर्तमान केस में उन्होंने यही आरोप एक 'महिला' अधिकारी पर लगाए हैं। आरोपों में लिंग (Gender) का यह बदलाव और मिलती-जुलती कहानियां जांचकर्ताओं को उलझा रही हैं, जिससे राणा के दावों पर संदेह पैदा हो रहा है।
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जांच का वर्तमान स्टेटस
फिलहाल, जेपी मॉर्गन ने इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच की, लेकिन उन्हें अब तक राणा के दावों के समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं। दूसरी ओर, सोशल मीडिया पर इस बात की चर्चा तेज है कि क्या राणा का पुराना रिकॉर्ड उनके वर्तमान केस को कमजोर कर देगा। कानूनी विशेषज्ञ भी अब इस बात पर नजर बनाए हुए हैं कि एआई चैटबॉट के साथ हुई निजी बातचीत कोर्ट में कितनी मान्य होगी।












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